Sheikh Hamad bin Khalifa Al Thani के निधन पर भारत सरकार ने सोमवार, 13 जुलाई को पूरे देश में एक दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है। इस दौरान पूरे भारत में राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा और कोई भी आधिकारिक मनोरंजन कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जाएगा।
नई दिल्ली: कतर के पूर्व अमीर और आधुनिक कतर के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले शेख हमद बिन खलीफा अल-थानी के निधन पर भारत सरकार ने एक दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है। 74 वर्ष की आयु में उनके निधन के बाद भारत ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए सोमवार, 13 जुलाई को पूरे देश में राष्ट्रीय शोक मनाने का फैसला किया है। इस दौरान सभी सरकारी भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा और किसी भी प्रकार के आधिकारिक मनोरंजन कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जाएंगे।
भारत का यह कदम दोनों देशों के बीच दशकों से चले आ रहे मजबूत द्विपक्षीय संबंधों और शेख हमद के नेतृत्व में विकसित हुए रणनीतिक सहयोग को सम्मान देने के रूप में देखा जा रहा है।
भारत सरकार ने जारी किया आधिकारिक निर्देश
विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा जारी बयान के अनुसार, राष्ट्रीय शोक के दिन देशभर में उन सभी सरकारी भवनों और संस्थानों पर तिरंगा आधा झुका रहेगा, जहां सामान्य रूप से राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाता है। इसके साथ ही पूरे दिन कोई आधिकारिक सांस्कृतिक या मनोरंजन कार्यक्रम आयोजित नहीं होगा। राष्ट्रीय शोक की घोषणा किसी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष या पूर्व राष्ट्राध्यक्ष के प्रति भारत द्वारा प्रदर्शित सर्वोच्च राजकीय सम्मान का प्रतीक मानी जाती है। यह निर्णय शेख हमद के वैश्विक योगदान और भारत-कतर संबंधों को मजबूत बनाने में उनकी भूमिका को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने व्यक्त की संवेदना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शेख हमद बिन खलीफा अल-थानी के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया और उन्हें एक दूरदर्शी नेता तथा भारत का सच्चा मित्र बताया।प्रधानमंत्री ने अपने शोक संदेश में कहा कि शेख हमद ने कतर को विकास, आधुनिकता और समृद्धि के नए आयाम तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि फरवरी 2024 में अपनी कतर यात्रा के दौरान उन्हें शेख हमद से मिलने का अवसर मिला था, जिसे उन्होंने एक सम्मानजनक और यादगार अनुभव बताया। प्रधानमंत्री ने कतर के मौजूदा अमीर शेख तमीम बिन हमद अल-थानी, शाही परिवार और कतर की जनता के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं भी व्यक्त कीं।

कतर में चार दिन का सार्वजनिक शोक
शेख हमद बिन खलीफा अल-थानी के निधन के बाद कतर सरकार ने भी चार दिन के सार्वजनिक शोक की घोषणा की है। इस दौरान सरकारी कार्यालयों और सार्वजनिक संस्थानों में शोक संबंधी प्रोटोकॉल का पालन किया जाएगा। कतर में राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा और विभिन्न सरकारी गतिविधियों को सीमित रखा जाएगा। देशभर में दिवंगत पूर्व अमीर को श्रद्धांजलि देने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
शेख हमद बिन खलीफा अल-थानी ने वर्ष 1995 से 2013 तक कतर पर शासन किया। उनके लगभग 18 वर्षों के नेतृत्व में कतर ने ऊर्जा, बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल और वैश्विक निवेश के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की। उनके कार्यकाल में प्राकृतिक गैस संसाधनों के प्रभावी उपयोग ने कतर को दुनिया के सबसे समृद्ध देशों में शामिल करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इसी दौर में कतर ने अंतरराष्ट्रीय निवेश, आधुनिक शहरों के विकास और वैश्विक कूटनीति में अपनी मजबूत पहचान बनाई।
भारत-कतर संबंधों को मिली नई मजबूती
शेख हमद के शासनकाल में भारत और कतर के संबंधों में उल्लेखनीय विस्तार हुआ। ऊर्जा सहयोग, व्यापार, निवेश और श्रम संबंधों के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच साझेदारी लगातार मजबूत होती गई। इसी अवधि में कतर में कार्यरत भारतीय समुदाय की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई। आज भारतीय प्रवासी कतर के सबसे बड़े विदेशी समुदायों में शामिल हैं और वहां के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। दोनों देशों के बीच एलएनजी (तरलीकृत प्राकृतिक गैस) आपूर्ति, ऊर्जा सुरक्षा और निवेश सहयोग ने द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक महत्व प्रदान किया है।
सरकारी जानकारी के अनुसार, भारत सरकार की ओर से संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू जल्द ही कतर का दौरा करेंगे। वह भारत सरकार की ओर से दिवंगत पूर्व अमीर को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे और कतर के नेतृत्व के प्रति संवेदना व्यक्त करेंगे।









