रोहित यादव का ऐतिहासिक प्रदर्शन: जेवलिन थ्रो में जीता गोल्ड, एशियन गेम्स 2026 के लिए किया क्वालिफाई

रोहित यादव ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जेवलिन थ्रो में गोल्ड मेडल अपने नाम किया और एशियन गेम्स 2026 के लिए क्वालिफाई कर लिया। जानें उनकी जीत, रिकॉर्ड प्रदर्शन

65वीं नेशनल इंटर-स्टेट सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप के आखिरी दिन जेवलिन थ्रो स्पर्धा में नया रिकॉर्ड देखने को मिला। भारतीय एथलीट रोहित यादव ने 87.05 मीटर का शानदार थ्रो कर नया कीर्तिमान स्थापित किया और स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

स्पोर्ट्स न्यूज़: भारत के युवा जेवलिन थ्रोअर रोहित यादव ने 65वीं नेशनल इंटर-स्टेट सीनियर एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया। कलिंगा स्टेडियम में आयोजित इस प्रतियोगिता के अंतिम दिन उन्होंने 87.05 मीटर का बेहतरीन थ्रो कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस प्रदर्शन के साथ रोहित न केवल प्रतियोगिता के विजेता बने, बल्कि उन्होंने इस सीजन में भारत की ओर से सबसे लंबा थ्रो करने का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया।

87.05 मीटर का थ्रो और गोल्ड मेडल

रोहित यादव ने अपने अंतिम प्रयास में 87.05 मीटर का थ्रो कर सभी को चौंका दिया। यह उनका सर्वश्रेष्ठ व्यक्तिगत प्रदर्शन भी रहा, जिससे उन्होंने प्रतियोगिता में पहला स्थान हासिल किया। उनके थ्रो सीक्वेंस इस प्रकार रहे, 77.71 मीटर, 77.63 मीटर, फाउल (नो मार्क), 77.51 मीटर, 79.40 मीटर और अंतिम प्रयास में 87.05 मीटर। शुरुआती प्रयासों में संघर्ष के बावजूद रोहित ने अंतिम थ्रो में जबरदस्त वापसी करते हुए गोल्ड मेडल पक्का किया।

एशियन गेम्स 2026 के लिए क्वालिफाई

इस शानदार प्रदर्शन के साथ रोहित यादव ने एशियन गेम्स 2026 के लिए क्वालिफिकेशन मानक भी हासिल कर लिया है। उनका यह प्रदर्शन भारत की जेवलिन टीम के लिए एक मजबूत संकेत माना जा रहा है कि देश के पास इस इवेंट में गहराई और प्रतिभा दोनों मौजूद हैं। इस प्रदर्शन के बाद रोहित यादव का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा में आ गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, वे इस सीजन में दुनिया के शीर्ष जेवलिन थ्रोर्स की सूची में शामिल हो गए हैं।

सूची में श्रीलंका के रमेश थरंगा पथिरगे का 92.62 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो शीर्ष स्थान पर बताया जा रहा है। वहीं भारत के स्टार जेवलिन खिलाड़ी नीरज चोपड़ा 85.69 मीटर के साथ शीर्ष खिलाड़ियों में शामिल हैं। रोहित यादव का 87.05 मीटर थ्रो उन्हें वैश्विक स्तर पर मजबूत प्रतिस्पर्धी बनाता है।

नीरज चोपड़ा को चुनौती देने वाली दूरी

रोहित का यह प्रदर्शन इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि उन्होंने इस सीजन में कई अंतरराष्ट्रीय स्तर के थ्रोर्स को पीछे छोड़ा है। हालांकि नीरज चोपड़ा अभी भी भारत के सबसे सफल और अनुभवी जेवलिन थ्रोअर हैं, लेकिन रोहित का यह प्रदर्शन देश में बढ़ती प्रतिस्पर्धा को दर्शाता है। रोहित यादव ने प्रतियोगिता के बाद बताया कि शुरुआती प्रयासों में उन्हें लय हासिल करने में कठिनाई हुई। उन्होंने स्वीकार किया कि वह अभ्यास सत्र में लगातार 86–87 मीटर के थ्रो कर रहे थे, लेकिन प्रतियोगिता में शुरुआत उतनी अच्छी नहीं रही।

उन्होंने कहा कि अंतिम थ्रो में उन्होंने अपनी तकनीक और लय को सही तरीके से इस्तेमाल किया, जिसके परिणामस्वरूप उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन सामने आया। इस उपलब्धि ने उनके आत्मविश्वास को काफी बढ़ाया है।

अन्य भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन भी प्रभावशाली

इस प्रतियोगिता में अन्य भारतीय खिलाड़ियों ने भी बेहतरीन प्रदर्शन किया।

  • यशवीर सिंह ने 83.72 मीटर के थ्रो के साथ दूसरा स्थान हासिल किया
  • सचिन यादव ने 82.32 मीटर के थ्रो के साथ तीसरा स्थान प्राप्त किया

दोनों खिलाड़ियों ने भी एशियन गेम्स क्वालिफिकेशन मार्क हासिल कर लिया है, जिससे भारत की जेवलिन टीम और मजबूत हुई है।

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