अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पुतिन के सरकारी आवास पर ड्रोन हमले के रूस के दावे को खारिज किया। उन्होंने कहा कि अमेरिकी एजेंसियों के आकलन में यूक्रेन की भूमिका सामने नहीं आई।
America: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सरकारी आवास पर कथित ड्रोन हमले को लेकर रूस के दावे को सिरे से नकार दिया है। ट्रंप ने साफ कहा है कि अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों के आकलन के अनुसार यूक्रेन ने पुतिन के घर को निशाना नहीं बनाया था। इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक बार फिर यूक्रेन युद्ध और उससे जुड़े दावों पर बहस तेज हो गई है।
रूस के दावे पर अमेरिका का आधिकारिक आकलन
डोनाल्ड ट्रंप ने वॉशिंगटन लौटते समय पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उन्हें नहीं लगता कि पुतिन के आवास पर कोई वास्तविक हमला हुआ था। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सुरक्षा अधिकारियों ने पूरे मामले की जांच की और यह निष्कर्ष निकाला कि यूक्रेन की तरफ से ऐसा कोई ड्रोन अटैक नहीं किया गया। ट्रंप का यह बयान सीधे तौर पर क्रेमलिन के उस दावे का खंडन करता है, जिसमें रूस ने आरोप लगाया था कि यूक्रेन ने राष्ट्रपति पुतिन के सरकारी आवास को निशाना बनाया।
ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि इस तरह के दावे शांति प्रयासों को कमजोर करने के लिए किए जा सकते हैं। यूरोपीय अधिकारियों ने भी इस मुद्दे पर कहा है कि मॉस्को इस तरह के आरोप लगाकर यूक्रेन युद्ध को लेकर चल रही बातचीत को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है।
रूसी विदेश मंत्री का बयान
इससे पहले रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने दावा किया था कि यूक्रेन ने उत्तर पश्चिमी नोवगोरोड क्षेत्र में स्थित पुतिन के सरकारी आवास पर ड्रोन हमला किया। लावरोव के अनुसार, रूसी डिफेंस सिस्टम ने समय रहते इन ड्रोन को मार गिराया और किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ।

लावरोव ने यह भी कहा था कि जब युद्ध को खत्म करने को लेकर बातचीत चल रही है, उस समय इस तरह का हमला करना कीव की नीयत पर सवाल खड़े करता है। रूस की तरफ से इस बयान को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी उठाया गया, जिससे तनाव और बढ़ गया।
ट्रंप के रुख में आया बदलाव
डोनाल्ड ट्रंप का रुख इस पूरे मामले में समय के साथ बदला हुआ नजर आया। शुरुआत में ट्रंप ने रूसी दावे को गंभीरता से लिया था। पिछले सप्ताह उन्होंने पत्रकारों से कहा था कि पुतिन ने फोन पर बातचीत के दौरान इस कथित हमले का जिक्र किया था। उस समय ट्रंप ने कहा था कि वह इस बात से काफी नाराज हैं और इसे बेहद गंभीर मामला मानते हैं।
हालांकि, कुछ ही दिनों बाद ट्रंप के सुर बदलते दिखे। बुधवार तक उन्होंने रूसी दावे को कम महत्व देना शुरू कर दिया। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर न्यूयॉर्क पोस्ट में छपे एक संपादकीय का लिंक शेयर किया, जिसमें रूसी आरोपों पर सवाल उठाए गए थे और पुतिन की आलोचना की गई थी। इससे साफ संकेत मिला कि ट्रंप अब इस दावे को पूरी तरह सच नहीं मान रहे हैं।
यूक्रेन युद्ध खत्म कराने की कोशिशें
डोनाल्ड ट्रंप लगातार यह दावा करते रहे हैं कि वह यूक्रेन में चल रही जंग को खत्म कराने के लिए गंभीर प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कई मौकों पर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दोनों की आलोचना की है।
अपने चुनाव प्रचार के दौरान ट्रंप ने यह भी कहा था कि अगर उन्हें मौका मिला तो वह इस युद्ध को एक दिन में खत्म कर सकते हैं। राष्ट्रपति बनने के बाद भी ट्रंप ने खुद को एक mediator के तौर पर पेश किया है और दोनों पक्षों के बीच बातचीत को आगे बढ़ाने की कोशिश की है।
ट्रंप और जेलेंस्की के बीच बातचीत
पिछले हफ्ते ट्रंप और जेलेंस्की के बीच अहम बातचीत हुई थी। दोनों नेताओं ने कहा था कि फ्लोरिडा स्थित ट्रंप के मार ए लागो रिजॉर्ट में हुई बैठक के दौरान 20 बिंदुओं वाली शांति योजना पर कुछ प्रगति हुई है। इस बातचीत को यूक्रेन युद्ध के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण कदम माना गया था।
हालांकि, रूस की तरफ से इस शांति योजना को लेकर ज्यादा उत्साह नहीं दिखाया गया। पुतिन ने संकेत दिया है कि जब तक रूस के रणनीतिक उद्देश्य पूरे नहीं होते, तब तक युद्ध खत्म करने में उनकी कोई खास दिलचस्पी नहीं है।










