रूस ने उत्तर कोरियाई बैलिस्टिक मिसाइल से किया हमला? जेलेंस्की का दावा, यूक्रेन युद्ध में नया मोड़

जेलेंस्की ने दावा किया कि रूस ने उत्तर कोरियाई बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया है । रादुश्ने गांव में पांच लोगों की मौत के बाद युद्ध ने नया मोड़ ले लिया।

यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने दावा किया कि रूस ने रादुश्ने गांव पर उत्तर कोरियाई बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया। हमले में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत हुई। मामले की तकनीकी जांच जारी है और वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ गई है।

रूस/यूक्रेन वॉर: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध एक बार फिर नए मोड़ पर पहुंच गया है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने दावा किया है कि रूस ने हालिया हमले में उत्तर कोरिया द्वारा निर्मित बैलिस्टिक मिसाइल का इस्तेमाल किया। यदि यह दावा सही साबित होता है, तो लगभग एक वर्ष बाद पहली बार रूस ने युद्ध में उत्तर कोरियाई मिसाइल का उपयोग किया होगा। यह घटनाक्रम इस ओर संकेत करता है कि मॉस्को ने उत्तर कोरिया से हथियारों की नई खेप हासिल कर ली है और वह अपने मिसाइल हमलों को और तेज करने की तैयारी में है।

रादुश्ने गांव पर हमले में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत

जेलेंस्की के अनुसार, रूस ने यूक्रेन के क्रिवी रीह शहर के पास स्थित रादुश्ने गांव पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया। इस हमले में एक घर पूरी तरह तबाह हो गया और एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत हो गई। मृतकों में माता-पिता और उनके तीन बच्चे शामिल हैं। उन्होंने बताया कि परिवार के अन्य बच्चों और डेढ़ वर्षीय पोते की स्थिति को लेकर तत्काल स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं हो सकी। यूक्रेनी प्रशासन ने इस हमले को हाल के सबसे दर्दनाक नागरिक हमलों में से एक बताया है। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, राहत और बचाव कार्य जारी है तथा प्रभावित क्षेत्र में नुकसान का आकलन किया जा रहा है।

शुरुआती जांच में उत्तर कोरियाई मिसाइल होने का दावा

राष्ट्रपति जेलेंस्की ने अपने संबोधन में कहा कि प्रारंभिक जांच से संकेत मिले हैं कि रादुश्ने पर दागी गई मिसाइल उत्तर कोरिया की थी। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अंतिम निष्कर्ष मिसाइल के मलबे और तकनीकी जांच के बाद ही सामने आएगा। सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, यूक्रेनी रडार ने दो ऐसी मिसाइलों की उड़ान दर्ज की, जिनकी विशेषताएं उत्तर कोरिया की KN-23 या KN-24 कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों से मेल खाती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इन मिसाइलों का इस्तेमाल रूस पहले भी कर चुका है, लेकिन अगस्त 2025 के बाद पहली बार इनके दोबारा इस्तेमाल के संकेत मिले हैं।

बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमला

यूक्रेनी अधिकारियों के मुताबिक रूस ने एक ही रात में दर्जनों मिसाइलें और सैकड़ों ड्रोन दागे। इन हमलों में कम से कम नौ लोगों की मौत हुई और कई अन्य घायल हुए। हमलों का मुख्य निशाना सैन्य और रणनीतिक ठिकाने बताए जा रहे हैं, लेकिन कई नागरिक क्षेत्रों को भी नुकसान पहुंचा। दूसरी ओर, रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उसने यूक्रेन के एयरबेस, हथियार कारखानों, ड्रोन निर्माण इकाइयों, सैन्य संचार केंद्रों और लॉजिस्टिक सुविधाओं को निशाना बनाया। मंत्रालय ने यह भी कहा कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने रातभर में यूक्रेन के 258 ड्रोन मार गिराए।

पोलैंड में भी मिला मिसाइल का गड्ढा

यूक्रेन की सीमा से लगे नाटो सदस्य पोलैंड ने भी एक संदिग्ध घटना की जानकारी दी। पोलिश अधिकारियों के अनुसार, यूक्रेन सीमा से लगभग 80 किलोमीटर दूर एक खेत में करीब 10 मीटर चौड़ा गड्ढा मिला है। शुरुआती जांच में आशंका जताई गई कि यह किसी रूसी मिसाइल के गिरने से बना हो सकता है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

उत्तर कोरिया और रूस की बढ़ती सैन्य साझेदारी

रूस और उत्तर कोरिया के बीच पिछले कुछ वर्षों में सैन्य सहयोग लगातार मजबूत हुआ है। दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी समझौता लागू है और जुलाई में दोनों देशों के विदेश मंत्रियों ने अपने संबंधों को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई थी। दक्षिण कोरिया और पश्चिमी देशों के अनुसार, उत्तर कोरिया पहले ही रूस को लाखों तोप के गोले, मिसाइलें और अन्य सैन्य उपकरण उपलब्ध करा चुका है। इसके अलावा 2024 में उत्तर कोरिया ने हजारों सैनिक भी रूस की सहायता के लिए भेजे थे। दक्षिण कोरिया का दावा है कि युद्ध के दौरान लगभग 2,000 उत्तर कोरियाई सैनिक मारे जा चुके हैं।

यूक्रेन ने जताई नई सैन्य चुनौती

यूक्रेन का कहना है कि रूस अब अधिक संख्या में बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल कर रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, KN-23 और KN-24 जैसी मिसाइलों का वारहेड रूस की इस्कंदर मिसाइलों से बड़ा होता है और इनकी मारक क्षमता भी अधिक है। हालांकि इनकी सटीकता अपेक्षाकृत कम मानी जाती है। यूक्रेन के सामने सबसे बड़ी चुनौती आधुनिक वायु रक्षा प्रणाली की कमी है। बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने में अमेरिकी पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम सबसे प्रभावी माना जाता है, लेकिन यूक्रेन के पास इनकी संख्या सीमित है। लगातार हो रहे मिसाइल हमलों के कारण उसकी वायु रक्षा क्षमता पर दबाव बढ़ता जा रहा है।

नागरिकों पर हमले के आरोप, दोनों देशों ने किया इनकार

रूस और यूक्रेन दोनों ही जानबूझकर नागरिकों को निशाना बनाने के आरोपों से इनकार करते रहे हैं। रूस का कहना है कि वह केवल सैन्य और रणनीतिक ठिकानों पर हमला करता है, जबकि यूक्रेन का आरोप है कि रूस की मिसाइलें बार-बार रिहायशी इलाकों को भी निशाना बना रही हैं। रादुश्ने में हुए हमले ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान नागरिक सुरक्षा और युद्ध के मानवीय प्रभावों की ओर खींचा है।

आगे क्या हो सकता है?

यदि तकनीकी जांच में यह पुष्टि होती है कि रूस ने वास्तव में उत्तर कोरियाई बैलिस्टिक मिसाइल का इस्तेमाल किया है, तो यह युद्ध में एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जाएगा। इससे रूस-उत्तर कोरिया सैन्य सहयोग को लेकर पश्चिमी देशों की चिंताएं और बढ़ सकती हैं। साथ ही यूक्रेन अपने सहयोगी देशों से अतिरिक्त वायु रक्षा प्रणाली और सैन्य सहायता की मांग और तेज कर सकता है। युद्ध के तीसरे वर्ष में प्रवेश कर चुके इस संघर्ष में लगातार बदलती सैन्य रणनीतियां यह संकेत देती हैं कि आने वाले महीनों में मिसाइल और ड्रोन हमलों की तीव्रता और बढ़ सकती है, जिससे क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा पर भी व्यापक प्रभाव पड़ने की आशंका बनी हुई है।

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