RBSE 12th Topper: ऑपरेशन सिंदूर से जुड़ी तैयारी के बीच Divya Bhadu बनी टॉपर

बाड़मेर की दिव्या भादू ने पाकिस्तान बॉर्डर के पास रहते हुए RBSE 12वीं 2026 में टॉप किया। अब उनका लक्ष्य UPSC की तैयारी कर IAS बनना है।

बाड़मेर के कृष्ण का तला गांव की दिव्या भादू ने राजस्थान 12वीं बोर्ड 2026 में टॉप कर 500 में से 499 नंबर हासिल किए। पाक बॉर्डर से सिर्फ 1 किमी दूर रहने वाली दिव्या ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद सफलता हासिल की और अब UPSC की तैयारी करके IAS बनने का सपना देख रही हैं।

RBSE 12th Board Top: बाड़मेर जिले के कृष्ण का तला गांव की दिव्या भादू ने राजस्थान 12वीं बोर्ड 2026 में 500 में से 499 अंक लेकर प्रदेश टॉप किया। पाकिस्तान बॉर्डर से मात्र 1 किलोमीटर दूर रहने वाली दिव्या ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान गांव खाली कराने की चिंता के बावजूद सीकर के शेखावती स्कूल हॉस्टल में पढ़ाई जारी रखी। दिव्या अब UPSC की तैयारी कर IAS बनना चाहती हैं और अपने परिवार और गांव का नाम रोशन करना चाहती हैं।

12वीं बोर्ड टॉपिंग और रिजल्ट

बाड़मेर के कृष्ण का तला गांव की दिव्या भादू ने राजस्थान 12वीं बोर्ड 2026 में टॉप कर शानदार उपलब्धि हासिल की। दिव्या ने 500 में से 499 नंबर हासिल किए और 5 छात्रों में से एक हैं जिन्होंने प्रदेश टॉप किया। इंग्लिश, फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी में उन्हें फुल 100 नंबर मिले, जबकि हिंदी में केवल 1 नंबर कटकर 99 रह गए। इस उपलब्धि से दिव्या ने अपने परिवार और गांव का नाम रोशन किया।

राजस्थान बोर्ड ऑफ़ स्कूल एजुकेशन (RBSE) ने इस बार 12वीं के रिजल्ट में 96.23 प्रतिशत छात्रों को पास किया। दिव्या ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और शिक्षकों को दिया और कहा कि उनका लक्ष्य अब UPSC की तैयारी करके IAS बनना है।

पाक बॉर्डर के पास का गांव और ऑपरेशन सिंदूर

दिव्या का गांव पाकिस्तान बॉर्डर से मात्र 1 किलोमीटर दूर स्थित है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उनके गांव को खाली कराने की तैयारी थी। उस समय दिव्या सीकर के शेखावती स्कूल हॉस्टल में पढ़ाई कर रही थीं। उन्होंने बताया कि पहले पड़ोसी गांवों को खाली कराया गया था, लेकिन उनके गांव को बाद में खाली नहीं करना पड़ा।

दिव्या ने कहा कि इस दौरान उन्हें चिंता हुई, लेकिन उन्होंने पढ़ाई जारी रखी। उनके पिता सुजाराम भादू सहायक ग्राम विकास अधिकारी हैं और मां द्रौपदी देवी गृहिणी। दिव्या ने बताया कि उनके गांव के कई बच्चे भी सीकर में पढ़ाई कर रहे हैं।

भविष्य की योजना और IAS बनने का सपना

दिव्या भादू ने स्पष्ट किया कि उनका अगला लक्ष्य UPSC की तैयारी है। उनका सपना IAS बनकर समाज में बदलाव और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ना है। दिव्या की यह प्रेरक कहानी उन छात्रों के लिए उदाहरण है जो सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने सपनों को पूरा करना चाहते हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि कठिनाई और चुनौतियों के बावजूद नियमित मेहनत और परिवार का सहयोग सफलता की कुंजी है। उनके अनुसार, सही मार्गदर्शन और आत्मविश्वास से कोई भी मुश्किल परिस्थिति पार की जा सकती है।

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