Rupali Ganguly Deepfake Case: रूपाली गांगुली की आपत्तिजनक तस्वीरें बनाने का आरोप, मामला पहुंचा बॉम्बे हाईकोर्ट

Rupali Ganguly Deepfake Case: अभिनेत्री रूपाली गांगुली ने AI से आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो बनाने का आरोप लगाया है। बॉम्बे हाईकोर्ट से कार्रवाई की मांग की।

'अनुपमा' सीरियल से मशहूर हुईं रूपाली गांगुली ने अपनी फर्जी तस्वीरों और बिना इजाजत नाम इस्तेमाल किए जाने पर बॉम्बे हाईकोर्ट में शिकायत की है। उनका आरोप है कि कुछ वेबसाइटों पर एआई से उनकी आपत्तिजनक तस्वीरें तैयार की गई हैं। मामले की सुनवाई 4 नवंबर को होगी।

एंटरटेनमेंट डेस्क: टीवी सीरियल 'अनुपमा' में अपने किरदार से लोगों का दिल जीतने वाली रूपाली गांगुली अब एक अलग वजह से खबरों में हैं। मामला उनकी उन तस्वीरों का है, जिन्हें कथित तौर पर एआई की मदद से बदलकर इंटरनेट पर डाला गया है। रूपाली का कहना है कि कुछ वेबसाइटों पर उनके नाम और चेहरे का इस्तेमाल उनकी इजाजत के बिना किया जा रहा है। 

इतना ही नहीं, उनकी कुछ फर्जी तस्वीरें आपत्तिजनक तरीके से भी तैयार की गई हैं। इसी बात को लेकर एक्ट्रेस बॉम्बे हाईकोर्ट पहुंची हैं। उन्होंने अदालत से मांग की है कि ऐसी तस्वीरों और उनके नाम का गलत इस्तेमाल करने वाली वेबसाइटों पर रोक लगाई जाए। इस मामले में बुधवार, 4 नवंबर को सुनवाई होनी है।

आखिर रूपाली गांगुली को कोर्ट क्यों जाना पड़ा?

रूपाली गांगुली का कहना है कि इंटरनेट पर कई लोग उनके नाम और तस्वीरों का इस्तेमाल अपनी मर्जी से कर रहे हैं। कहीं उनकी फोटो लगाकर सामान बेचा जा रहा है, तो कहीं ऐसा दिखाया जा रहा है जैसे वह किसी कंपनी या ब्रांड का प्रचार कर रही हों। एक्ट्रेस ने अदालत में बताया है कि उन्होंने इन लोगों को अपनी तस्वीरें इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं दी थी। इसके बावजूद ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उनका चेहरा और नाम दिखाई दे रहा है।

रूपाली की सबसे बड़ी शिकायत एआई से तैयार की गई तस्वीरों को लेकर है। उनका आरोप है कि कुछ वेबसाइट पर उनकी तस्वीरों को बदलकर अश्लील और आपत्तिजनक रूप दिया गया है। ऐसे कंटेंट से उनकी छवि खराब हो सकती है और निजी जिंदगी पर भी असर पड़ सकता है। इसी को लेकर अभिनेत्री ने अपने पर्सनैलिटी और पब्लिसिटी राइट्स की सुरक्षा मांगी है। आसान भाषा में कहें तो रूपाली चाहती हैं कि उनके नाम, चेहरे और आवाज का इस्तेमाल उनकी अनुमति के बिना न किया जाए।

4 नवंबर को बॉम्बे हाईकोर्ट में होगी सुनवाई

रूपाली गांगुली के मामले की सुनवाई बुधवार, 4 नवंबर 2026 को होनी है। यह मामला बॉम्बे हाईकोर्ट के जस्टिस माधव जामदार के सामने आएगा। एक्ट्रेस की ओर से वकील सना रईस खान ने मुकदमा दाखिल किया है। इस मामले में कुल 18 पक्षों को प्रतिवादी बनाया गया है। इनमें ऑनलाइन शॉपिंग और सेलिब्रिटी बुकिंग से जुड़ी वेबसाइटों के साथ Reddit, SeaArt AI और Google के नाम भी शामिल हैं। कुछ ऐसे लोगों का भी जिक्र किया गया है, जिनकी पहचान अभी सामने नहीं आई है।

रूपाली ने अदालत से उन वेबसाइटों और लिंक को हटाने या ब्लॉक करने की मांग की है, जहां उनके नाम या तस्वीरों के गलत इस्तेमाल का आरोप है। इससे पहले 21 अक्टूबर को हाईकोर्ट ने अभिनेत्री को कमर्शियल मुकदमा दाखिल करने की अनुमति दी थी। हालांकि, उस समय अदालत ने उनके आरोपों पर कोई अंतिम फैसला नहीं सुनाया था। अब 4 नवंबर को उनकी अंतरिम राहत की मांग पर सुनवाई होनी है।

रूपाली की तस्वीर लगाकर साड़ियां बेचने का भी आरोप

Rupali Ganguly Deepfake Case: रूपाली गांगुली की आपत्तिजनक तस्वीरें बनाने का आरोप, मामला पहुंचा बॉम्बे हाईकोर्ट

रूपाली गांगुली ने अपनी शिकायत में ऑनलाइन सामान बेचने वाली कुछ वेबसाइटों का भी जिक्र किया है। उनका आरोप है कि इन वेबसाइटों पर उनकी तस्वीरें लगाकर साड़ियां और दूसरे सामान बेचे जा रहे हैं। ऐसी तस्वीरें देखकर किसी ग्राहक को लग सकता है कि रूपाली खुद उस सामान का प्रचार कर रही हैं। लेकिन अभिनेत्री का कहना है कि उन्होंने इसके लिए कोई अनुमति नहीं दी है।

इतना ही नहीं, कुछ सेलिब्रिटी बुकिंग वेबसाइटों पर भी उनके नाम का इस्तेमाल किए जाने की शिकायत की गई है। आरोप है कि इन प्लेटफॉर्म पर ऐसा दिखाया जाता है जैसे रूपाली को किसी निजी कार्यक्रम में बुलाने या किसी ब्रांड का प्रचार कराने के लिए बुक किया जा सकता है। रूपाली का कहना है कि उनका नाम इस्तेमाल करके इस तरह का कारोबार नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने अदालत से मांग की है कि बिना इजाजत उनके चेहरे, नाम और पहचान का इस्तेमाल करने वालों पर रोक लगाई जाए।

आखिर पर्सनैलिटी राइट्स क्या हैं?

पर्सनैलिटी राइट्स किसी व्यक्ति के नाम, चेहरे, आवाज, तस्वीर और पहचान से जुड़ी विशेषताओं की सुरक्षा से संबंधित होते हैं। किसी कलाकार की पहचान का इस्तेमाल बिना अनुमति विज्ञापन, प्रचार या दूसरे व्यावसायिक कामों में किया जाए, तो यह कानूनी विवाद का विषय बन सकता है। एआई तकनीक आने के बाद ऐसे मामले और बढ़े हैं। अब किसी की तस्वीर बदलकर नकली फोटो बनाना या आवाज की नकल करके वीडियो तैयार करना पहले के मुकाबले आसान हो गया है।

डीपफेक के जरिए बनाए गए वीडियो में व्यक्ति कुछ ऐसा करता या बोलता नजर आ सकता है, जो उसने वास्तव में कभी नहीं किया। इसी तकनीक के गलत इस्तेमाल को लेकर कलाकार अदालतों का दरवाजा खटखटा रहे हैं।

सामंथा रुथ प्रभु को भी मिल चुकी है अदालत से राहत

रूपाली गांगुली से पहले अभिनेत्री सामंथा रुथ प्रभु ने भी अपनी पहचान के गलत इस्तेमाल के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट में मुकदमा दायर किया था। सामंथा ने आरोप लगाया था कि उनकी तस्वीरों और आवाज का इस्तेमाल करके एआई डीपफेक, नकली वीडियो और अश्लील सामग्री बनाई जा रही है। 1 अक्टूबर 2026 को बॉम्बे हाईकोर्ट ने उन्हें अंतरिम राहत दी थी। अदालत ने चिह्नित आपत्तिजनक कंटेंट हटाने और उनकी पहचान के बिना अनुमति इस्तेमाल पर रोक लगाने के निर्देश दिए थे।

इस मामले में गूगल और मेटा जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म को भी संबंधित कंटेंट हटाने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि, सामंथा के मामले में दिया गया आदेश रूपाली गांगुली की याचिका पर अपने आप लागू नहीं होगा। अदालत उनके मामले में अलग से फैसला करेगी।

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