पुतिन के दौरे के बाद अमेरिका की बड़ी टीम भारत पहुंची, 3 दिन की व्यापार बैठक शुरू

अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल भारत में तीन दिन की व्यापार बैठक शुरू, द्विपक्षीय समझौते और टैरिफ मुद्दों पर चर्चा, पीएम मोदी और ट्रंप के विज़न को आगे बढ़ाने के लिए।

रूस के पुतिन दौरे के बाद अमेरिका का प्रतिनिधिमंडल भारत पहुंचा और तीन दिन की व्यापार वार्ता शुरू की। बैठक में द्विपक्षीय समझौते, टैरिफ मुद्दे और पीएम मोदी-ट्रंप विज़न को आगे बढ़ाने पर चर्चा होगी।

World Update: रूस के राष्ट्रपति पुतिन के हालिया दौरे के बाद अमेरिका ने भारत में तीन दिन की महत्वपूर्ण व्यापार वार्ता शुरू की है। अमेरिकी व्यापार उप प्रतिनिधि (UTR) रिक स्विट्जर के नेतृत्व में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ने भारतीय समकक्ष राजेश अग्रवाल के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत शुरू की। इस बैठक का मकसद फरवरी में ट्रंप और पीएम मोदी की मुलाकात में तय किए गए वायदे और विज़न को आगे बढ़ाना और भारत-अमेरिका के रिश्तों को फिर से सामान्य करना है।

भारत-अमेरिका संबंधों में बढ़ा तनाव

हाल ही में भारत और अमेरिका के बीच रिश्तों में खिंचाव देखा गया। इसका मुख्य कारण अगस्त में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा भारतीय सामान पर टैरिफ बढ़ाना था। भारत से आयात होने वाले उत्पादों पर 50% टैरिफ लगाया गया, जिसमें रूस से तेल खरीद पर 25% का अतिरिक्त टैरिफ शामिल था। इसके साथ ही अमेरिकी अधिकारियों की लगातार आलोचना ने दोनों देशों के बीच माहौल को और गर्म कर दिया।

इस दौरे का उद्देश्य केवल व्यापार समझौते तक सीमित नहीं है। अमेरिका की अंडर सेक्रेटरी एलिसन हुकर ने 7 दिसंबर को भारत पहुंचकर विदेश सचिव विक्रम मिश्री के साथ बैठक की। यह बैठक द्विपक्षीय रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने, अमेरिकी निर्यात बढ़ाने और व्यापारिक संबंधों को बेहतर बनाने के लिए की गई। अमेरिकी दल की यह यात्रा फरवरी में पीएम मोदी और ट्रंप के बीच तय किए गए विज़न को आगे बढ़ाने का प्रयास भी है।

वाणिज्यिक वार्ता का महत्व

अमेरिका और भारत इस समय प्रस्तावित व्यापार समझौते के पहले चरण को अंतिम रूप देने की कोशिश कर रहे हैं। अमेरिकी डेलिगेट्स के नेतृत्व में दक्षिण और मध्य एशिया के सहायक अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि ब्रेंडन लिंच और भारत के संयुक्त सचिव दर्पण जैन के साथ बातचीत करेंगे। यह बैठक औपचारिक दौर की नहीं है, बल्कि समझौते के ढांचे को अंतिम रूप देने के लिए चर्चा की जा रही है। बैठक 10 दिसंबर से शुरू होकर 12 दिसंबर तक चलेगी।

पूर्व में हुई वार्ता और भारत की पहल

अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल इस साल दूसरी बार भारत आया है। इससे पहले 16 सितंबर को एक अमेरिकी दल भारत आया था। इसके बाद 22 सितंबर को वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के साथ अमेरिका में व्यापार वार्ता की थी। इन बैठकों का उद्देश्य दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को मजबूत करना और व्यापारिक मुद्दों पर स्थायी समझौते को अंतिम रूप देना था।

टैरिफ हटाने की संभावना

अमेरिकी दल के दौरे का एक प्रमुख एजेंडा रूस से तेल की खरीद पर लगाए गए टैरिफ को हटाने या संशोधित करने का भी है। पिछले महीने भारत से आयात पर लगाए गए उच्च टैरिफ ने व्यापारिक माहौल को प्रभावित किया था। व्यापारिक सूत्रों का कहना है कि इस दौरे में टैरिफ को लेकर संभावित हल निकालने की कोशिश होगी, ताकि दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों में स्थिरता आए।

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