भागलपुर-Pulwama attack में शहीद हुए जवान के पिता आतंकी हमजा के मारे जाने की खबर सुनकर भावुक हो गए। बेटे की तस्वीर हाथ में लेकर उनकी आंखों से आंसू निकल पड़े।
उन्होंने कहा, “आतंकी हमजा मारा गया, यह अच्छा हुआ… लेकिन मेरा बेटा अब वापस नहीं आएगा।” यह कहते हुए शहीद के पिता की आवाज भर्रा गई।
शहीद परिवार का दर्द एक बार फिर ताजा हो गया। उन्होंने कहा कि देश के दुश्मनों को खत्म करना जरूरी है ताकि किसी और परिवार को ऐसा दुख न सहना पड़े।
भारतीय सेना और सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई की सराहना करते हुए पिता ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लगातार जारी रहनी चाहिए।
Pulwama attack देश के सबसे बड़े आतंकी हमलों में से एक माना जाता है। इस हमले में कई जवान शहीद हुए थे, जिसके बाद पूरे देश में आक्रोश फैल गया था।
शहीद के पिता ने कहा कि जब भी आतंकवादियों के मारे जाने की खबर आती है तो उन्हें अपने बेटे की याद और ज्यादा सताने लगती है। परिवार आज भी उस दर्द से पूरी तरह बाहर नहीं निकल पाया है।
स्थानीय लोग और आसपास के ग्रामीण भी शहीद परिवार के घर पहुंचे और उन्हें ढांढस बंधाया। कई लोगों ने कहा कि देश हमेशा शहीदों का ऋणी रहेगा।
सोशल मीडिया पर भी शहीद पिता का बयान तेजी से वायरल हो रहा है। लोग उनकी भावनाओं को साझा करते हुए आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि आतंकवाद का सबसे बड़ा दर्द उन परिवारों को झेलना पड़ता है जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया होता है। किसी भी सैन्य कार्रवाई के बाद भी उनका व्यक्तिगत नुकसान कभी पूरा नहीं हो पाता।
भारतीय सेना के जवान लगातार आतंकवाद विरोधी अभियानों में जुटे हुए हैं। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि देश की सुरक्षा के लिए हर स्तर पर कार्रवाई जारी रहेगी।
फिलहाल शहीद के पिता का भावुक बयान लोगों के दिलों को छू रहा है और एक बार फिर पुलवामा हमले की यादें ताजा हो गई हैं।









