Starlink ने भारत में आधिकारिक लॉन्च से पहले अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। SpaceX बंगलूरू में सप्लाई चेन टीम बना रही है, जबकि भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सेवा शुरू करने के लिए सरकार की अंतिम मंजूरी अभी बाकी है।
बंगलूरू: Starlink India को लेकर तैयारियां तेज होती दिख रही हैं। SpaceX ने बंगलूरू में सप्लाई चेन से जुड़ी टीम बनाने की प्रक्रिया शुरू की है। इसमें Starlink टर्मिनल मैन्युफैक्चरिंग, RF इंटीग्रेशन, इंजेक्शन मोल्डिंग और ग्लोबल सप्लाई मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों से जुड़े रोल शामिल बताए गए हैं। हालांकि, भारत में सेवा शुरू करने के लिए कंपनी को अभी अंतिम सरकारी मंजूरी का इंतजार है।
बंगलूरू में SpaceX बना रही सप्लाई चेन टीम
भारत में Starlink की आधिकारिक शुरुआत अभी नहीं हुई है, लेकिन कंपनी की तैयारियां आगे बढ़ती नजर आ रही हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर DogeDesigner की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, Starlink की पैरंट कंपनी SpaceX बंगलूरू में एक सप्लाई चेन टीम तैयार कर रही है।

बताया गया है कि इस टीम में Starlink टर्मिनल की मैन्युफैक्चरिंग, RF इंटीग्रेशन, इंजेक्शन मोल्डिंग और ग्लोबल सप्लाई मैनेजमेंट से जुड़े रोल होंगे। इससे संकेत मिलता है कि कंपनी भारत में अपने ऑपरेशन के लिए स्थानीय स्तर पर सप्लाई और मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी तैयारी कर रही है।
हालांकि, भारत में Starlink की सेवा कब शुरू होगी, इसे लेकर अभी आधिकारिक लॉन्च डेट सामने नहीं आई है। कंपनी को सेवा शुरू करने के लिए जरूरी अंतिम सरकारी मंजूरी का इंतजार है।
एलन मस्क भी भारत में सेवा को लेकर कर चुके हैं संकेत
Starlink की भारत में संभावित एंट्री को लेकर हाल के दिनों में एलन मस्क की प्रतिक्रिया भी सामने आई थी। उन्होंने कहा था कि सैटेलाइट इंटरनेट सेवा भारत में उन लोगों के लिए उपयोगी हो सकती है, जहां इंटरनेट और दूसरी डिजिटल सेवाओं की पहुंच अभी सीमित है।
खास तौर पर ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में सैटेलाइट इंटरनेट को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐसे क्षेत्रों में जमीन पर आधारित मोबाइल नेटवर्क या ब्रॉडबैंड इंफ्रास्ट्रक्चर पहुंचाना कई बार चुनौतीपूर्ण होता है।
DogeDesigner की ओर से बंगलूरू में सप्लाई चेन टीम को लेकर जानकारी ऐसे समय सामने आई है, जब भारत में Starlink की संभावित शुरुआत को लेकर चर्चा तेज है।
सरकार की मंजूरी अभी बाकी
Starlink को भारत में अपनी सैटेलाइट इंटरनेट सेवा शुरू करने के लिए अभी केंद्र सरकार से अंतिम मंजूरी नहीं मिली है। हालांकि, कंपनी ने देश के कुछ राज्यों के साथ समझौता ज्ञापन यानी MoU किए हैं।
Starlink कई वर्षों से भारत में अपनी सेवा शुरू करने की कोशिश कर रही है। कंपनी की योजना सैटेलाइट के जरिए सीधे इंटरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने की है। इससे उन क्षेत्रों में भी इंटरनेट पहुंचाने में मदद मिल सकती है, जहां पारंपरिक नेटवर्क का विस्तार सीमित है।
भारत के लिए यह बाजार Starlink के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। देश में बड़ी आबादी अभी भी ऐसे क्षेत्रों में रहती है, जहां हाई-स्पीड इंटरनेट कनेक्टिविटी की उपलब्धता शहरों की तुलना में कम है।
Jio और Airtel समर्थित कंपनियां भी रेस में
भारत में सैटेलाइट इंटरनेट के क्षेत्र में Starlink अकेली कंपनी नहीं है। Reliance Jio, Airtel समर्थित OneWeb और Amazon भी इस क्षेत्र में अपनी सेवाएं शुरू करने की दिशा में काम कर रहे हैं।
इन कंपनियों का लक्ष्य सैटेलाइट नेटवर्क के जरिए इंटरनेट कनेक्टिविटी को उन इलाकों तक पहुंचाना है, जहां मोबाइल टावर या फाइबर नेटवर्क के जरिए कनेक्टिविटी देना मुश्किल है।
ऐसे में भारत में सैटेलाइट इंटरनेट बाजार में आने वाले समय में प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है। कंपनियों के बीच सर्विस की पहुंच, कीमत, स्पीड और कवरेज को लेकर मुकाबला देखने को मिल सकता है।
बंगलूरू टीम से जुड़े विवरण अभी सामने आना बाकी
बंगलूरू में बनाई जा रही SpaceX की टीम को लेकर फिलहाल सीमित जानकारी सामने आई है। किन पदों पर नियुक्तियां होंगी और किन योग्यता वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाएगी, इसकी विस्तृत जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं हुई है।
फिलहाल कंपनी की ओर से भारत में Starlink की सेवा शुरू करने की आधिकारिक घोषणा और लॉन्च की अंतिम तारीख का इंतजार है। सरकारी मंजूरी मिलने के बाद ही भारत में इसकी व्यावसायिक सेवा शुरू होने की स्थिति स्पष्ट होगी।











