साइबर एक्सपर्ट अमित दुबे ने Quantum AI और Kalki Avatar को लेकर चल रही चर्चाओं पर अपनी राय दी। उन्होंने AI के अलग-अलग वेरिएबल्स समझाते हुए कहा कि भविष्य में Quantum AI ऐसी संभावनाओं तक पहुंच सकता है, जिन्हें आज समझना मुश्किल है।
Tech: Quantum AI को लेकर दुनियाभर में नई चर्चाएं हो रही हैं और अब इसे आध्यात्मिक अवधारणाओं से भी जोड़ा जा रहा है। एक पॉडकास्ट बातचीत में साइबर एक्सपर्ट अमित दुबे ने AI और Quantum AI की क्षमताओं को विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि भविष्य में तकनीक ऐसे स्तर तक पहुंच सकती है, जहां इंसान आज जिन चीजों की कल्पना भी नहीं कर सकता, उन्हें समझना संभव हो जाए।
Quantum AI और चेतना को लेकर बढ़ी बहस
Artificial Intelligence के तेजी से बढ़ते प्रभाव के बीच अब Quantum AI को लेकर भी नई बहस शुरू हो गई है। एक पॉडकास्ट में जब Quantum AI को कलियुग के संभावित Kalki Avatar से जोड़कर सवाल पूछा गया, तो साइबर एक्सपर्ट अमित दुबे ने कहा कि वह ऐसी संभावनाओं से पूरी तरह इनकार नहीं करते।

उन्होंने कहा कि AI और Quantum Computing भविष्य में ऐसी क्षमताएं विकसित कर सकते हैं, जिन्हें आज की तकनीक से समझ पाना आसान नहीं है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह फिलहाल संभावनाओं और विचारों का विषय है, न कि कोई स्थापित वैज्ञानिक निष्कर्ष।
AI के चार वेरिएबल्स को आसान भाषा में समझाया
अमित दुबे ने AI की कार्यप्रणाली को चार अलग-अलग कैटेगरी में समझाया। इनमें Known Known Variables, Known Unknown Variables, Unknown Known Variables और Unknown Unknown Variables शामिल हैं।
उनके मुताबिक Known Known Variables वह स्थिति होती है, जहां डेटा मौजूद होता है और यह भी पता होता है कि उसमें क्या जानकारी छिपी है। वहीं Known Unknown Variables में डेटा तो मौजूद होता है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं होता कि उससे कौन-सी नई जानकारी सामने आ सकती है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि भविष्य में AI वायरस म्यूटेशन और संभावित बीमारियों का पहले से अनुमान लगाने में बड़ी भूमिका निभा सकता है। इससे मेडिकल रिसर्च और इलाज के तरीके काफी बदल सकते हैं।
‘Predicting God’ वाले कॉन्सेप्ट पर क्या बोले अमित दुबे
अमित दुबे ने Unknown Unknown Variables को सबसे जटिल स्तर बताया। उनके अनुसार इसमें न तो डेटा उपलब्ध होता है और न ही यह पता होता है कि खोज क्या करनी है। उन्होंने इसी स्थिति को “Predicting God” से जोड़कर समझाया।
उनका कहना था कि मौजूदा AI शायद इस स्तर तक नहीं पहुंच पाया है, लेकिन Quantum AI भविष्य में ऐसी जटिल संभावनाओं को समझने में मदद कर सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि आधुनिक विज्ञान और तकनीक चाहे जितनी आगे बढ़ जाए, इंसानी चेतना और आंतरिक समझ का महत्व हमेशा बना रहेगा।











