Dia Mirza Diwali Controversy: दीया मिर्जा के समर्थन में उतरा विपक्ष, हाईकोर्ट के फैसले के बाद बीजेपी पर साधा निशाना

Dia Mirza Diwali Controversy: बॉम्बे हाईकोर्ट ने दीया मिर्जा का दिवाली वीडियो दोबारा अपलोड करने को कहा। विपक्ष ने फैसले का स्वागत कर बीजेपी पर निशाना साधा

दीया मिर्जा के दिवाली जागरूकता वीडियो को लेकर महाराष्ट्र में सियासी विवाद बढ़ गया है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने बीएमसी को हटाया गया वीडियो दोबारा अपलोड करने का आदेश दिया है। कोर्ट के फैसले के बाद विपक्षी नेताओं ने बीजेपी की आलोचना की है।

एंटरटेनमेंट न्यूज़: बॉलीवुड अभिनेत्री दीया मिर्जा के दिवाली से जुड़े वीडियो पर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक मुद्दा बन गया है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) को वीडियो दोबारा अपलोड करने का निर्देश दिया। इसके बाद शिवसेना (यूबीटी), कांग्रेस, एनसीपी (शरदचंद्र पवार) और एआईएमआईएम के नेताओं ने बीजेपी पर सवाल उठाए हैं। विपक्ष का आरोप है कि प्रदूषण से जुड़ी एक सामान्य अपील को बेवजह धार्मिक विवाद में बदल दिया गया।

बॉम्बे हाईकोर्ट ने वीडियो हटाने पर जताई नाराजगी

दीया मिर्जा का वीडियो हटाए जाने पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई है। जस्टिस गिरीश कुलकर्णी और जस्टिस नीला गोखले की बेंच ने कहा कि पर्यावरण और प्रदूषण से जुड़े मुद्दे को धार्मिक रंग देना ठीक नहीं है। कोर्ट ने बीएमसी से वीडियो दोबारा अपलोड करने को कहा। अदालत का कहना था कि प्रदूषण से हर व्यक्ति प्रभावित होता है। इसमें किसी धर्म या समुदाय के आधार पर फर्क नहीं किया जा सकता।

हाईकोर्ट ने यह भी याद दिलाया कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है और दिवाली सभी समुदायों के लोग मनाते हैं। अदालत ने सार्वजनिक सड़कों पर पटाखे जलाने पर रोक से जुड़े निर्देशों का पालन करने की बात भी कही।

आदित्य ठाकरे ने बीजेपी नेता अमित साटम पर उठाए सवाल

शिवसेना (यूबीटी) के विधायक आदित्य ठाकरे ने हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने मुंबई बीजेपी अध्यक्ष अमित साटम पर निशाना साधते हुए कहा कि शहर में कई समस्याएं हैं, लेकिन बीजेपी नेता का ध्यान हिंदू-मुस्लिम और जाति से जुड़े मुद्दों पर ज्यादा रहता है। आदित्य ठाकरे ने कहा कि बीएमसी ने खुद दीया मिर्जा, माधुरी दीक्षित और क्रिकेटर अजिंक्य रहाणे जैसी हस्तियों को जागरूकता वीडियो बनाने के लिए बुलाया था।

उन्होंने मेयर ऋतु तावड़े के उस बयान पर भी सवाल उठाया, जिसमें उन्होंने वीडियो के बारे में जानकारी नहीं होने की बात कही थी। ठाकरे ने पूछा कि अगर नगर निगम के कामकाज की जानकारी मेयर को ही नहीं है, तो प्रशासन कैसे चलाया जा रहा है।

वारिस पठान ने पूछा, सिर्फ दीया मिर्जा का वीडियो क्यों हटाया?

एआईएमआईएम के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने भी हाईकोर्ट के फैसले को सही बताया। उन्होंने कहा कि अदालत ने स्पष्ट कर दिया है कि यह धार्मिक नहीं, बल्कि पर्यावरण से जुड़ा मामला है। पठान ने आरोप लगाया कि अमित साटम ने दीया मिर्जा को उनके सरनेम की वजह से निशाना बनाया। उन्होंने सवाल किया कि जब माधुरी दीक्षित और अजिंक्य रहाणे ने भी इसी अभियान के तहत वीडियो बनाए थे, तो सिर्फ दीया मिर्जा का वीडियो क्यों हटाया गया?

उनका कहना था कि सभी कलाकारों ने बीएमसी के कहने पर लोगों से अपील की थी। ऐसे में किसी एक कलाकार के साथ अलग व्यवहार करने का क्या कारण है?

किशोरी पेडणेकर ने मेयर ऋतु तावड़े की आलोचना की

Dia Mirza Diwali Controversy: दीया मिर्जा के समर्थन में उतरा विपक्ष, हाईकोर्ट के फैसले के बाद बीजेपी पर साधा निशाना

मुंबई की पूर्व मेयर और शिवसेना (यूबीटी) नेता किशोरी पेडणेकर ने भी इस मामले में बीजेपी को घेरा। उन्होंने कहा कि मेयर की जिम्मेदारी सभी समुदायों का प्रतिनिधित्व करना है, न कि किसी एक धर्म या समूह के पक्ष में बोलना। आईएएनएस से बातचीत में पेडणेकर ने कहा कि दीया मिर्जा ने देश का नाम रोशन किया है और वह संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम की गुडविल एंबेसडर भी रह चुकी हैं।

उन्होंने कहा कि दीया अपनी मर्जी से किसी राजनीतिक अभियान में शामिल नहीं हुई थीं। नगर निगम ने खुद उन्हें बुलाया था। उन्होंने इस वीडियो के बदले कोई पैसा भी नहीं लिया। पेडणेकर ने मेयर की ओर से दीया मिर्जा को ब्लैकलिस्ट करने संबंधी बयान पर भी आपत्ति जताई। उनका कहना था कि इस तरह किसी कलाकार के बारे में बोलना उचित नहीं है।

कांग्रेस और एनसीपी ने भी बीजेपी को घेरा

कांग्रेस के विधान परिषद सदस्य भाई जगताप ने बीजेपी पर छोटी राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि संविधान में धर्म के आधार पर भेदभाव की कोई जगह नहीं है। वहीं एनसीपी (शरदचंद्र पवार) के नेता फहाद अहमद ने आरोप लगाया कि मुंबई नगर निगम के फैसलों पर अमित साटम का प्रभाव है। उन्होंने कहा कि दिवाली और ईद जैसे त्योहार लोगों को जोड़ने का काम करते हैं, लेकिन इस विवाद ने त्योहारों की मूल भावना को नुकसान पहुंचाया है।

दूसरी ओर अमित साटम ने धार्मिक भेदभाव के आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि उन्हें किसी व्यक्ति के धर्म या जाति से आपत्ति नहीं है। उन्होंने हाईकोर्ट की टिप्पणियों का अध्ययन करने की बात भी कही।

आखिर दीया मिर्जा के वीडियो पर कैसे शुरू हुआ विवाद?

दरअसल, बीएमसी ने दिवाली से पहले प्रदूषण रोकने के लिए जागरूकता अभियान शुरू किया था। इसके तहत कई फिल्मी कलाकारों और खिलाड़ियों से लोगों को संदेश देने की अपील की गई। दीया मिर्जा ने अपने वीडियो में लोगों से सार्वजनिक सड़कों, गलियों और फुटपाथों पर पटाखे नहीं जलाने की अपील की थी। उन्होंने वायु और ध्वनि प्रदूषण कम करने पर जोर दिया था।

मुंबई बीजेपी अध्यक्ष अमित साटम ने वीडियो पर आपत्ति जताते हुए कहा था कि दिवाली कैसे मनानी है, इसके लिए किसी से सीख लेने की जरूरत नहीं है। इसके बाद बीएमसी ने दीया का वीडियो अपने सोशल मीडिया अकाउंट से हटा दिया, जबकि दूसरे कलाकारों के वीडियो मौजूद रहे। इस फैसले पर सवाल उठने के बाद दीया मिर्जा ने भी कहा कि उनका संदेश लोगों की सेहत और पर्यावरण की सुरक्षा से जुड़ा था।

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