रियल एस्टेट शेयर नवंबर से लगातार गिर रहे हैं, निफ्टी रियल एस्टेट इंडेक्स में करीब 30% की गिरावट आई है। निवेशक सतर्क हैं, विशेषज्ञ मानते हैं कि लंबी अवधि में सुधार और रिटर्न का अवसर मौजूद है।
Realty Estate Shares: रियल एस्टेट शेयरों में पिछले साल नवंबर से लगातार गिरावट देखने को मिली है। निफ्टी रियल एस्टेट इंडेक्स में इस अवधि में लगभग 30 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई है। यह स्थिति उन लाखों निवेशकों के लिए चिंता का विषय बन गई है जिन्होंने प्रॉपर्टी शेयरों में पैसा लगाया है। 2020 से 2024 तक रियल एस्टेट सेक्टर में जबरदस्त उछाल आया और शेयरों ने निवेशकों को अच्छा रिटर्न दिया। कोरोना महामारी के बाद भारतीय रियल एस्टेट मार्केट में तेजी देखने को मिली और देश के कई शहरों में प्रॉपर्टी की कीमतें बढ़ी।
लेकिन 2025 आते-आते स्थिति बदल गई। प्रॉपर्टी की कीमतें स्थिर हैं, लेकिन रियल एस्टेट शेयरों में लगातार गिरावट आ रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि इसका मुख्य कारण निवेशकों द्वारा मुनाफा बुक करना और बाजार में तकनीकी कारण हैं।
गिरावट के पीछे क्या वजह
अंबरीश बलिगा के अनुसार, रियल एस्टेट शेयरों में जो बढ़त पिछले कुछ सालों में आई थी, उस दौरान निवेशकों ने काफी पैसा कमाया। जब बाजार में वेल्थ क्रिएट होती है तो निवेशक लाभ बुक करते हैं और इससे शेयरों में बिकवाली होती है। इसके अलावा, इंफ्रास्ट्रक्चर बूम के कारण नई संपत्ति और रूरल एरिया में निवेश की दिशा बदल गई।
विशेषज्ञों का कहना है कि रियल एस्टेट सेक्टर में यह गिरावट किसी असामान्य स्थिति का संकेत नहीं है। यह बाजार की सामान्य चाल और निवेशकों की रणनीति का हिस्सा है।
तकनीकी दृष्टिकोण से रियल एस्टेट शेयर
सचिन गुप्ता के अनुसार, रियल एस्टेट इंडेक्स ने पिछले साल 16 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की थी और इस साल भी शुरुआती सप्ताहों में मंदी जारी रही। चार्ट्स के अनुसार, नवंबर से अब तक करीब 50 फीसदी की गिरावट आ चुकी है। इंडेक्स ने 661 के आसपास इमीडिएट सपोर्ट टेस्ट किया और वहां से हल्का पुलबैक मूव देखने को मिला।
विशेषज्ञों का अनुमान है कि आने वाले हफ्तों में इंडेक्स में 730 से 750 तक का स्तर टेस्ट हो सकता है। हालांकि लंबी अवधि का ट्रेंड अभी भी कमजोर है और निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जाती है।
वैल्यूएशन का नजरिया
अंबरीश बलिगा के अनुसार, रियल एस्टेट शेयरों में करेक्शन के बाद वैल्यूएशन अब डिसेंट स्तर पर आ गया है। स्टॉक्स पूरी तरह अंडरवैल्यूड नहीं हैं, लेकिन मौजूदा मूल्य निवेशकों के लिए आकर्षक बन गया है। यदि कोई निवेशक अभी स्टॉक्स खरीदता है, तो 12 महीनों में बाउंस बैक की संभावना बनी हुई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह समय लंबी अवधि के निवेशकों के लिए अवसर हो सकता है, क्योंकि बाजार में सुधार होने पर रिटर्न प्राप्त होने की संभावना है।
कौन से स्टॉक्स हैं बेहतर विकल्प
विशेषज्ञों ने कुछ रियल एस्टेट स्टॉक्स को खरीदारी के लिए उपयुक्त बताया। गोदरेज प्रॉपर्टीज में फिलहाल एक पुलबैक मूव देखा जा रहा है। इस स्टॉक के लिए इमीडिएट सपोर्ट 1,475 रुपये के आसपास है और ऊपर की दिशा में 1,850 से 1,900 रुपये तक का स्तर टेस्ट हो सकता है।
ओबेरॉय रियल्टी में भी निवेश के लिए अवसर है। यहां इमीडिएट सपोर्ट 1,390 रुपये है और ऊपर की दिशा में 1,580 से 1,600 रुपये का स्तर टेस्ट हो सकता है। विशेषज्ञों ने कहा कि इन स्टॉक्स में निवेश करते समय स्ट्रिक्ट स्टॉप लॉस का पालन जरूरी है।
आईटी सेक्टर और रियल एस्टेट
अंबरीश बलिगा ने बताया कि आईटी सेक्टर में एआई और जॉब रिस्क के कारण रियल एस्टेट पर भी दबाव हो सकता है। विशेषकर बेंगलुरु जैसी आईटी हब में कंस्ट्रक्शन और रेंटल डिमांड प्रभावित हो सकती है, जिससे प्रॉपर्टी प्राइस पर असर पड़ सकता है।
इसका मतलब है कि रियल एस्टेट निवेशकों को इन लोकेशनों पर अतिरिक्त सतर्कता बरतनी होगी और निवेश रणनीति में इस जोखिम को ध्यान में रखना होगा।









