Punjab Schools Row: अरविंद केजरीवाल का BJP को खुला चैलेंज, बोले- ‘पंजाब और गुजरात के 1,000 स्कूलों का हो जाए कंपटीशन’

Punjab Schools Row: अरविंद केजरीवाल ने BJP को खुला चैलेंज देते हुए पंजाब और गुजरात के 1,000-1,000 सरकारी स्कूलों के प्रदर्शन की तुलना करने की बात कही।

पंजाब के सरकारी स्कूलों को लेकर आम आदमी पार्टी और बीजेपी के बीच सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। बीजेपी की ओर से पंजाब के स्कूलों की स्थिति को लेकर भगवंत मान सरकार पर लगातार निशाना साधा जा रहा है।

नई दिल्ली: पंजाब के सरकारी स्कूलों को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। भाजपा की ओर से पंजाब के स्कूलों की स्थिति पर सवाल उठाए जाने के बाद AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल ने बीजेपी को खुली चुनौती दी है। उन्होंने पंजाब और गुजरात के सरकारी स्कूलों की तुलना करने और दोनों राज्यों के 1,000-1,000 स्कूलों का संयुक्त निरीक्षण कराने का प्रस्ताव रखा।

केजरीवाल ने कहा कि बीजेपी पिछले कुछ दिनों से पंजाब के सरकारी स्कूलों को लेकर आम आदमी पार्टी की सरकार पर निशाना साध रही है। इसके जवाब में उन्होंने कहा कि अगर गुजरात और पंजाब के स्कूलों को लेकर बहस करनी है तो दोनों राज्यों के स्कूलों का जमीन पर जाकर निरीक्षण किया जाना चाहिए।

केजरीवाल ने दिया 1,000 स्कूलों के निरीक्षण का चैलेंज

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पंजाब सरकार अपने 1,000 सरकारी स्कूलों की सूची देगी और बीजेपी गुजरात के 1,000 स्कूलों की सूची उपलब्ध कराए। इसके बाद दोनों पक्षों के प्रतिनिधि, मीडिया और अन्य संबंधित लोग इन स्कूलों का दौरा कर सकते हैं। उनके मुताबिक, इस तरह स्कूलों की वास्तविक स्थिति, आधारभूत सुविधाओं और शिक्षा व्यवस्था की तुलना की जा सकेगी। 

केजरीवाल ने बीजेपी पर आरोप लगाया कि उसके नेता पंजाब के स्कूलों की कमियां दिखाने पर जोर दे रहे हैं, जबकि उन्हें अपने राज्यों के सरकारी स्कूलों की स्थिति पर भी ध्यान देना चाहिए।

पंजाब के 19,700 स्कूलों को लेकर किया बड़ा दावा

केजरीवाल ने पंजाब में सरकारी स्कूलों की स्थिति को लेकर सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने दावा किया कि राज्य में लगभग 19,700 सरकारी स्कूल हैं और इनमें से करीब 19,200 स्कूलों में सुधार का काम पूरा हो चुका है। उनके अनुसार, बचे हुए लगभग 500 स्कूलों में भी सुधार कार्य चल रहा है और आने वाले डेढ़ से दो वर्षों में इन्हें भी बेहतर बनाने का लक्ष्य है।

AAP संयोजक ने यह भी दावा किया कि पंजाब सरकारी स्कूलों की शिक्षा के मामले में देश में शीर्ष स्थान पर पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि जब 2022 में आम आदमी पार्टी की सरकार बनी थी, तब पंजाब की स्थिति काफी नीचे थी और अब इसमें बड़ा सुधार हुआ है। हालांकि, शिक्षा से जुड़े ऐसे दावों को अलग-अलग सरकारी आंकड़ों और स्वतंत्र मूल्यांकन के आधार पर देखना जरूरी है। केजरीवाल ने अपने दावे के समर्थन में नीति आयोग की रिपोर्ट का भी उल्लेख किया।

BJP के वीडियो पर भी उठाए सवाल

पंजाब के सरकारी स्कूलों को लेकर बीजेपी के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से एक वीडियो साझा किया गया था। बीजेपी ने वीडियो के जरिए फतेहगढ़ साहिब के एक स्कूल की कथित खराब स्थिति को लेकर पंजाब सरकार की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। बीजेपी का आरोप था कि स्कूल में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति सरकार के शिक्षा मॉडल की कमियों को दिखाती है। पार्टी ने विशेष रूप से छात्राओं के लिए बने शौचालय की स्थिति का मुद्दा उठाया।

इस वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए केजरीवाल ने दावा किया कि बीजेपी ने जो फुटेज इस्तेमाल किया है, वह 2018 का पुराना वीडियो है। उन्होंने कहा कि उस समय पंजाब में कांग्रेस की सरकार थी और उससे पहले राज्य में बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार भी सत्ता में रही थी। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि पुराने वीडियो को मौजूदा सरकार की नीतियों से जोड़कर पेश किया जा रहा है। बीजेपी के आरोपों के जवाब में उन्होंने स्कूलों की मौजूदा स्थिति की जांच कराने की चुनौती दी।

Leave a comment