Rajya Sabha Election 2026: 10 राज्यों की 37 सीटों पर 16 मार्च को होंगे मतदान, चुनाव आयोग ने जारी किया शेड्यूल

भारत निर्वाचन आयोग ने Rajya Sabha Election 2026 का कार्यक्रम जारी कर दिया है। 10 राज्यों की 37 सीटों पर 16 मार्च को मतदान होगा। जानें नामांकन की तारीख,

भारत की संसद के उच्च सदन Rajya Sabha की 37 सीटों पर चुनाव की तारीखों का आधिकारिक एलान कर दिया गया है। Election Commission of India ने बुधवार को घोषणा की कि इन सीटों के लिए मतदान 16 मार्च 2026 को कराया जाएगा।

नई दिल्ली: Election Commission of India ने राज्यसभा की 37 सीटों पर चुनाव की तारीख का ऐलान कर दिया है। आयोग के अनुसार इन सीटों के लिए मतदान 16 मार्च को कराया जाएगा। इनमें Maharashtra की 7, West Bengal और Bihar की 5-5 सीटों पर चुनाव होगा। इसके अलावा Odisha की 4, Tamil Nadu की 6, Assam की 3, Chhattisgarh की 2, Haryana की 2, Telangana की 2 और Himachal Pradesh की 1 सीट पर मतदान कराया जाएगा।

निर्वाचन प्रक्रिया के तहत नामांकन, जांच और नाम वापसी की तिथियां अलग से अधिसूचित की जाएंगी। इन चुनावों के नतीजे संबंधित राज्यों की विधानसभा में दलों की मौजूदा संख्या बल के आधार पर तय होंगे।

किन राज्यों में कितनी सीटों पर चुनाव?

राज्यसभा की जिन 37 सीटों पर चुनाव होंगे, उनमें विभिन्न राज्यों का प्रतिनिधित्व शामिल है।

  • महाराष्ट्र – 7 सीटें
  • तमिलनाडु – 6 सीटें
  • पश्चिम बंगाल – 5 सीटें
  • बिहार – 5 सीटें
  • ओडिशा – 4 सीटें
  • असम – 3 सीटें
  • छत्तीसगढ़ – 2 सीटें
  • हरियाणा – 2 सीटें
  • तेलंगाना – 2 सीटें
  • हिमाचल प्रदेश – 1 सीट

इन चुनावों के परिणाम संबंधित राज्यों की विधानसभाओं में मौजूद राजनीतिक समीकरणों के आधार पर तय होंगे, क्योंकि राज्यसभा सदस्य अप्रत्यक्ष चुनाव प्रणाली के तहत चुने जाते हैं।

पूरा चुनाव कार्यक्रम (Schedule)

चुनाव आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार प्रक्रिया इस प्रकार होगी:

  • 26 फरवरी 2026 – अधिसूचना जारी
  • 5 मार्च 2026 – नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि
  • 6 मार्च 2026 – नामांकन पत्रों की जांच
  • 9 मार्च 2026 – नामांकन वापसी की अंतिम तिथि
  • 16 मार्च 2026 – सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान
  • 16 मार्च 2026 – उसी दिन मतगणना

पूरी चुनाव प्रक्रिया 20 मार्च 2026 से पहले संपन्न कर ली जाएगी। राज्यसभा, भारतीय संसद का स्थायी सदन है, जो भंग नहीं होता। इसके सदस्य छह वर्ष के कार्यकाल के लिए चुने जाते हैं, और हर दो वर्ष में लगभग एक-तिहाई सदस्य सेवानिवृत्त होते हैं। इन 37 सीटों पर होने वाला चुनाव राष्ट्रीय राजनीति के लिए अहम माना जा रहा है। इससे न केवल संसद में दलों की ताकत का संतुलन प्रभावित होगा, बल्कि आगामी विधायी एजेंडे पर भी असर पड़ सकता है।

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