राजस्थान के बाड़मेर में सांसद हनुमान बेनीवाल के काफिले के दौरान एक कार में कथित रूप से समर्थकों ने तोड़फोड़ कर दी। घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची, जबकि पीड़ित ने फिलहाल कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है।
बाड़मेर: राजस्थान के बाड़मेर जिले में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) प्रमुख और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल के काफिले के दौरान उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब एक कार कथित रूप से काफिले के बीच पहुंच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना के बाद कुछ समर्थकों ने कार को घेर लिया और उसमें तोड़फोड़ कर दी। वाहन के शीशे सरियों, डंडों और लातों से तोड़ दिए गए, जिससे कार को काफी नुकसान पहुंचा। घटना दांता गांव के पास उस समय हुई जब सांसद एक जनसभा को संबोधित करने के लिए देरासर जा रहे थे। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। हालांकि, घटना में शामिल लोगों के खिलाफ फिलहाल कोई औपचारिक मामला दर्ज नहीं हुआ है, क्योंकि पीड़ित ने लिखित शिकायत नहीं दी है।
कैसे हुआ पूरा घटनाक्रम, काफिले के बीच पहुंची कार
जानकारी के अनुसार, सांसद हनुमान बेनीवाल गुरुवार को जोधपुर से बाड़मेर पहुंचे थे। उन्होंने सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत करने के बाद देरासर में आयोजित जनसभा के लिए प्रस्थान किया। इसी दौरान दांता गांव के निकट सामने से आ रही एक इनोवा कार काफिले के बीच आ गई। इसके बाद मौके पर मौजूद कुछ समर्थक आक्रोशित हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, समर्थकों ने वाहन को रोककर उसमें तोड़फोड़ शुरू कर दी। वाहन के शीशे तोड़े गए और बाहरी हिस्से को भी नुकसान पहुंचाया गया। घटना कुछ ही मिनटों में हुई और इसके बाद काफिला आगे बढ़ गया। सोशल मीडिया पर घटना से जुड़े वीडियो और तस्वीरें भी सामने आई हैं, जिनमें कार को क्षतिग्रस्त अवस्था में देखा जा सकता है।
पीड़ित का दावा- कार अपनी लेन में थी, पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही बाड़मेर ग्रामीण थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। कार चालक श्रवण सिंह, जो शिव थाना क्षेत्र के कोटड़ा इलाके के निवासी बताए जा रहे हैं, ने पुलिस को बताया कि उनकी कार अपनी लेन में चल रही थी और उन्होंने किसी भी तरह से काफिले में घुसने की कोशिश नहीं की थी। उनके अनुसार, बिना किसी बड़े विवाद के वाहन में तोड़फोड़ कर दी गई। हालांकि उन्होंने फिलहाल पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना से जुड़े वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की जांच की जा रही है। यदि शिकायत दर्ज होती है तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

जनसभा में बोले हनुमान बेनीवाल, बयान बना चर्चा का विषय
देरासर में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए सांसद हनुमान बेनीवाल ने भी इस घटना का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि एक कार उनके काफिले के बीच आने की कोशिश कर रही थी और उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं से उसे जाने देने के लिए कहा था। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोगों को उनके क्षेत्र में आने-जाने से परेशानी हो रही है और जिन लोगों को इससे "पेट में दर्द" है, वे उसका इलाज करवा लें। उनका यह बयान राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया। हालांकि उन्होंने मंच से समर्थकों द्वारा की गई कथित तोड़फोड़ का सीधे समर्थन नहीं किया और न ही इस पर विस्तृत टिप्पणी की।
राजनीतिक कार्यक्रमों में सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के बाद राजनीतिक कार्यक्रमों और जनसभाओं के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े राजनीतिक काफिलों के दौरान ट्रैफिक प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की आवश्यकता है ताकि आम नागरिकों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं के बीच किसी भी प्रकार का टकराव न हो। ऐसी घटनाएं न केवल सार्वजनिक सुरक्षा के लिए चुनौती बनती हैं, बल्कि कानून व्यवस्था और राजनीतिक माहौल पर भी असर डालती हैं। पुलिस प्रशासन अब यह भी जांच कर रहा है कि घटना अचानक हुई या इसके पीछे कोई अन्य कारण था।
पुलिस आगे की कार्रवाई पर कर रही विचार
फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और उपलब्ध वीडियो फुटेज तथा प्रत्यक्षदर्शियों के बयान जुटाए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि यदि पीड़ित पक्ष शिकायत दर्ज कराता है या जांच में कोई आपराधिक तथ्य सामने आते हैं, तो संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अफवाहों से बचने की अपील की है।












