पूर्वांचल में Ayushman Card के 2 लाख से ज्यादा आवेदन Pending, Mirzapur में सबसे अधिक मामले

पूर्वांचल के 10 जिलों में Ayushman Card के 2 लाख से ज्यादा आवेदन लंबित हैं। Mirzapur में 53,641 Pending मामले हैं। जानें कारण और जिलेवार स्थिति।

पूर्वांचल के 10 जिलों में Ayushman Card के दो लाख से अधिक आवेदन लंबित हैं। 31 अगस्त 2026 तक Mirzapur में सबसे ज्यादा 53,641 मामले Pending हैं। डेटा mismatch, अधूरे documents और verification में देरी प्रमुख कारण हैं।

वाराणसी: आयुष्मान भारत योजना शुरू होने के करीब आठ साल बाद भी पूर्वांचल के कई जिलों में लाभार्थियों के कार्ड बनने की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। Ayushman Card के लंबित मामलों में Mirzapur सबसे आगे है, जहां 53,641 applications pending हैं। इसके अलावा Jaunpur में 39,832 और Ballia में 20,323 आवेदन निस्तारण का इंतजार कर रहे हैं।

पूर्वांचल के 10 जिलों में बड़ी संख्या में आवेदन लंबित

पूर्वांचल के आजमगढ़, मीरजापुर और वाराणसी मंडल के 10 प्रमुख जिलों में आयुष्मान भारत योजना के तहत दो लाख से अधिक आवेदन अभी प्रक्रिया में हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, मीरजापुर में 9,23,362 आवेदनों में से 8,68,173 कार्ड बन चुके हैं, जबकि 53,641 आवेदन लंबित हैं।

पूर्वांचल में Ayushman Card के 2 लाख से ज्यादा आवेदन Pending, Mirzapur में सबसे अधिक मामले

जौनपुर में 15,17,190 आवेदनों में 14,72,948 कार्ड जारी हुए हैं और 39,832 आवेदन पेंडिंग हैं। बलिया में 11,04,204 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 10,82,593 कार्ड बन चुके हैं और 20,323 मामले लंबित हैं।

जौनपुर और मीरजापुर में सबसे ज्यादा पेंडेंसी

आवेदनों की संख्या के लिहाज से जौनपुर पूर्वांचल के प्रमुख जिलों में आगे है, लेकिन लंबित मामलों में मीरजापुर की स्थिति सबसे गंभीर है। आजमगढ़ में 13,99,908 आवेदनों में से 13,72,470 कार्ड बने हैं, जबकि वाराणसी में 13,24,538 में से 13,02,475 कार्ड जारी किए जा चुके हैं।

अन्य जिलों में गाजीपुर में 10,07,398 आवेदन और 9,85,524 कार्ड, मऊ में 7,60,124 आवेदन और 7,47,508 कार्ड, चंदौली में 6,21,160 आवेदन और 6,09,324 कार्ड दर्ज किए गए हैं। सोनभद्र में 5,57,219 आवेदनों में 5,40,073 और भदोही में 4,94,937 में 4,83,109 कार्ड बन चुके हैं।

Data mismatch और verification delay बड़ी वजह

लंबित आवेदनों के पीछे कई तकनीकी और दस्तावेज संबंधी समस्याएं सामने आती हैं। आधार कार्ड में दर्ज नाम, माता-पिता का नाम, जन्म तिथि या Gender का सरकारी Source Data से Match नहीं होने पर आवेदन अटक सकता है।

इसके अलावा सही या स्पष्ट documents और photograph upload नहीं होने से भी processing प्रभावित होती है। अधिकारियों या संबंधित एजेंसी की ओर से physical या digital verification में देरी लंबित मामलों की एक अन्य प्रमुख वजह है।

आयुष्मान portal या server पर अधिक load होने की स्थिति में भी data processing में समय लग सकता है। इसके चलते पात्र लाभार्थियों को card जारी होने के लिए अतिरिक्त इंतजार करना पड़ रहा है।

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