राजस्थान में मानसून सक्रिय होते ही कई जिलों में भारी बारिश शुरू हो गई है। चित्तौड़गढ़ और बांसवाड़ा में जलभराव व सड़कें बाधित हैं, जबकि डूंगरपुर में आकाशीय बिजली गिरने से एक बच्चे की मौत हो गई। मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है।
जयपुर: राजस्थान में देर से पहुंचे दक्षिण-पश्चिम मानसून ने अब रफ्तार पकड़ ली है। प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। चित्तौड़गढ़, बांसवाड़ा, भीलवाड़ा, उदयपुर, राजसमंद और जयपुर सहित कई जिलों में भारी वर्षा दर्ज की गई है। कई स्थानों पर सड़कें जलमग्न हो गई हैं, ग्रामीण संपर्क मार्ग बाधित हैं और वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है।
इसी बीच डूंगरपुर जिले में आकाशीय बिजली गिरने की दर्दनाक घटना में एक 12 वर्षीय बच्चे की मौत हो गई, जबकि उसका चचेरा भाई घायल हो गया। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना जताई है।
चित्तौड़गढ़ और बांसवाड़ा में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित
शुक्रवार सुबह चित्तौड़गढ़ जिले में कई घंटों तक लगातार बारिश हुई। निंबाहेड़ा में 70 मिलीमीटर और कपासन क्षेत्र में 53 मिलीमीटर तक वर्षा दर्ज की गई। कई ग्रामीण इलाकों में सड़कें पानी और कीचड़ से भर गईं, जिससे वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई और कई वाहन रास्तों में फंस गए।
बांसवाड़ा शहर में भी करीब दो घंटे तक तेज बारिश हुई। शहर के प्रमुख बाजारों और आजाद चौक क्षेत्र में पानी नदी की तरह बहता दिखाई दिया। निचले इलाकों में जलभराव के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा।
जयपुर समेत कई शहरों में तापमान में गिरावट
राजधानी जयपुर में गुरुवार शाम से शुरू हुई बारिश शुक्रवार तक जारी रही। लगातार बादल छाए रहने और वर्षा होने से अधिकतम तापमान में लगभग चार डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई। मौसम सुहावना होने के साथ उमस से राहत मिली, हालांकि कई इलाकों में जलभराव और धीमी यातायात व्यवस्था देखने को मिली। भीलवाड़ा, राजसमंद, उदयपुर और सीकर में भी बारिश के कारण कई सड़कों पर पानी भर गया। नीमकाथाना में कुछ स्थानों पर आधा से एक फीट तक जलभराव दर्ज किया गया।
![]()
डूंगरपुर में आकाशीय बिजली गिरने से एक बच्चे की मौत
डूंगरपुर जिले के धंबोला थाना क्षेत्र स्थित मांडवा गांव में गुरुवार शाम आकाशीय बिजली गिरने से दो चचेरे भाई झुलस गए। दोनों बच्चे घर के आंगन में खेल रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। घायलों को तत्काल अस्पताल ले जाया गया। गंभीर रूप से घायल 12 वर्षीय राजदीप को बेहतर इलाज के लिए गुजरात के मोडासा अस्पताल रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। आठ वर्षीय हर्षित का इलाज जारी है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की अपील की है।
मौसम विभाग ने जारी किया ऑरेंज और यलो अलर्ट
भारतीय मौसम विभाग ने कोटा, बारां और झालावाड़ जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा जैसलमेर को छोड़कर लगभग पूरे राजस्थान के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। विभाग के अनुसार अगले दो सप्ताह तक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना बनी रहेगी।
मानसून की एंट्री के साथ पहले दिन ही अच्छी बारिश
मानसून की सक्रियता पहले ही दिन कई जिलों में देखने को मिली। अलवर, झुंझुनूं, सीकर, भरतपुर, अजमेर, करौली और उदयपुर के कई इलाकों में दो इंच तक बारिश दर्ज की गई।
झालावाड़ और बारां में भी तेज वर्षा हुई। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मानसून की उत्तरी सीमा फिलहाल टोंक, जयपुर और अलवर से होकर गुजर रही है तथा अगले चार दिनों में यह पूरे राजस्थान को कवर कर लेगी।
![]()
इस बार बंगाल की खाड़ी वाली शाखा से पहुंचा मानसून
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इस वर्ष राजस्थान में मानसून की एंट्री बंगाल की खाड़ी से आने वाली शाखा के माध्यम से हुई है। यह शाखा ओडिशा, बिहार, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश से होते हुए राजस्थान के पूर्वी हिस्सों—कोटा, बारां और झालावाड़—में पहुंची। आमतौर पर राजस्थान में मानसून अरब सागर और बंगाल की खाड़ी दोनों दिशाओं से प्रवेश करता है, लेकिन इस बार पूर्वी मार्ग अधिक सक्रिय रहा है।
पिछले 13 वर्षों में तीसरी बार जुलाई में पहुंचा मानसून
राजस्थान में इस वर्ष मानसून सामान्य समय से देरी से पहुंचा है। पिछले 13 वर्षों में यह तीसरी बार है जब मानसून ने जुलाई महीने में राज्य में प्रवेश किया है। इससे पहले वर्ष 2014 और 2019 में भी मानसून जुलाई में आया था। हालांकि मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की देरी का अर्थ कम वर्षा नहीं होता। वर्ष 2014 में राज्य में 518.6 मिलीमीटर और 2019 में 747.24 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई थी।
प्रशासन ने लोगों से बरतने को कहा एहतियात
लगातार बारिश और बिजली गिरने की घटनाओं को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। निचले इलाकों में अनावश्यक यात्रा से बचने, जलभराव वाले मार्गों पर सावधानी बरतने और खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों में नहीं रहने की सलाह दी गई है।
आपदा प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन की टीमें संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए हैं। जरूरत पड़ने पर राहत और बचाव कार्य के लिए संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
अगले दो सप्ताह तक जारी रह सकता है बारिश का दौर
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में राजस्थान के अधिकांश जिलों में मानसून सक्रिय रहेगा। लगातार वर्षा से तापमान सामान्य से नीचे रहने की संभावना है। साथ ही पूर्वी और दक्षिणी राजस्थान के कई जिलों में भारी बारिश के दौर जारी रह सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वर्तमान मानसूनी गतिविधियां इसी तरह बनी रहीं, तो जुलाई के पहले पखवाड़े में राज्य के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से बेहतर वर्षा दर्ज हो सकती है।







