राजस्थान में बदमाशों का पीछा करते समय पुलिस वाहन हादसे का शिकार, कॉन्स्टेबल की मौत, SHO गंभीर घायल

सीकर में नाकाबंदी तोड़कर भाग रहे बदमाशों का पीछा करते समय पुलिस वाहन पेड़ से टकराया। हादसे में नवलगढ़ थाना कॉन्स्टेबल की मौत हुई, मावलगढ़ थाना SHO घायल हुए।

सीकर में नाकाबंदी तोड़कर भाग रहे थार सवार बदमाशों का पीछा करते समय पुलिस की गाड़ी पेड़ से टकरा गई। हादसे में कॉन्स्टेबल भींवाराम मेघवाल की मौत हो गई, जबकि नवलगढ़ थाना SHO अजय सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। ग्रामीणों ने दोनों आरोपियों को पकड़ लिया।

नवलगढ़: राजस्थान के सीकर और झुंझुनूं जिलों की सीमा पर रविवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक पुलिस कॉन्स्टेबल की मौत हो गई, जबकि नवलगढ़ थाना प्रभारी गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा उस समय हुआ जब पुलिस टीम नाकाबंदी तोड़कर भाग रहे संदिग्ध बदमाशों का पीछा कर रही थी।

पुलिस के अनुसार, हरियाणा नंबर की एक थार SUV को रोकने की कोशिश की गई थी, लेकिन वाहन चालक पुलिस बैरिकेड तोड़कर फरार हो गया। इसके बाद पुलिस ने पीछा शुरू किया, जिसके दौरान पुलिस वाहन अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गया।

इस हादसे में कॉन्स्टेबल भींवाराम मेघवाल की मौत हो गई, जबकि नवलगढ़ थाना प्रभारी अजय सिंह घायल हो गए। घटना ने पूरे इलाके में शोक का माहौल पैदा कर दिया है।

सुबह 3 बजे से चल रही थी पुलिस नाकाबंदी

जानकारी के मुताबिक, सीकर जिले के दादिया थाना क्षेत्र में रविवार सुबह 3 बजे से 6 बजे तक विशेष नाकाबंदी अभियान चलाया जा रहा था। इस अभियान का उद्देश्य संदिग्ध वाहनों और अपराधियों की गतिविधियों पर निगरानी रखना था।

इसी दौरान हरियाणा नंबर की एक थार तेज रफ्तार में नाकाबंदी स्थल पर पहुंची। पुलिस ने वाहन को रुकने का संकेत दिया, लेकिन चालक ने बैरिकेड तोड़ते हुए वाहन को नवलगढ़ की दिशा में दौड़ा दिया।

दादिया थाना पुलिस ने तुरंत इसकी सूचना झुंझुनूं जिले की नवलगढ़ पुलिस को दी। सूचना मिलते ही नवलगढ़ थाना पुलिस ने संदिग्ध वाहन का पीछा शुरू कर दिया।

पीछा करते समय हुआ बड़ा हादसा

झुंझुनूं के पुलिस अधीक्षक Kavendra Singh Sagar के अनुसार, पुलिस टीम लगातार थार का पीछा कर रही थी। इसी दौरान आरोपियों ने अचानक वाहन को मोड़कर कच्चे रास्ते की ओर ले जाने की कोशिश की।

पुलिस वाहन ने भी तेजी से यू-टर्न लेने का प्रयास किया, लेकिन संतुलन बिगड़ने से गाड़ी सड़क किनारे एक पेड़ से जा टकराई।

टक्कर इतनी जोरदार थी कि पुलिस वाहन का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। वाहन में लगे एयरबैग खुल गए, लेकिन इसके बावजूद अंदर बैठे पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए।

कॉन्स्टेबल की इलाज के दौरान मौत

हादसे में घायल थाना प्रभारी अजय सिंह और वाहन चला रहे कॉन्स्टेबल भींवाराम मेघवाल को तुरंत नवलगढ़ के सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया।

डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद कॉन्स्टेबल भींवाराम की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें सीकर रेफर कर दिया। हालांकि, इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

बताया जा रहा है कि भींवाराम मेघवाल की उम्र 42 वर्ष थी और वे लंबे समय से पुलिस विभाग में सेवाएं दे रहे थे।

उनकी मौत की खबर मिलते ही पुलिस विभाग और परिवार में शोक की लहर दौड़ गई।

घायल SHO का अस्पताल में इलाज जारी

हादसे में घायल थाना प्रभारी अजय सिंह का इलाज फिलहाल नवलगढ़ के सरकारी अस्पताल में चल रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक उनकी हालत गंभीर लेकिन स्थिर बताई जा रही है।

झुंझुनूं एसपी Kavendra Singh Sagar भी अस्पताल पहुंचे और घायल अधिकारी का हालचाल जाना।

पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी लगातार मामले की निगरानी कर रहे हैं।

ग्रामीणों ने आरोपियों को पकड़ा

हादसे के बाद इलाके के ग्रामीणों ने फरार हो रहे थार सवार दोनों युवकों को पकड़ लिया। बताया जा रहा है कि पुजारी की ढाणी इलाके के लोगों ने संदिग्धों को रोककर पुलिस के हवाले कर दिया।

स्थानीय लोगों के सहयोग से पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने में मदद मिली।

पुलिस के मुताबिक, दोनों युवक शराब के नशे में थे। वाहन से बीयर के कई कैन भी बरामद किए गए हैं।

फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वे नाकाबंदी तोड़कर क्यों भाग रहे थे।

हरियाणा नंबर की थी थार SUV

पुलिस द्वारा जब्त की गई थार SUV हरियाणा नंबर की बताई जा रही है। वाहन को फिलहाल पुलिस हिरासत में ले लिया गया है और उसकी जांच की जा रही है।

अधिकारियों का कहना है कि वाहन से मिले सबूतों और आरोपियों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

राजस्थान में बढ़ती सड़क सुरक्षा और पुलिस जोखिम की चुनौती

यह घटना एक बार फिर पुलिस ड्यूटी के दौरान आने वाले खतरों को सामने लाती है। अपराधियों का पीछा करते समय पुलिसकर्मियों को अक्सर अपनी जान जोखिम में डालनी पड़ती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि हाई-स्पीड चेज़ के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाने की जरूरत है, ताकि इस तरह के हादसों को रोका जा सके।

भारत में पुलिसकर्मियों के लिए सड़क दुर्घटनाएं ड्यूटी के दौरान मौत के प्रमुख कारणों में शामिल हैं।

स्थानीय लोगों ने जताया दुख

कॉन्स्टेबल भींवाराम मेघवाल की मौत के बाद स्थानीय लोगों और पुलिस विभाग में गहरा दुख देखा गया। सोशल मीडिया पर भी लोग पुलिसकर्मी की बहादुरी और कर्तव्यनिष्ठा को श्रद्धांजलि दे रहे हैं।

कई लोगों ने यह सवाल भी उठाया कि नशे में वाहन चलाने और पुलिस नाकाबंदी तोड़ने जैसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई की आवश्यकता है।

शराब पीकर ड्राइविंग पर फिर उठे सवाल

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि थार में सवार युवक शराब के नशे में थे। वाहन से बीयर के कैन मिलने के बाद पुलिस ने ड्रिंक एंड ड्राइविंग एंगल से भी जांच शुरू कर दी है।

विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में शराब पीकर वाहन चलाने की घटनाएं लगातार सड़क हादसों की बड़ी वजह बनी हुई हैं।

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों के मुताबिक, नशे में ड्राइविंग हर साल हजारों सड़क दुर्घटनाओं और मौतों का कारण बनती है।

पुलिस विभाग में शोक का माहौल

कॉन्स्टेबल भींवाराम मेघवाल की मौत के बाद राजस्थान पुलिस विभाग में शोक की लहर है। साथी पुलिसकर्मियों ने उन्हें मेहनती और समर्पित अधिकारी बताया।

उनका पार्थिव शरीर पोस्टमॉर्टम के बाद परिवार को सौंपा जाएगा। पुलिस विभाग द्वारा पूरे सम्मान के साथ अंतिम विदाई देने की तैयारी की जा रही है।

जांच जारी

पुलिस फिलहाल पूरे मामले की जांच कर रही है। आरोपियों से पूछताछ के अलावा वाहन की फोरेंसिक जांच भी कराई जा रही है।

अधिकारियों का कहना है कि नाकाबंदी तोड़ने, लापरवाही से वाहन चलाने और पुलिस कार्रवाई में बाधा डालने जैसी धाराओं में मामला दर्ज किया जा सकता है।

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