विश्व पर्यावरण दिवस पर हल्द्वानी में दैनिक जागरण की ओर से पर्यावरण जन-जागरण दौड़ का आयोजन किया गया। सैकड़ों लोगों ने इसमें भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और पौधे गोद लेकर उनकी देखभाल का संकल्प लिया।
हल्द्वानी: विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर हल्द्वानी में आयोजित पर्यावरण जन-जागरण दौड़ में शहरवासियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। दैनिक जागरण की पहल पर आयोजित इस कार्यक्रम में बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए दौड़ लगाई और हरियाली बढ़ाने के लिए पौधे गोद लेने का संकल्प लिया।
पर्यावरण संरक्षण के लिए सड़कों पर उतरे शहरवासी
विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में सुबह से ही लोगों का उत्साह देखने को मिला। तिकोनिया स्थित बुद्ध पार्क में बड़ी संख्या में प्रतिभागी एकत्र हुए और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई। कार्यक्रम की शुरुआत वार्मअप सत्र से हुई, जिसके बाद दौड़ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।

दौड़ में बच्चों से लेकर वरिष्ठ नागरिकों तक सभी आयु वर्ग के लोगों ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने पर्यावरण बचाने और अधिक से अधिक पौधे लगाने का संदेश दिया।
सैकड़ों प्रतिभागियों ने दिया हरियाली का संदेश
पर्यावरण जन-जागरण दौड़ तिकोनिया से शुरू होकर बीरशीबा मार्ग होते हुए पुनः बुद्ध पार्क पहुंची। इस दौरान सैकड़ों प्रतिभागियों ने दौड़ में हिस्सा लिया। कार्यक्रम में वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई।
दौड़ पूरी होने के बाद प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। साथ ही उन्हें फलदार पौधे भी दिए गए, ताकि वे अपने आसपास हरियाली बढ़ाने में योगदान दे सकें। कई लोगों ने पौधों को गोद लेकर उनकी नियमित देखभाल करने का संकल्प भी लिया।
पौधों की देखभाल भी उतनी ही जरूरी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सावित्री गिरी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी विभागों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह समाज के हर व्यक्ति का दायित्व है। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण देने के लिए आज से ही ठोस प्रयास करने होंगे।
उन्होंने लोगों से अपील की कि केवल पौधे लगाने तक सीमित न रहें, बल्कि उनके पेड़ बनने तक नियमित देखभाल भी करें। उनके अनुसार पर्यावरण संरक्षण का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा जब लगाए गए पौधे सुरक्षित रूप से विकसित होकर हरियाली बढ़ाएंगे।
कई संस्थाओं ने किया सहयोग
इस आयोजन को सफल बनाने में वन विभाग के तराई पूर्वी वन प्रभाग, 23 ट्राई क्लब और देवभूमि उत्तराखंड विश्वविद्यालय का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम में वन विभाग के अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थी और स्वयंसेवक बड़ी संख्या में शामिल हुए।
एमबीपीजी कॉलेज के एनएसएस स्वयंसेवियों और महिला कॉलेज की नमामि गंगे इकाई से जुड़े छात्रों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। आयोजन के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का संदेश लोगों तक पहुंचाया गया।
यह कार्यक्रम केवल एक दौड़ तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पर्यावरण के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी और जागरूकता का संदेश देने वाला एक जन अभियान बन गया।











