RSS प्रमुख मोहन भागवत का दो दिवसीय गुजरात दौरा आज से शुरू, संगठनात्मक गतिविधियों पर रहेगा फोकस

RSS प्रमुख मोहन भागवत आज से दो दिवसीय गुजरात दौरे पर पहुंचेंगे। अहमदाबाद में संगठनात्मक बैठकें और पुनरुत्थान विद्यापीठ के कार्यक्रम में संबोधन करेंगे।

RSS प्रमुख मोहन भागवत मंगलवार से गुजरात के दो दिवसीय दौरे पर रहेंगे। अहमदाबाद में वे संगठनात्मक बैठकों में शामिल होंगे और पुनरुत्थान विद्यापीठ के कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। RSS ने कहा है कि यात्रा पूरी तरह आंतरिक गतिविधियों पर केंद्रित है।

अहमदाबाद: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत मंगलवार शाम से गुजरात के दो दिवसीय दौरे की शुरुआत करेंगे। उनका यह दौरा पूरी तरह संगठनात्मक गतिविधियों पर केंद्रित रहेगा। RSS गुजरात प्रांत की ओर से जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, मोहन भागवत अहमदाबाद पहुंचकर संघ के प्रांतीय कार्यालय डॉ. हेडगेवार भवन में रुकेंगे और वहां संगठन से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा करेंगे।

RSS ने स्पष्ट किया है कि इस यात्रा के दौरान कोई बड़ा सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित नहीं किया गया है। संघ के अनुसार, मोहन भागवत का गुजरात दौरा मुख्य रूप से आंतरिक संगठनात्मक बैठकों और कार्यकर्ताओं के साथ संवाद के लिए है।

पुनरुत्थान विद्यापीठ के कार्यक्रम में देंगे संबोधन

दौरे के दूसरे दिन बुधवार सुबह मोहन भागवत अहमदाबाद स्थित पुनरुत्थान विद्यापीठ में आयोजित एक कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे और संबोधन करेंगे। इसके बाद उनके शहर से रवाना होने का कार्यक्रम है। RSS की ओर से कहा गया है कि यह कार्यक्रम किसी राजनीतिक या सार्वजनिक आयोजन के रूप में नहीं रखा गया है, बल्कि शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े संस्थानों के साथ संवाद का हिस्सा है।

गुजरात से RSS प्रमुख का पुराना जुड़ाव

मोहन भागवत लंबे समय से गुजरात में संगठनात्मक और सामाजिक संस्थाओं के साथ संवाद करते रहे हैं। RSS प्रमुख बनने के बाद से वे समय-समय पर गुजरात का दौरा करते रहे हैं। इन यात्राओं के दौरान वे संघ कार्यकर्ताओं, सामाजिक संगठनों और धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों से मुलाकात करते हैं। इससे पहले इसी साल मार्च में भी मोहन भागवत गुजरात पहुंचे थे। उस दौरान उन्होंने अहमदाबाद का दौरा करने के बाद वडताल और जेतलपुर स्थित स्वामीनारायण मंदिरों में धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लिया था। उन्होंने संतों और धार्मिक नेताओं से भी मुलाकात की थी।

अक्टूबर 2025 में भी किया था गुजरात दौरा

मोहन भागवत ने अक्टूबर 2025 में भी गुजरात की यात्रा की थी। उस समय उन्होंने अहमदाबाद और गांधीनगर में आयोजित कई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया था। इस दौरान उनकी मुलाकात जैन धर्मगुरु आचार्य महाश्रमण से भी हुई थी। उस यात्रा के दौरान RSS प्रमुख ने गुजरात आने को लेकर कहा था कि वे हर साल यहां आकर आध्यात्मिक और सामाजिक संवाद के जरिए नई ऊर्जा प्राप्त करते हैं। उन्होंने गुजरात को सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में बताया था।

युवाओं से संवाद पर दिया था जोर

गुजरात दौरे से कुछ दिन पहले ही मोहन भागवत ने नई दिल्ली में आयोजित एक राष्ट्रीय कार्यक्रम को संबोधित किया था। इस दौरान उन्होंने युवाओं के साथ संवाद की आवश्यकता पर जोर दिया था। उन्होंने कहा था कि युवाओं को केवल निर्देश देने के बजाय उनसे बातचीत और समझ के माध्यम से मार्गदर्शन करना अधिक प्रभावी होता है। उनके इस बयान को युवाओं के साथ बेहतर संवाद स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना गया।

RSS की संगठनात्मक रणनीति पर नजर

मोहन भागवत का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब RSS देशभर में संगठन विस्तार, सामाजिक संपर्क और कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण पर लगातार जोर दे रहा है। संघ प्रमुख की यात्राओं में आमतौर पर संगठन की गतिविधियों की समीक्षा, कार्यकर्ताओं से बातचीत और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा शामिल होती है। गुजरात RSS के लिए लंबे समय से महत्वपूर्ण राज्य रहा है। यहां संघ की मजबूत संगठनात्मक मौजूदगी है और सामाजिक क्षेत्र में भी उसकी विभिन्न गतिविधियां संचालित होती हैं। भागवत का दौरा संगठन के कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय और आगामी गतिविधियों की तैयारी के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

कोई अतिरिक्त कार्यक्रम घोषित नहीं

RSS ने इस दौरे को लेकर अभी तक किसी अन्य कार्यक्रम की घोषणा नहीं की है। संगठन ने दोहराया है कि मोहन भागवत की गुजरात यात्रा पूरी तरह संगठनात्मक उद्देश्य से हो रही है और इसमें आम जनता के लिए कोई खुला कार्यक्रम शामिल नहीं है। दो दिवसीय दौरे के दौरान उनका मुख्य ध्यान संघ की आंतरिक गतिविधियों, सामाजिक संस्थाओं के साथ संवाद और संगठन से जुड़े मुद्दों पर रहेगा।

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