रुद्रप्रयाग और केदारनाथ में मंगलवार को मौसम साफ रहा। ऊखीमठ में पिछले 24 घंटे में 7.20 मिमी बारिश दर्ज हुई। जिले में चार मोटर मार्ग बंद हैं, जबकि अलकनंदा और मंदाकिनी का जलस्तर चेतावनी स्तर से नीचे है।
रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग और केदारनाथ में मंगलवार सुबह मौसम साफ रहा। ऊखीमठ तहसील में पिछले 24 घंटे के दौरान 7.20 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि रुद्रप्रयाग और जखोली में बारिश नहीं हुई। जिले में अलकनंदा और मंदाकिनी समेत प्रमुख नदियों का जलस्तर चेतावनी स्तर से नीचे है, लेकिन लोक निर्माण विभाग और पीएमजीएसवाई के चार मोटर मार्ग अभी बंद हैं।
रुद्रप्रयाग में मौसम साफ, तापमान 29 डिग्री तक
रुद्रप्रयाग में मंगलवार सुबह मौसम साफ रहा। जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार जिले में न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बीते 24 घंटे में ऊखीमठ तहसील क्षेत्र में 7.20 मिमी बारिश हुई, जबकि रुद्रप्रयाग और जखोली तहसील क्षेत्रों में बारिश दर्ज नहीं की गई।

केदारनाथ क्षेत्र में भी सुबह मौसम साफ रहा। बारिश के बावजूद जिले में नदियों के जलस्तर की स्थिति फिलहाल सामान्य बनी हुई है और किसी भी नदी का पानी चेतावनी स्तर तक नहीं पहुंचा है।
अलकनंदा और मंदाकिनी का जलस्तर चेतावनी स्तर से नीचे
मंगलवार सुबह आठ बजे अलकनंदा नदी का जलस्तर 623.08 मीटर दर्ज किया गया। इसका चेतावनी स्तर 626 मीटर और खतरे का निशान 627 मीटर है। इस तरह नदी का जलस्तर दोनों निर्धारित स्तरों से नीचे रहा।
मंदाकिनी नदी का जलस्तर 622.80 मीटर दर्ज किया गया। मंदाकिनी के लिए चेतावनी स्तर 625 मीटर और खतरे का निशान 626 मीटर निर्धारित है। गंगानगर में नदी का जलस्तर 799.54 मीटर और गौरीकुंड में 1973.45 मीटर दर्ज किया गया। इन दोनों स्थानों पर भी जलस्तर चेतावनी और खतरे के निशान से काफी नीचे रहा।
चार मोटर मार्ग अभी भी बंद
जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग और राज्य राजमार्ग फिलहाल खुले हैं। हालांकि, लोक निर्माण विभाग के दो और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना यानी पीएमजीएसवाई के दो मार्ग बंद हैं। इस तरह कुल चार मोटर मार्गों पर आवाजाही प्रभावित है। एनपीसीसी के किसी मार्ग के बंद होने की सूचना नहीं है।
जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र ने सभी संबंधित विभागों को प्राकृतिक आपदा की स्थिति से निपटने के लिए उच्चतम स्तर की तैयारी बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को किसी भी आपदा, दुर्घटना, मार्ग अवरुद्ध होने या अन्य नुकसान की सूचना तत्काल जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र को देने के लिए कहा गया है।











