RBI MPC Meeting: आज RBI गवर्नर का बड़ा ऐलान, ब्याज दरों पर टिकी बाजार की नजर

RBI आज 6 फरवरी 2026 को MPC बैठक के नतीजे घोषित करेगा। रेपो रेट पर फैसले से लोन, EMI, बैंकिंग सेक्टर और शेयर बाजार की दिशा तय होने वाली है।

RBI आज 6 फरवरी 2026 को MPC बैठक का फैसला घोषित करेगा। ब्याज दरों को लेकर बाजार और आम लोगों की नजर गवर्नर के ऐलान पर है। बजट और ट्रेड डील के बाद यह बैठक बेहद अहम मानी जा रही है।

RBI MPC Meeting: देश की अर्थव्यवस्था और आम लोगों की जेब से जुड़े सबसे अहम फैसलों में से एक आज सामने आने वाला है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) आज शुक्रवार, 6 फरवरी 2026 को मौद्रिक नीति समिति यानी MPC बैठक के नतीजों का ऐलान करेगा। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा आज सुबह मौद्रिक नीति का फैसला सार्वजनिक करेंगे, जिसके बाद दोपहर 12 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस भी होगी।

यह बैठक इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि यह वित्त वर्ष 2025-26 की आखिरी MPC मीटिंग है और यह केंद्रीय बजट तथा भारत-अमेरिका ट्रेड डील के बाद हो रही है। ऐसे में बाजार, बैंकिंग सेक्टर, लोन लेने वाले ग्राहक और निवेशक सभी की नजर RBI के रुख पर टिकी हुई है।

RBI MPC Meeting कब और कितनी देर चली

RBI की मौद्रिक नीति समिति की यह बैठक 4 फरवरी से 6 फरवरी 2026 के बीच आयोजित की गई। तीन दिन तक चली इस बैठक में महंगाई, आर्थिक विकास, वैश्विक हालात और ब्याज दरों से जुड़े तमाम पहलुओं पर चर्चा की गई।

इस बैठक से पहले पिछली MPC मीटिंग दिसंबर 2025 में 3 से 5 दिसंबर के बीच हुई थी। उस समय RBI ने ब्याज दरों में कटौती का फैसला लिया था, जिससे बाजार को राहत मिली थी।

RBI गवर्नर का भाषण कहां और कैसे देखें

जो लोग RBI के ब्याज दरों पर फैसले को लाइव देखना चाहते हैं, उनके लिए कई विकल्प मौजूद हैं। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा आज सुबह 10 बजे मौद्रिक नीति का ऐलान करेंगे।

यह भाषण RBI की आधिकारिक वेबसाइट पर लाइव स्ट्रीम किया जाएगा। इसके अलावा RBI के यूट्यूब चैनल और X (Twitter) प्लेटफॉर्म पर भी इसे सीधे देखा जा सकता है। नीति से जुड़े लाइव अपडेट बिज़नेस स्टैंडर्ड जैसी प्रमुख बिजनेस वेबसाइट्स पर भी उपलब्ध रहेंगे।

फरवरी की RBI MPC Meeting से क्या उम्मीद

इस बार की MPC मीटिंग को लेकर विशेषज्ञों की राय लगभग एक जैसी नजर आ रही है। Reuters से बात करने वाले ज्यादातर अर्थशास्त्रियों का मानना है कि इस बैठक में RBI ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा।

विशेषज्ञों के मुताबिक, फिलहाल न तो महंगाई और न ही आर्थिक वृद्धि को लेकर ऐसा कोई बड़ा दबाव है, जिसकी वजह से दरों में तुरंत बदलाव की जरूरत पड़े। यही कारण है कि RBI इस बार रेपो रेट को स्थिर रख सकता है।

RBI MPC Meeting: आज RBI गवर्नर का बड़ा ऐलान, ब्याज दरों पर टिकी बाजार की नजर

हालांकि, कुछ जानकार यह भी मानते हैं कि आगे चलकर एक छोटी कटौती की गुंजाइश बनी रह सकती है, ताकि लोन और सस्ते किए जा सकें और खपत को बढ़ावा मिल सके।

RBI अब तक कितनी कटौती कर चुका है

RBI फरवरी 2024 से अब तक रेपो रेट में कुल 1.25 प्रतिशत यानी 125 बेसिस पॉइंट की कटौती कर चुका है। लगातार की गई इन कटौतियों का मकसद आर्थिक गतिविधियों को रफ्तार देना और लोन को सस्ता बनाना रहा है।

इसी वजह से ज्यादातर विशेषज्ञों का मानना है कि फरवरी 2026 की MPC मीटिंग में RBI कुछ समय के लिए ब्रेक ले सकता है और दरों को स्थिर रख सकता है।

दिसंबर 2025 की MPC मीटिंग में क्या हुआ था

दिसंबर 2025 की MPC मीटिंग में RBI ने रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की कटौती की थी। इसके बाद रेपो रेट 5.50 प्रतिशत से घटकर 5.25 प्रतिशत पर आ गया था।

यह फैसला दो लगातार मीटिंगों तक ब्याज दरें स्थिर रखने के बाद लिया गया था। इससे पहले फरवरी से जून के बीच RBI ने लगातार तीन बार ब्याज दरों में कटौती की थी और रेपो रेट को 6.50 प्रतिशत से घटाकर 5.50 प्रतिशत कर दिया था।

MPC का रुख

दिसंबर मीटिंग में MPC ने अपना रुख ‘न्यूट्रल’ बनाए रखा था। इसका मतलब यह है कि RBI आगे की स्थिति को देखते हुए फैसले लेने के लिए तैयार है।

  • उस समय RBI की प्रमुख दरें इस प्रकार थीं।
  • SDF रेट 5.00 प्रतिशत रहा।
  • MSF रेट और बैंक रेट 5.50 प्रतिशत पर बने रहे।

इन दरों का असर बैंकिंग सिस्टम और लिक्विडिटी पर सीधा पड़ता है।

RBI की मौद्रिक नीति क्यों है इतनी अहम

RBI की मौद्रिक नीति समिति हर दो महीने में बैठक करती है। इस बैठक में सिर्फ ब्याज दरों पर फैसला नहीं लिया जाता, बल्कि महंगाई के अनुमान, आर्थिक विकास की स्थिति और आगे की रणनीति पर भी संकेत दिए जाते हैं।

रेपो रेट वह दर होती है, जिस पर RBI बैंकों को कर्ज देता है। जब RBI रेपो रेट बढ़ाता है, तो बैंकों के लिए कर्ज महंगा हो जाता है और इसका असर होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन की EMI पर पड़ता है।

वहीं, रेपो रेट घटने पर बैंक सस्ते कर्ज देने की स्थिति में आते हैं, जिससे आम लोगों और बिजनेस को राहत मिलती है।

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