रेस्टोरेंट की आड़ में चल रहे ऑनलाइन सट्टेबाजी गिरोह का पर्दाफाश, 5 आरोपी गिरफ्तार

रेस्टोरेंट की आड़ में चल रहे ऑनलाइन सट्टेबाजी गिरोह का पर्दाफाश, 5 आरोपी गिरफ्तार

उदयपुर के सुखेर थाना क्षेत्र में रेस्टोरेंट की आड़ में चल रहे ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क का खुलासा हुआ है। पुलिस ने पांच आरोपियों को पकड़ा है। जांच में बैंक खाते खरीदने और लाखों की ठगी की बात सामने आई है।

Rajasthan: उदयपुर जिले में पुलिस ने ऑनलाइन धोखाधड़ी और अवैध सट्टेबाजी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। सुखेर थाना पुलिस और जिला स्पेशल टीम (DST) ने संयुक्त अभियान चलाकर तुलसी नगर इलाके में स्थित मिक्सोरा रेस्टोरेंट एंड विला पर छापा मारा।

थानाधिकारी रविंद्र चारण ने बताया कि पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि रेस्टोरेंट की आड़ में ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी का अवैध नेटवर्क संचालित किया जा रहा है। प्रशिक्षु आरपीएस जगदीश कुमार के नेतृत्व में टीम ने 14 जनवरी को अचानक दबिश दी, जहां आरोपी मोबाइल और ऑनलाइन पैनल के जरिए सट्टा चला रहे थे।

कमीशन का लालच देकर करते थे ठगी

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी बेहद चालाक तरीके से लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। वे अलग-अलग ऑनलाइन गेमिंग ऐप्स और गूगल क्रोम के जरिए सट्टेबाजी की आईडी बनाकर चलाते थे। आम लोगों को ज्यादा मुनाफा और भारी कमीशन का झांसा देकर ऑनलाइन गेम खेलने के लिए प्रेरित किया जाता था।

जब कोई व्यक्ति इनके झांसे में आ जाता, तो उससे बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करवा लिए जाते थे। रकम मिलने के बाद आरोपी गेम में नुकसान दिखाकर या आईडी बंद कर लोगों से धोखाधड़ी करते थे।

अवैध बैंक खातों का भी कर रहे थे इस्तेमाल

पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि यह गिरोह केवल ठगी तक सीमित नहीं था। ठगी से मिले पैसों को छिपाने और इधर-उधर करने के लिए आरोपी अवैध रूप से बैंक खाते खरीदने और बेचने का काम भी कर रहे थे।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 9 मोबाइल फोन जब्त किए हैं। इन मोबाइलों में कई फर्जी आईडी, बैंक डिटेल और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन से जुड़े अहम सबूत मिलने की उम्मीद है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि अब तक कितने लोगों से और कितनी रकम की ठगी की जा चुकी है।

पांच आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने इस मामले में चेतन, अरविंद उर्फ मुन्ना, तुषार, कमल और अभिषेक को गिरफ्तार किया है। आरोपी अलग-अलग जिलों और राज्यों से जुड़े हुए हैं, जिससे यह नेटवर्क बड़े स्तर पर फैला होने की आशंका है।

पुलिस अब इस गिरोह के तार अन्य शहरों और राज्यों से जोड़कर जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि मोबाइल डेटा की जांच से और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।

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