गुजरात के राजकोट जिले में शुक्रवार सुबह 11 घंटे के भीतर सात बार भूकंप के झटके महसूस किए गए। जेतपुर, धोराजी और उपलेटा क्षेत्रों में दहशत फैल गई, हालांकि अब तक किसी जानमाल के नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है।
Earthquake: गुजरात के राजकोट जिले में शुक्रवार सुबह भूकंप के लगातार झटकों से लोगों में दहशत का माहौल बन गया। जेतपुर, धोराजी, उपलेटा समेत आसपास के ग्रामीण इलाकों में करीब 11 घंटे के भीतर सात बार धरती हिलती महसूस की गई। सुबह तड़के से ही लोग कंपन महसूस करते ही घरों से बाहर निकल आए और खुले मैदानों तथा खेतों की ओर भागते नजर आए।
हालांकि राहत की बात यह रही कि अब तक किसी तरह के जानमाल के नुकसान की कोई पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमें पूरी तरह सतर्क हैं और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।
सुबह तड़के लोगों में फैली दहशत
शुक्रवार सुबह जब अधिकतर लोग सो रहे थे, उसी समय भूकंप के झटकों ने नींद तोड़ दी। पहला तेज झटका सुबह 6:19 बजे महसूस किया गया, जिसकी तीव्रता 3.8 मापी गई। इस झटके के बाद कुछ ही मिनटों के अंतराल पर हल्के और मध्यम स्तर के कंपन बार-बार महसूस होते रहे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बार-बार धरती हिलने से डर का माहौल बन गया था। कई परिवारों ने एहतियातन अपने घर छोड़ दिए और सुबह तक बाहर ही रहे। ग्रामीण इलाकों में लोग अपने पशुओं को भी खुले स्थानों पर ले आए।
11 घंटे में सात झटकों की पुष्टि
Institute of Seismological Research (ISR) के आंकड़ों के मुताबिक, शुक्रवार सुबह 6:19 बजे से 8:34 बजे तक कुल सात भूकंपीय झटके दर्ज किए गए। इनमें सबसे अधिक तीव्रता वाला झटका 3.8 का था, जबकि अन्य झटकों की तीव्रता 2.7 से 3.2 के बीच रही।
लगातार झटकों के कारण लोगों में आशंका बनी रही कि कहीं बड़ा भूकंप न आ जाए। यही वजह रही कि प्रशासन ने एहतियातन स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी, ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
भूकंप के समय की पूरी टाइमलाइन
ISR के अनुसार, भूकंप के झटके इस क्रम में दर्ज किए गए।
- सुबह 6:19 बजे 3.8 तीव्रता का सबसे तेज झटका आया।
- सुबह 6:56 बजे 2.9 तीव्रता का झटका महसूस हुआ।
- सुबह 6:58 बजे 3.2 तीव्रता का कंपन दर्ज किया गया।
- सुबह 7:10 बजे 2.9 तीव्रता का झटका आया।
- सुबह 7:13 बजे एक बार फिर 2.9 तीव्रता का झटका महसूस हुआ।
- सुबह 7:33 बजे 2.7 तीव्रता का हल्का कंपन दर्ज किया गया।
- सुबह 8:34 बजे एक और झटका महसूस किया गया, जिससे लोग फिर से सतर्क हो गए।
इससे पहले गुरुवार रात करीब 8:43 बजे भी इसी क्षेत्र में 3.3 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था।
भूकंप का केंद्र तथा गहराई
ISR की रिपोर्ट के मुताबिक, इन सभी भूकंपों का केंद्र उपलेटा से लगभग 27 से 30 किलोमीटर दूर पूर्व उत्तरपूर्व दिशा में स्थित था। भूकंप की गहराई जमीन के अंदर 6.1 किलोमीटर से लेकर 13.6 किलोमीटर के बीच रही।
विशेषज्ञों के अनुसार, कम गहराई पर आए भूकंप के झटके अधिक महसूस होते हैं, भले ही उनकी तीव्रता ज्यादा न हो। यही कारण है कि 3.8 तीव्रता का झटका भी लोगों को काफी तेज महसूस हुआ।
ग्रामीण इलाकों में सबसे ज्यादा असर
जेतपुर, धोराजी, उपलेटा पंथक के ग्रामीण क्षेत्रों में भूकंप का असर ज्यादा देखने को मिला। यहां लोग डर के कारण अपने घरों में रुकने के बजाय सड़कों, खेतों और खुले स्थानों में निकल आए।
कई गांवों में सुबह के समय लोग एक-दूसरे से जानकारी लेते नजर आए कि कहीं किसी मकान में दरार तो नहीं आई। हालांकि प्रशासनिक सर्वे में किसी भी संरचनात्मक नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है।
प्रशासन की सतर्कता बढ़ी
लगातार झटकों को देखते हुए स्थानीय प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। आपदा प्रबंधन विभाग, पुलिस और नगर पालिका की टीमें क्षेत्र में स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
स्कूलों में छुट्टी घोषित करने का फैसला बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।











