Republic Day पर PM Modi का मास्टरस्ट्रोक, EU के 27 देशों संग 100 Billion Dollar डील की उम्मीद

Republic Day पर PM Modi का मास्टरस्ट्रोक, EU के 27 देशों संग 100 Billion Dollar डील की उम्मीद

Republic Day पर PM Modi ने बड़ा कूटनीतिक कदम उठाया है। EU के 27 देशों के साथ 100 Billion Dollar की डील की संभावना है। यह साझेदारी व्यापार, टेक्नोलॉजी, डिफेंस और क्लाइमेट सेक्टर में भारत-EU रिश्तों को नई मजबूती दे सकती है।

PM Modi Deal: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की विदेश नीति में एक बार फिर बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है। 77वें Republic Day के मौके पर भारत और European Union के बीच रणनीतिक, व्यापारिक और आर्थिक रिश्तों को नई ऊंचाई पर ले जाने की तैयारी है। इस ऐतिहासिक अवसर पर यूरोपीय संघ के 27 देशों के साथ करीब 100 Billion Dollar की डील होने की संभावना जताई जा रही है। यह डील सिर्फ व्यापार तक सीमित नहीं होगी, बल्कि Technology, Defence, Climate Change, Supply Chain और Investment जैसे कई अहम क्षेत्रों को भी कवर करेगी।

Republic Day पर EU नेताओं की ऐतिहासिक मौजूदगी

25 से 27 जनवरी तक European Council के President एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा और European Commission की President उर्सुला वॉन डेर लेयेन तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर भारत आ रहे हैं। ये दोनों नेता 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि होंगे। किसी एक देश के बजाय पूरे European Union के शीर्ष नेतृत्व की Republic Day में भागीदारी को भारत की बड़ी कूटनीतिक सफलता माना जा रहा है।

16वां India-EU Summit क्यों है खास

इस यात्रा के दौरान 27 जनवरी को 16वां India-European Union Summit आयोजित किया जाएगा। इस शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष वॉन डेर लेयेन करेंगे। इस Summit में दोनों पक्ष रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर चर्चा करेंगे। इसके अलावा कई अहम समझौतों और घोषणाओं की भी संभावना है।

राष्ट्रपति मुर्मू से मुलाकात और प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता

EU के दोनों शीर्ष नेता राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मुलाकात करेंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत होगी। इस बातचीत में Defence Cooperation, Trade Agreement, Green Energy और Global Security जैसे मुद्दे प्रमुख रहेंगे। माना जा रहा है कि इस दौरान भारत और EU के रिश्तों को नई दिशा देने वाला रोडमैप तैयार किया जा सकता है।

India-EU Trade Forum से बढ़ेगा व्यापार

India-EU Summit के साथ-साथ एक India-European Union Trade Forum के आयोजन की भी संभावना है। इस मंच पर दोनों पक्षों के बड़े उद्योगपति, निवेशक और नीति निर्माता शामिल हो सकते हैं। इसका मकसद व्यापार और निवेश के नए अवसर तलाशना है। सूत्रों के मुताबिक, इसी मंच पर 100 Billion Dollar के आसपास की संभावित डील पर बातचीत हो सकती है।

2004 से रणनीतिक साझेदार हैं भारत और EU

भारत और European Union वर्ष 2004 से Strategic Partners हैं। पिछले दो दशकों में दोनों के रिश्ते लगातार मजबूत हुए हैं। Technology Transfer, Education, Climate Policy और Counter Terrorism जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा है। हालांकि, व्यापार समझौते को लेकर लंबे समय तक बातचीत अटकी रही, लेकिन अब हालात बदलते नजर आ रहे हैं।

2020 के बाद पहली बड़ी फिजिकल Summit

15वां India-EU Summit 15 जुलाई 2020 को Virtual Mode में आयोजित हुआ था। उसके बाद यह पहला मौका है जब दोनों पक्ष आमने-सामने इतने बड़े स्तर पर मिल रहे हैं। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, फरवरी में यूरोपीय संघ के आयुक्तों के ऐतिहासिक भारत दौरे के बाद द्विपक्षीय रिश्तों में नई गति आई है। कई क्षेत्रों में सहयोग पहले से ज्यादा गहरा हुआ है।

Free Trade Agreement पर उन्नत चरण की बातचीत

इस समय भारत और European Union के बीच Free Trade Agreement यानी FTA को लेकर बातचीत उन्नत चरण में है। दोनों पक्ष टैरिफ, मार्केट एक्सेस और रेगुलेटरी मुद्दों पर सहमति बनाने की कोशिश कर रहे हैं। अगर यह समझौता होता है, तो इससे भारत को European Market में बड़ा फायदा मिल सकता है और EU कंपनियों के लिए भारत में निवेश के रास्ते खुलेंगे।

PM Modi की कूटनीतिक रणनीति

PM Modi की विदेश नीति की खासियत रही है कि वे बड़े वैश्विक मंचों का इस्तेमाल भारत के आर्थिक और रणनीतिक हितों के लिए करते हैं। Republic Day जैसे राष्ट्रीय अवसर पर EU के पूरे नेतृत्व को आमंत्रित करना इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। इससे दुनिया को यह संदेश जाता है कि भारत अब Global Power बनने की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रहा है।

किन सेक्टर्स में हो सकती है बड़ी डील

जानकारों के अनुसार, इस संभावित 100 Billion Dollar डील में Renewable Energy, Electric Mobility, Defence Manufacturing, Semiconductor, Digital Infrastructure और Supply Chain Resilience जैसे सेक्टर शामिल हो सकते हैं। Climate Change और Green Transition के क्षेत्र में भी भारत और EU मिलकर बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम कर सकते हैं।

भारत-EU साझेदारी क्यों है दोनों के लिए जरूरी

वैश्विक स्तर पर बदलते हालात में भारत और European Union दोनों एक-दूसरे को भरोसेमंद साझेदार मानते हैं। एक तरफ भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था है, वहीं EU तकनीक और निवेश का बड़ा केंद्र है। चीन और रूस जैसे मुद्दों के बीच यह साझेदारी Global Balance के लिए भी अहम मानी जा रही है।

Leave a comment