पंजाब कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान के बीच 29 सितंबर को दिल्ली में कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक प्रस्तावित है। इसमें प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी और संगठन, आगामी कार्यक्रमों तथा 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर चर्चा की संभावना है।
चंडीगढ़: पंजाब कांग्रेस के भीतर संगठनात्मक स्तर पर चल रही चर्चाओं के बीच 29 सितंबर को दिल्ली में कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक प्रस्तावित है। पंजाब प्रभारी सचिन पायलट ने बैठक की जानकारी साझा की है। इसमें चरणजीत सिंह चन्नी, राजा वड़िंग, सुखजिंदर सिंह रंधावा और प्रताप सिंह बाजवा समेत प्रदेश के कई वरिष्ठ नेताओं के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।
29 सितंबर को दिल्ली में प्रस्तावित है बैठक
कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक 29 सितंबर को सुबह 10 बजे दिल्ली में बुलाई गई है। पंजाब कांग्रेस के प्रभारी और एआईसीसी महासचिव सचिन पायलट की भूमिका को देखते हुए प्रदेश के नेताओं की बैठक में मौजूदगी पर नजर है।
हाल के दिनों में पायलट ने पंजाब कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं से अलग-अलग मुलाकातें की हैं। इनमें चरणजीत सिंह चन्नी, राजा वड़िंग, सुखजिंदर सिंह रंधावा, प्रताप सिंह बाजवा और भारत भूषण आशु शामिल हैं।
अलग-अलग नेताओं से मुलाकातों का दौर
पंजाब कांग्रेस का प्रभारी बनाए जाने के बाद सचिन पायलट ने प्रदेश संगठन से जुड़े नेताओं के साथ संवाद बढ़ाया है। सितंबर में चन्नी और रंधावा ने पायलट से मुलाकात की थी। इसके बाद भारत भूषण आशु और प्रताप सिंह बाजवा समेत अन्य नेताओं की भी उनसे बैठकें हुईं।
15 सितंबर को चंडीगढ़ में कांग्रेस के एक प्रदर्शन के दौरान भी पंजाब कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता एक साथ मंच पर नजर आए थे। इस घटनाक्रम को पार्टी के भीतर चल रहे संगठनात्मक संवाद के संदर्भ में देखा गया।
संगठन और 2027 चुनाव की तैयारियों पर नजर
पंजाब कांग्रेस अब 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जुड़े संगठनात्मक मुद्दों पर भी काम कर रही है। पायलट ने हाल में प्रदेश के युवा कांग्रेस पदाधिकारियों के साथ बैठक कर संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने पर जोर दिया है।
दिल्ली की प्रस्तावित बैठक में पंजाब संगठन, आगामी पार्टी कार्यक्रमों और चुनावी तैयारियों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। हालांकि, बैठक में पंजाब को लेकर कौन से फैसले लिए जाएंगे, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी पर रहेगी नजर
चन्नी, वड़िंग, रंधावा और बाजवा जैसे वरिष्ठ नेताओं की एक ही बैठक में मौजूदगी को लेकर पार्टी के भीतर भी नजर बनी हुई है। इससे पहले इन नेताओं के साथ पायलट की अलग-अलग बैठकें हो चुकी हैं और संगठन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई है।
इस बीच पायलट पंजाब कांग्रेस की स्थिति पर हाईकमान को रिपोर्ट देने की प्रक्रिया में भी रहे हैं। ऐसे में 29 सितंबर की बैठक में संगठन से जुड़े मुद्दों और आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों पर होने वाली चर्चा महत्वपूर्ण होगी।











