नितेश तिवारी की बहुचर्चित फिल्म Ramayanam में Ranbir Kapoor की भगवान श्रीराम के किरदार में कास्टिंग को लेकर बहस लगातार जारी है। ट्रेलर रिलीज होने के बाद से सोशल मीडिया पर दर्शकों की राय बंटी हुई नजर आ रही है।
एंटरटेनमेंट न्यूज़: निर्देशक नितेश तिवारी की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘रामायणम्’ को लेकर दर्शकों के बीच उत्साह के साथ-साथ बहस भी तेज हो गई है। फिल्म में अभिनेता रणबीर कपूर भगवान श्रीराम की भूमिका निभा रहे हैं, जबकि इस कास्टिंग को लेकर सोशल मीडिया और मनोरंजन जगत में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
इसी बीच अभिनेत्री निकिता रावल ने रणबीर कपूर की भूमिका चयन पर सवाल उठाते हुए सार्वजनिक रूप से अपनी राय व्यक्त की है, जिससे यह मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
रणबीर कपूर की कास्टिंग पर निकिता रावल की आपत्ति
एक हालिया बातचीत में निकिता रावल ने कहा कि भगवान श्रीराम का किरदार केवल एक अभिनय भूमिका नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था और सांस्कृतिक भावनाओं से जुड़ा विषय है। उनके अनुसार, ऐसे प्रतिष्ठित और पूजनीय चरित्र को पर्दे पर निभाने वाले कलाकारों को दर्शकों की भावनाओं और अपेक्षाओं को समझना चाहिए।
निकिता का मानना है कि धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व रखने वाले किरदारों को निभाने वाले कलाकारों के निजी बयानों और सार्वजनिक छवि पर भी लोगों का ध्यान जाता है। इसी संदर्भ में उन्होंने रणबीर कपूर के एक पुराने बयान का उल्लेख किया, जो वर्षों पहले उनके खान-पान संबंधी पसंद को लेकर सामने आया था।
पुराना बयान फिर बना चर्चा का विषय
सोशल मीडिया पर पिछले कुछ वर्षों से रणबीर कपूर का एक पुराना इंटरव्यू समय-समय पर चर्चा में आता रहा है, जिसमें उन्होंने अपने पसंदीदा भोजन के बारे में बात की थी। अब ‘रामायणम्’ में उनकी भूमिका की घोषणा के बाद वही बयान फिर से ऑनलाइन बहस का हिस्सा बन गया है। निकिता रावल ने कहा कि कुछ दर्शकों और धार्मिक भावनाओं से जुड़े लोगों को इस मुद्दे पर आपत्ति है और उनका मानना है कि कलाकारों को ऐसे मामलों में संवेदनशीलता दिखानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी बयान से लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं, तो संवाद और स्पष्टता के जरिए स्थिति को बेहतर बनाया जा सकता है।

सोशल मीडिया पर बंटी राय
रणबीर कपूर की कास्टिंग को लेकर सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं दो हिस्सों में बंटी दिखाई दे रही हैं। एक वर्ग का मानना है कि किसी अभिनेता का मूल्यांकन उसकी अभिनय क्षमता और पेशेवर योग्यता के आधार पर किया जाना चाहिए। उनके अनुसार, कलाकार विभिन्न प्रकार के किरदार निभाते हैं और किसी भूमिका के लिए उनकी निजी जीवनशैली को निर्णायक मानदंड नहीं बनाया जाना चाहिए।
दूसरी ओर, कुछ लोग यह तर्क दे रहे हैं कि धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण पात्रों के चयन में सार्वजनिक छवि और सामाजिक संवेदनशीलता भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यही कारण है कि यह विषय ऑनलाइन मंचों पर लगातार चर्चा का केंद्र बना हुआ है।
‘रामायणम्’ को लेकर बढ़ी उत्सुकता
नितेश तिवारी की ‘रामायणम्’ भारतीय सिनेमा की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में से एक मानी जा रही है। फिल्म का उद्देश्य भारतीय महाकाव्य रामायण को आधुनिक तकनीक और भव्य प्रस्तुति के साथ वैश्विक दर्शकों तक पहुंचाना है। फिल्म में रणबीर कपूर के अलावा कई चर्चित कलाकार भी प्रमुख भूमिकाओं में नजर आने वाले हैं। परियोजना के पैमाने, विजुअल इफेक्ट्स और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रस्तुति को लेकर पहले से ही काफी उत्साह बना हुआ है।












