Russia-Ukraine War: कीव में रातभर हमले, रूस की ओर से 700 ड्रोन और मिसाइल अटैक

कीव समेत कई शहरों पर रूस के बड़े ड्रोन और मिसाइल हमले में 16 की मौत, 80 से ज्यादा घायल। यूक्रेन ने इसे युद्ध अपराध बताते हुए कार्रवाई की मांग की।

रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान कीव और कई प्रमुख शहरों पर बड़े हवाई हमले में भारी तबाही हुई है। सैकड़ों ड्रोन और मिसाइलों से हुए इस हमले में दर्जनों लोगों की मौत और बड़ी संख्या में घायल हुए हैं। यूक्रेन ने इसे युद्ध अपराध बताते हुए अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई की मांग की है।

Russia-Ukraine War Update: यूक्रेन की राजधानी कीव और अन्य शहरों में बुधवार रात रूस द्वारा किए गए बड़े हवाई हमले ने हालात को गंभीर बना दिया है। कीव, ओडेसा, डिनिप्रो और ज़ापोरिज्जिया में हुए इन हमलों में कम से कम 16 लोगों की मौत हुई और 80 से अधिक घायल हुए। यह हमला कब और कहां हुआ, इसमें रूस की ओर से क्या इस्तेमाल किया गया और क्यों इसे युद्ध अपराध बताया जा रहा है—इन सभी पहलुओं ने अंतरराष्ट्रीय चिंता बढ़ा दी है। यूक्रेन ने तत्काल वैश्विक प्रतिक्रिया की मांग की है।

कीव और अन्य शहरों में भारी तबाही

कीव में हुए हमलों में कम से कम चार लोगों की मौत हुई, जिनमें एक 12 वर्षीय बच्चा भी शामिल है। शहर के कई आवासीय इलाकों में इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं और बचाव कार्य देर रात तक जारी रहा।

ओडेसा, डिनिप्रो और ज़ापोरिज्जिया जैसे शहर भी इस हमले की चपेट में आए। ओडेसा में नौ लोगों की मौत और 23 घायल होने की जानकारी है, जबकि डिनिप्रो में तीन लोगों की जान गई और कई घायल हुए।

700 ड्रोनों से हमला, वायु रक्षा ने बड़ी संख्या रोकी

यूक्रेन के विदेश मंत्रालय के अनुसार रूस ने इस हमले में करीब 700 ड्रोनों और दर्जनों बैलिस्टिक व क्रूज मिसाइलों का इस्तेमाल किया। इनमें बड़ी संख्या में ईरान निर्मित शाहेद ड्रोन शामिल थे।

यूक्रेनी वायुसेना का कहना है कि 703 में से 667 लक्ष्यों को हवा में ही रोक दिया गया, लेकिन कई मिसाइलें और ड्रोन 26 स्थानों पर पहुंचने में सफल रहे, जिससे भारी नुकसान हुआ।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और बढ़ता तनाव

यूक्रेन ने इस हमले को युद्ध अपराध बताते हुए कड़ी अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई की मांग की है। विदेश मंत्री का कहना है कि नागरिक क्षेत्रों पर इस तरह के हमले किसी भी तरह से स्वीकार्य नहीं हैं।

इस घटना ने एक बार फिर रूस-यूक्रेन संघर्ष को और तेज कर दिया है, जिससे क्षेत्रीय तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

Leave a comment