रथिंद्र बोस बने पश्चिम बंगाल विधानसभा के नए स्पीकर, पक्ष और विपक्ष दोनों का मिला समर्थन

Rathindra Bose को पश्चिम बंगाल विधानसभा का नया स्पीकर चुना गया है। खास बात यह रही कि उन्हें पक्ष और विपक्ष दोनों का समर्थन मिला, जिससे राजनीतिक सहमति का संदेश

पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक अहम घटनाक्रम के तहत भारतीय जनता पार्टी के नेता रथिंद्र बोस को राज्य विधानसभा का नया अध्यक्ष (स्पीकर) सर्वसम्मति से चुन लिया गया है। 

कोलकाता: Suvendu Adhikari के नेतृत्व में पश्चिम बंगाल में बनी नई सरकार के बाद राज्य विधानसभा को नया अध्यक्ष मिल गया है। हाल में हुए चुनाव में कूचबिहार दक्षिण से पहली बार विधायक बने Rathindra Bose को शुक्रवार को सर्वसम्मति से विधानसभा का स्पीकर चुना गया। एक दिवसीय विशेष सत्र में विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए हुए चुनाव के दौरान मुख्यमंत्री ने सदन में बोस के नाम का प्रस्ताव रखा, जिसे सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों का समर्थन मिला। यह पहली बार है जब राज्य के संसदीय इतिहास में Bharatiya Janata Party के किसी विधायक को विधानसभा अध्यक्ष बनाया गया है।

पहली बार विधायक से सीधे विधानसभा अध्यक्ष तक का सफर

रथिंद्र बोस हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में उत्तर बंगाल के कूचबिहार दक्षिण क्षेत्र से भाजपा के टिकट पर पहली बार विधायक चुने गए थे। उनकी राजनीतिक यात्रा संगठनात्मक अनुभव से भरी रही है, हालांकि विधायी अनुभव सीमित रहा है। इसके बावजूद पार्टी ने उन पर भरोसा जताते हुए उन्हें सदन के सर्वोच्च पद के लिए नामित किया।

विशेष सत्र के दौरान हुए चुनाव में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने उनके नाम का प्रस्ताव रखा, जिसे सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों का समर्थन मिला। चूंकि तृणमूल कांग्रेस ने अध्यक्ष पद के लिए कोई उम्मीदवार नहीं उतारा, इसलिए बोस का निर्विरोध चुना जाना पहले से ही तय माना जा रहा था।

आरएसएस और भाजपा संगठन से लंबे समय का जुड़ाव

रथिंद्र बोस पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं और लंबे समय से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भाजपा से जुड़े रहे हैं। उन्होंने उत्तर बंगाल में पार्टी के संगठनात्मक विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष और उत्तर बंगाल संयोजक के रूप में भी वे संगठनात्मक जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। उत्तर बंगाल को भाजपा का मजबूत गढ़ माना जाता है और बोस ने इसी क्षेत्र में पार्टी की जमीनी पकड़ को मजबूत करने में योगदान दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, उनका संगठनात्मक अनुभव उन्हें प्रशासनिक जिम्मेदारियों में मदद कर सकता है।

अध्यक्ष चुने जाने के बाद अपने पहले संबोधन में रथिंद्र बोस ने कहा कि वे “सबका साथ, सबका विकास” के सिद्धांत पर चलते हुए अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे। उन्होंने विधानसभा के सभी सदस्यों और पार्टी नेतृत्व का आभार जताया और कहा कि उनका उद्देश्य सदन की गरिमा को बनाए रखते हुए लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करना होगा। बोस ने यह भी संकेत दिया कि वे निष्पक्ष और संतुलित तरीके से सदन का संचालन करेंगे, जिससे सभी दलों को अपनी बात रखने का समान अवसर मिले।

विधानसभा कार्यवाही का होगा लाइव प्रसारण

इस अवसर पर मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि अब पश्चिम बंगाल विधानसभा की पूरी कार्यवाही का लाइव टेलीकास्ट किया जाएगा। इसे पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता को यह जानने का पूरा अधिकार है कि उनके प्रतिनिधि सदन में क्या बोलते हैं और किस तरह जनता के मुद्दों को उठाते हैं। उन्होंने कहा कि यह निर्णय लोकतंत्र को और अधिक मजबूत बनाएगा।

सुवेंदु अधिकारी ने अपने संबोधन में विपक्ष के प्रति नरम रुख अपनाते हुए कहा कि किसी भी विधायक को अनावश्यक रूप से निलंबित नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि विधानसभा में प्रश्नकाल, बहस और चर्चा के माध्यम से सभी सदस्यों को सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष की भूमिका लोकतंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है और उनकी आवाज को भी पूरा सम्मान मिलना चाहिए।

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