RSS Coordination Meeting: जनगणना में धार्मिक आंकड़ों के नए तरीके पर संघ की सहमति, जनसांख्यिकी बदलाव पर हुआ मंथन

RSS Coordination Meeting में जनगणना के दौरान धार्मिक आंकड़े जुटाने के नए तरीके पर सहमति बनी। बैठक में जनसांख्यिकी बदलाव और उससे जुड़ी चुनौतियों पर भी मंथन हुआ।

विशाखापत्तनम में बुधवार से शुरू हुई संघ की तीन दिवसीय समन्वय बैठक के दूसरे दिन गुरुवार को जनसांख्यिकीय बदलाव और जनसंख्या असंतुलन जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में अनुषांगिक संगठनों ने इन बदलावों से जुड़ी चुनौतियों और अपने अनुभव साझा किए।

नई दिल्ली: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की तीन दिवसीय समन्वय बैठक में देश में हो रहे जनसांख्यिकी बदलाव, जनसंख्या असंतुलन और जनगणना में धार्मिक आंकड़े जुटाने के तरीके को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। विशाखापत्तनम में चल रही इस बैठक के दूसरे दिन विभिन्न अनुषांगिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने जनसंख्या से जुड़े बदलावों और उनसे उत्पन्न चुनौतियों पर अपने अनुभव साझा किए।

बैठक में जनगणना के दौरान धार्मिक आंकड़े एकत्र करने के प्रस्तावित तरीके का समर्थन किए जाने की जानकारी सामने आई है। चर्चा के मुताबिक, संबंधित व्यक्ति के धर्म के साथ उसके माता-पिता के धर्म और जन्मस्थान जैसी जानकारी भी दर्ज करने की व्यवस्था पर विचार किया जा रहा है। संघ से जुड़े सूत्रों के अनुसार, इस तरह की जानकारी से देश में होने वाले जनसांख्यिकी बदलाव की वास्तविक स्थिति को समझने में मदद मिल सकती है।

जनसांख्यिकी बदलाव पर संघ की विस्तृत चर्चा

समन्वय बैठक के दूसरे दिन जनसांख्यिकी बदलाव और जनसंख्या असंतुलन प्रमुख मुद्दों में शामिल रहे। अनुषांगिक संगठनों ने अलग-अलग क्षेत्रों में सामने आ रही परिस्थितियों और उनसे जुड़ी चुनौतियों की जानकारी साझा की। बैठक में यह विचार भी सामने आया कि जनगणना में धार्मिक आंकड़ों के संग्रह को अधिक व्यापक बनाया जाना चाहिए। संघ से जुड़े सूत्रों के अनुसार, प्रस्तावित व्यवस्था में किसी व्यक्ति की वर्तमान धार्मिक पहचान के साथ उसके माता-पिता के धर्म और जन्मस्थान से संबंधित जानकारी जुटाने पर जोर दिया गया है।

संघ का मानना है कि ऐसी विस्तृत जानकारी से धार्मिक और जनसांख्यिकी बदलावों के कारणों को समझने में अधिक मदद मिल सकती है। हालांकि, इस मुद्दे पर सरकार की ओर से लागू की जाने वाली अंतिम व्यवस्था और उसके विस्तृत प्रावधानों को लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार रहेगा।

नशामुक्ति और युवाओं को भारतीय संस्कृति से जोड़ने पर जोर

समन्वय बैठक में केवल जनसंख्या से जुड़े मुद्दों पर ही चर्चा नहीं हुई। बैठक के पहले दिन संघ से जुड़े संगठनों के वार्षिक कामकाज की समीक्षा की गई। इसके बाद नशामुक्ति अभियान और युवाओं को भारतीय संस्कृति से जोड़ने के विषय पर भी विचार-विमर्श हुआ। बैठक में युवाओं के बीच लगातार संपर्क बढ़ाने और उन्हें सामाजिक गतिविधियों से जोड़ने के लिए नए प्रयासों पर चर्चा की गई। संघ से जुड़े संगठनों को युवाओं के साथ संवाद मजबूत करने और उन्हें राष्ट्र तथा समाज से जुड़े विषयों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करने पर जोर दिए जाने की जानकारी सामने आई।

इस दौरान संघ के ‘पंच परिवर्तन’ से जुड़े विषयों और सामाजिक स्तर पर विभिन्न अभियानों को आगे बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। संगठनों के बीच बेहतर समन्वय के जरिए इन अभियानों को व्यापक स्तर तक पहुंचाने की रणनीति पर विचार किया गया।

अमेरिका और यूरोप दौरे पर भी हुई चर्चा

बैठक के अंतिम सत्र में संघ प्रमुख की प्रस्तावित अमेरिका और यूरोप यात्रा को लेकर भी चर्चा हुई। संघ प्रमुख का विदेश दौरा 25 अगस्त से शुरू होने की जानकारी दी गई है। इस दौरान अमेरिकी अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग (USCIRF) की ओर से संघ के खिलाफ की गई मांगों पर भी विचार किया गया।USCIRF ने संघ पर प्रतिबंध लगाने और उसके प्रमुख की प्रस्तावित विदेश यात्रा को रोकने की मांग की है। 

बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा हुई, लेकिन संघ की ओर से इस संबंध में तत्काल कोई प्रतिक्रिया जारी की जाए या नहीं, इस पर अंतिम सहमति नहीं बन सकी। यह मुद्दा ऐसे समय में चर्चा में आया है, जब संघ अपने अंतरराष्ट्रीय संपर्क और विदेशों में भारतीय समुदाय के साथ संवाद को लेकर भी गतिविधियां बढ़ा रहा है।

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