रामगढ़ में जंगली हाथियों का आतंक: 4 लोगों की मौत, 42 हाथियों का झुंड मचा रहा दहशत

रामगढ़ में जंगली हाथियों का आतंक: 4 लोगों की मौत, 42 हाथियों का झुंड मचा रहा दहशत

रामगढ़ में जंगली हाथियों के हमले में एक ही दिन में चार लोगों की मौत हो गई। 42 हाथियों का झुंड गांवों की ओर बढ़ रहा है। परिजन मुआवजा और सुरक्षा की मांग कर सड़क जाम कर दिए। प्रशासन की तैयारियों पर सवाल उठे हैं।

Jharkhand: पहली घटना बुधवार शाम करीब 4 बजे हुई, जब हाथियों ने अमित रजवार पर हमला कर उन्हें मार डाला। कुछ घंटे बाद गिद्दी निवासी अमूल महतो भी हाथियों के हमले का शिकार हो गए। महतो खाना खाने के बाद ड्यूटी के लिए मोटरसाइकिल से निकले थे, तभी रास्ते में हाथियों के झुंड ने उन्हें कुचल दिया।

देर रात हाथियों का आतंक और बढ़ गया। झुंड ने महावीर मांझी की पत्नी पार्वती देवी और स्वर्गीय लखन करमाली की पत्नी सावित्री देवी को भी मार डाला। इन चार मौतों ने ग्रामीणों को झकझोर कर रख दिया और पूरे इलाके में भय का माहौल फैल गया।

ग्रामीणों का फूटा गुस्सा

चार मौतों के बाद ग्रामीणों ने आर-4 नंबर सड़क को जाम कर दिया। उनका आरोप है कि वन विभाग की लापरवाही के कारण हाथियों का हमला संभव हुआ। ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों की आवाजाही की जानकारी होने के बावजूद न तो समय पर पेट्रोलिंग की गई और न ही लोगों को सतर्क किया गया।

पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन मृतकों के परिजन मुआवजा और स्थायी समाधान की मांग पर अड़े हुए हैं। स्थिति को देखते हुए इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

42 हाथियों का सक्रिय झुंड

इस क्षेत्र में 42 हाथियों का बड़ा झुंड सक्रिय है। यह झुंड मांडू, घाटो और कुजू के जंगलों में तीन अलग-अलग टुकड़ों में घूम रहा है। लगातार गांवों की ओर बढ़ते हाथियों से ग्रामीण भयभीत हैं। उनका कहना है कि जब तक हाथियों को सुरक्षित जंगल की ओर नहीं खदेड़ा जाएगा, तब तक ऐसे हादसे होते रहेंगे।

वन विभाग और प्रशासन पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं कि इतनी बड़ी संख्या में हाथियों के झुंड को लेकर उचित तैयारियां क्यों नहीं की गई।

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