रकुल प्रीत सिंह ने सोशल मीडिया जवाबदेही पर उठाए सवाल, बोलीं- “हर किसी को खुश नहीं कर सकते”

अभिनेत्री रकुल प्रीत सिंह ने सोशल मीडिया पर बढ़ती जवाबदेही और ट्रोलिंग को लेकर अपनी राय रखी है। उन्होंने कहा कि हर किसी को खुश करना संभव नहीं है जानें उनके बयान

बॉलीवुड अभिनेत्री रकुल प्रीत सिंह और उनके पति, निर्माता-एक्टर जैकी भगनानी हाल ही में सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का सामना कर रहे हैं। यह विवाद तब शुरू हुआ जब जैकी भगनानी ने एक इंटरव्यू में मजाकिया अंदाज में अपनी शादी को “सिचुएशनशिप” कह दिया।

एंटरटेनमेंट न्यूज़: बॉलीवुड अभिनेत्री Rakul Preet Singh ने सोशल मीडिया पर बढ़ती ट्रोलिंग, ऑनलाइन दुर्व्यवहार और डिजिटल जवाबदेही को लेकर अपनी स्पष्ट राय व्यक्त की है। हाल ही में एक बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रत्येक व्यक्ति का केवल एक सत्यापित (वेरिफाइड) अकाउंट होना चाहिए और उसे पहचान सत्यापन प्रणाली से जोड़ा जाना चाहिए, ताकि ऑनलाइन दुरुपयोग और व्यक्तिगत हमलों पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सके।

रकुल की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब वह और उनके पति Jackky Bhagnani सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बने हुए थे। एक हालिया इंटरव्यू में जैकी भगनानी द्वारा मजाकिया अंदाज में अपनी शादी को "सिचुएशनशिप" कहे जाने के बाद सोशल मीडिया पर विभिन्न प्रतिक्रियाएं देखने को मिली थीं। हालांकि बाद में दोनों ने इसे हल्के-फुल्के अंदाज में लिया और इस पर हास्यपूर्ण प्रतिक्रिया भी दी।

ट्रोलिंग से निपटना सीखा है: रकुल

रकुल प्रीत सिंह का कहना है कि मनोरंजन उद्योग में लंबे समय तक काम करने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर मिलने वाली आलोचनाओं और ट्रोलिंग को संभालना सीख लिया है। उन्होंने कहा कि कलाकारों और आम लोगों दोनों को डिजिटल दुनिया के शोर से खुद को अलग रखने की क्षमता विकसित करनी चाहिए। उनके अनुसार, यदि कोई व्यक्ति लगातार नकारात्मक टिप्पणियों पर ध्यान देता रहेगा, तो उसका असर मानसिक स्वास्थ्य और पेशेवर प्रदर्शन दोनों पर पड़ सकता है।

अभिनेत्री ने कहा कि सोशल मीडिया पर हर व्यक्ति की अलग राय होती है। किसी को किसी कलाकार का काम पसंद आता है, तो किसी को नहीं। ऐसे में हर किसी को संतुष्ट करना संभव नहीं है।

ऑनलाइन आलोचना और व्यक्तिगत हमले में फर्क

रकुल ने रचनात्मक आलोचना और व्यक्तिगत हमलों के बीच स्पष्ट अंतर की बात कही। उनके अनुसार, किसी के काम, प्रदर्शन या विचारों पर सभ्य तरीके से आलोचना करना स्वीकार्य है, लेकिन किसी व्यक्ति की गरिमा, निजी जीवन या व्यक्तित्व पर हमला करना उचित नहीं माना जा सकता। उन्होंने कहा कि यदि कोई आलोचना पेशेवर दृष्टिकोण से की जाती है तो उससे सीखने का अवसर मिलता है। लेकिन जब टिप्पणियां केवल किसी को आहत करने या अपमानित करने के उद्देश्य से की जाती हैं, तब उन्हें नजरअंदाज करना ही बेहतर विकल्प होता है।

सोशल मीडिया की जवाबदेही पर अपनी राय रखते हुए रकुल ने सुझाव दिया कि प्रत्येक व्यक्ति के पास केवल एक सत्यापित अकाउंट होना चाहिए। उनका मानना है कि पहचान सत्यापन की व्यवस्था से फर्जी प्रोफाइल, ट्रोल अकाउंट और ऑनलाइन उत्पीड़न जैसी समस्याओं को कम किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जब उपयोगकर्ताओं की पहचान स्पष्ट होगी, तब सोशल मीडिया पर जिम्मेदार व्यवहार को बढ़ावा मिलेगा और लोग किसी के खिलाफ अनुचित या अपमानजनक टिप्पणियां करने से पहले अधिक सतर्क रहेंगे।

हालांकि उन्होंने किसी विशेष तकनीकी या कानूनी मॉडल का समर्थन नहीं किया, लेकिन डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अधिक जवाबदेही की आवश्यकता पर जोर दिया।

मानसिक स्वास्थ्य पर सोशल मीडिया का प्रभाव

अभिनेत्री ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर लगातार नकारात्मकता का सामना करना कई लोगों के मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है। विशेष रूप से सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों को अक्सर उनकी उपस्थिति, कपड़ों, निजी संबंधों और पेशेवर फैसलों को लेकर टिप्पणियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे माहौल में मानसिक संतुलन बनाए रखना एक बड़ी चुनौती बन सकता है।

विशेषज्ञ भी लंबे समय से इस बात पर जोर देते रहे हैं कि सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं को डिजिटल वेलनेस और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहना चाहिए।

महिलाओं के सम्मान पर दिया विशेष जोर

रकुल प्रीत सिंह ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता महत्वपूर्ण है, लेकिन इसके नाम पर किसी महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाना स्वीकार्य नहीं होना चाहिए।उन्होंने कहा कि समाज और डिजिटल प्लेटफॉर्म दोनों की जिम्मेदारी है कि वे सम्मानजनक संवाद को बढ़ावा दें और ऑनलाइन उत्पीड़न के खिलाफ प्रभावी कदम उठाएं। उनके अनुसार, स्वस्थ चर्चा और आलोचना लोकतांत्रिक संवाद का हिस्सा है, लेकिन व्यक्तिगत अपमान और दुर्व्यवहार की कोई जगह नहीं होनी चाहिए।

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