राजस्थान सरकार का बड़ा फैसला, RTE के तहत कक्षा 4 तक प्राइवेट स्कूल में फ्री एडमिशन

Rajasthan RTE Admission 2026 में बड़ा बदलाव। अब प्राइवेट स्कूलों में नर्सरी से पहली कक्षा तक मुफ्त एडमिशन मिलेगा। आवेदन 20 फरवरी से, लॉटरी 6 मार्च को होगी।

राजस्थान में RTE के नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है। अब प्राइवेट स्कूलों में नर्सरी, एलकेजी, यूकेजी और पहली कक्षा तक मुफ्त एडमिशन मिलेगा। आवेदन 20 फरवरी से शुरू होंगे और 6 मार्च को लॉटरी के जरिए स्कूल आवंटन किया जाएगा।

Rajasthan RTE Admission 2026: राजस्थान में छोटे बच्चों के अभिभावकों को बड़ी राहत देते हुए RTE के तहत मुफ्त शिक्षा का दायरा बढ़ा दिया गया है। यह फैसला राजस्थान में लागू होगा, जहां राजस्थान शिक्षा विभाग और प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने नए नियम जारी किए हैं। इसके तहत प्राइवेट स्कूलों में नर्सरी से पहली कक्षा तक चार स्तरों पर फ्री एडमिशन मिलेगा। ऑनलाइन आवेदन 20 फरवरी से शुरू होंगे और 6 मार्च को लॉटरी निकाली जाएगी। बदलाव का उद्देश्य प्री-प्राइमरी स्तर से ही ज्यादा बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ना है।

नर्सरी से पहली तक फ्री एडमिशन का दायरा बढ़ा

राज्य में पहली बार RTE के तहत प्राइवेट स्कूलों में नर्सरी, एलकेजी, यूकेजी और पहली कक्षा में मुफ्त एडमिशन दिया जाएगा। इससे पहले यह सुविधा सीमित कक्षाओं तक थी, लेकिन नए नियम से ज्यादा बच्चों को फायदा मिलने की उम्मीद है।

यह बदलाव राजस्थान शिक्षा विभाग और प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय की ओर से लागू किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि इसका मकसद प्री-प्राइमरी स्तर से ही बच्चों को बेहतर शिक्षा का अवसर देना है।

आवेदन और लॉटरी की पूरी टाइमलाइन

RTE एडमिशन के लिए ऑनलाइन आवेदन 20 फरवरी से शुरू होंगे। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद 6 मार्च को लॉटरी निकाली जाएगी, जिसके आधार पर बच्चों को स्कूल अलॉट किए जाएंगे।

पहले अभिभावक सिर्फ नर्सरी या पहली कक्षा में से किसी एक के लिए आवेदन कर सकते थे। अब चारों स्तर शामिल होने से एलकेजी और यूकेजी में पढ़ने वाले बच्चों को भी RTE के तहत दाखिले का मौका मिलेगा।

एज लिमिट और सीट तय करने का नया फॉर्मूला

नई व्यवस्था में हर कक्षा के लिए आयु सीमा तय की गई है। नर्सरी के लिए 3 से 4 साल, एलकेजी के लिए 4 से 5 साल, यूकेजी के लिए 5 से 6 साल और पहली कक्षा के लिए 6 से 7 साल की उम्र निर्धारित की गई है।

सीटों की गणना स्कूलों के पिछले तीन साल के एडमिशन डेटा के औसत के आधार पर होगी। उसी औसत का 25 प्रतिशत हिस्सा RTE के तहत मुफ्त प्रवेश के लिए आरक्षित किया जाएगा। यदि किसी कक्षा में पहले से प्रमोट होकर बच्चे मौजूद हैं, तो बची सीटों पर ही नए एडमिशन होंगे।

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