बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज (16 जनवरी) से अपनी 16वीं यात्रा ‘समृद्धि यात्रा’ की शुरुआत करने जा रहे हैं। यह यात्रा 26 फरवरी तक चलेगी और इसमें सरकार का मुख्य फोकस विकास को समृद्धि में बदलने पर रहेगा।
पटना: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की बिहार यात्रा पहले से ही काफी चर्चा में रही है। अपने शासनकाल में वे अलग-अलग नामों से अब तक बिहार की 15 यात्राएं कर चुके हैं, और आज (16 जनवरी, शुक्रवार) से वे अपनी 16वीं यात्रा शुरू करने जा रहे हैं, जिसे समृद्धि यात्रा नाम दिया गया है। यह यात्रा आज पश्चिम चंपारण के बेतिया से शुरू होगी। यात्रा 16 जनवरी से 26 फरवरी तक चलेगी, जिसमें बीच-बीच में कई बार ब्रेक भी लिए जाएंगे। आज से शुरू हुई यह यात्रा 24 जनवरी तक नियमित रूप से चलेगी।
यात्रा का शेड्यूल और बदलाव
नीतीश कुमार पहले भी अपने शासनकाल में अलग-अलग नामों से बिहार की 15 यात्राएं कर चुके हैं। आज से शुरू होने वाली समृद्धि यात्रा शुक्रवार से 24 जनवरी तक नियमित रूप से चलेगी। हालांकि, 18 जनवरी को रविवार के दिन मुख्यमंत्री यात्रा पर नहीं रहेंगे। इसके बाद 19 जनवरी से 24 जनवरी तक यात्रा जारी रहेगी। 25 जनवरी और गणतंत्र दिवस 26 जनवरी को मुख्यमंत्री पटना में ही रहेंगे।
यात्रा के पूर्व घोषित शेड्यूल में कुछ बदलाव भी किए गए हैं। पहले यह तय था कि 21 जनवरी को सीवान और 22 जनवरी को सारण का दौरा किया जाएगा। लेकिन नए शेड्यूल के अनुसार अब मुख्यमंत्री 21 जनवरी को सारण, जबकि 22 जनवरी को सीवान में रहेंगे। शेष कार्यक्रम पूर्व नियोजित शेड्यूल के अनुसार ही होंगे। 24 जनवरी को कर्पूरी जयंती के अवसर पर पटना में माल्यार्पण के बाद वह वैशाली में यात्रा पर निकलेंगे।
समृद्धि यात्रा में होंगे कई विकास कार्यक्रम
समृद्धि यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार विभिन्न योजनाओं और विकास परियोजनाओं का जायजा लेंगे। यात्रा में शामिल प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं:
- नि:शुल्क दवा उपलब्धता
- ऊर्जा में संरचनात्मक ढांचे की उपलब्धता
- मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना (अवशेष)
- ग्रामीण सेतु निर्माण योजना
- जीविका समूह और पंचायत सरकार भवन
- भूमि विवाद निपटान के लिए बैठक
- राशन कार्ड से संबंधित प्रतिवेदन
- स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना
- मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना
- कुशल युवा कार्यक्रम
- विधि व्यवस्था की समीक्षा
इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य राज्य में विकास कार्यों की समीक्षा करना और यह सुनिश्चित करना है कि विकास कार्य सीधे ग्रामीण और गरीब तबके तक पहुंचे।

विकास को समृद्धि में बदलने पर होगा फोकस
नीतीश कुमार की पिछली प्रगति यात्रा दिसंबर 2024 से फरवरी 2025 तक हुई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य राज्य में विकास कार्यों की रफ्तार का जायजा लेना था। अब शुरू होने वाली समृद्धि यात्रा में सरकार का फोकस विकास को समृद्धि में बदलने, रोजगार सृजन, आर्थिक प्रगति और ग्रामीण क्षेत्रों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर रहेगा।
यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री सात निश्चय-2 और सात निश्चय-3 योजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा करेंगे। माना जा रहा है कि यह यात्रा बिहार में आर्थिक विकास और ग्रामीण समृद्धि के लिए बड़े संदेश भी देगी।
नव स्थापित औद्योगिक इकाइयों का निरीक्षण
यात्रा की शुरुआत आज सुबह 11.30 बजे पटना से हेलिकॉप्टर द्वारा बेतिया के कुमारबाग से होगी। मुख्यमंत्री वहां नव स्थापित औद्योगिक इकाइयों का निरीक्षण करेंगे। इसके अलावा उद्योग विभाग की योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन भी किया जाएगा। मुख्यमंत्री उद्यमियों से संवाद करेंगे और बाद में रमना मैदान में जिलास्तरीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करेंगे।
इस यात्रा के माध्यम से सरकार यह संदेश देना चाहती है कि बिहार में विकास योजनाओं का लाभ सीधे जनता तक पहुंचे और राज्य की समृद्धि सुनिश्चित हो। समृद्धि यात्रा बिहार में विकास और सामाजिक कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।











