रूस के मिसाइल और ड्रोन हमलों में यूक्रेन में 17 लोगों की मौत, ज़ेलेंस्की बोले- इंटरसेप्टर मिलते तो कई जानें बच सकती थीं

रूस ने कीव और आसपास के क्षेत्रों पर मिसाइल व ड्रोन से हमला किया, जिसमें 17 लोगों की मौत हुई। ज़ेलेंस्की ने सहयोगी देशों से वायु रक्षा प्रणाली सही करने अपील

रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव और आसपास के क्षेत्रों पर मिसाइलों व ड्रोन से बड़ा हमला किया, जिसमें कम से कम 17 लोगों की मौत और दर्जनों लोग घायल हुए। राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने सहयोगी देशों से वायु रक्षा प्रणाली की आपूर्ति तेज करने की अपील की।

रूस/यूक्रेन वॉर: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के बीच एक बार फिर यूक्रेन की राजधानी कीव और उसके आसपास के क्षेत्रों पर बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए गए। यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, इस हमले में कम से कम 17 लोगों की मौत हो गई, जबकि 45 से अधिक लोग घायल हुए हैं। कई रिहायशी इमारतों, रेलवे स्टेशन और गोदामों को नुकसान पहुंचा है। यह हमला वर्ष 2026 में कीव पर हुए सबसे घातक हमलों में से एक माना जा रहा है। हमले के बाद राहत और बचाव दल मलबे में फंसे लोगों की तलाश में जुटे रहे, जबकि कई इलाकों में आग बुझाने का काम घंटों तक जारी रहा।

ज़ेलेंस्की ने सहयोगी देशों से की अपील

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने हमले के बाद कहा कि यदि यूक्रेन को समय पर पर्याप्त संख्या में आधुनिक मिसाइल इंटरसेप्टर और वायु रक्षा प्रणाली मिल जाती, तो कई लोगों की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने कहा कि बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने वाली प्रणालियों और इंटरसेप्टर की आपूर्ति में देरी के कारण नागरिकों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। ज़ेलेंस्की ने यह भी कहा कि इस वर्ष सहयोगी देशों से मिलने वाले इंटरसेप्टर की संख्या पहले की तुलना में काफी कम हो गई है।

हमले में किन स्थानों को नुकसान पहुंचा?

यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, हमले में राजधानी कीव और उसके आसपास के क्षेत्रों में कई रिहायशी इमारतें, एक रेलवे स्टेशन, गोदाम और अन्य नागरिक ढांचे प्रभावित हुए। आपातकालीन सेवाओं ने बताया कि कई स्थानों पर भीषण आग लग गई, जिसे नियंत्रित करने के लिए बड़ी संख्या में दमकल कर्मियों को तैनात किया गया। राहत एजेंसियों ने आशंका जताई कि कुछ लोग मलबे के नीचे फंसे हो सकते हैं।

रूस का दावा

रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसके हमलों का लक्ष्य सैन्य आपूर्ति और लॉजिस्टिक्स से जुड़े केंद्र थे। रूसी अधिकारियों के अनुसार, हमलों में उन स्थानों को निशाना बनाया गया जहां हथियार, सैन्य उपकरण और ड्रोन से संबंधित सामग्री रखी जाती थी। रूस ने यह भी दावा किया कि काला सागर के पास ओडेसा क्षेत्र में हथियार और सैन्य उपकरण ले जा रहे मालवाहक जहाजों को भी निशाना बनाया गया। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

यूक्रेन की वायु रक्षा प्रणाली पर दबाव

यूक्रेन की वायु सेना ने बताया कि हमले के दौरान रूस ने बड़ी संख्या में ड्रोन और कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। वायु रक्षा प्रणाली ने अधिकांश ड्रोन को मार गिराने का दावा किया, लेकिन बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने में सीमित सफलता मिली। विशेषज्ञों का कहना है कि बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने के लिए अत्याधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम और विशेष इंटरसेप्टर की आवश्यकता होती है।

अन्य क्षेत्रों में भी हमले

कीव के अलावा जापोरिज्जिया, डोनेट्स्क और खार्किव क्षेत्रों से भी रूसी हमलों की खबरें सामने आई हैं। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, इन क्षेत्रों में भी बुनियादी ढांचे और नागरिक इलाकों को नुकसान पहुंचा है। हालांकि अलग-अलग क्षेत्रों में हुए नुकसान का पूरा आकलन अभी जारी है।

रूस में भी ड्रोन हमलों की घटनाएं

युद्ध के दौरान यूक्रेन की ओर से भी रूस के कुछ क्षेत्रों में ड्रोन हमलों की खबरें सामने आई हैं। रूस के तुला क्षेत्र के गवर्नर ने बताया कि एक ड्रोन ई-कॉमर्स कंपनी के गोदाम पर गिरा, जिससे आग लग गई और एक व्यक्ति घायल हो गया। अधिकारियों के अनुसार, घटना के बाद परिसर को खाली करा लिया गया और आग बुझाने का अभियान चलाया गया। हाल के दिनों में रूस के विभिन्न क्षेत्रों में गोदामों और अन्य बुनियादी ढांचों पर ड्रोन हमलों की घटनाएं बढ़ी हैं।

दोनों देशों के बीच बढ़ता संघर्ष

पिछले कुछ सप्ताहों में रूस ने यूक्रेन की राजधानी और अन्य प्रमुख शहरों पर हमले तेज किए हैं। वहीं यूक्रेन भी रूस के भीतर रणनीतिक ठिकानों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर जवाबी कार्रवाई कर रहा है। दोनों पक्ष लगातार एक-दूसरे पर नागरिक क्षेत्रों को निशाना बनाने के आरोप लगाते रहे हैं, हालांकि दोनों ही इन आरोपों से इनकार करते हैं।

यूरोपीय संघ का समर्थन जारी

इसी बीच यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा कि यूरोपीय संघ को रूस की फ्रीज की गई संपत्तियों से प्राप्त लगभग 1.4 अरब यूरो की राशि मिली है। उन्होंने बताया कि इस धनराशि का उपयोग यूक्रेन की सहायता और युद्ध से प्रभावित क्षेत्रों के समर्थन के लिए किया जाएगा। यूरोपीय संघ लगातार आर्थिक, मानवीय और सुरक्षा सहायता के माध्यम से यूक्रेन का समर्थन कर रहा है।

वैश्विक सुरक्षा पर बढ़ती चिंता

विश्लेषकों का मानना है कि रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष अब केवल क्षेत्रीय विवाद नहीं रह गया है, बल्कि इसका असर वैश्विक सुरक्षा, ऊर्जा बाजार, खाद्य आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति पर भी पड़ रहा है। लगातार हो रहे हमलों से नागरिकों की सुरक्षा, मानवीय सहायता और युद्धविराम की संभावनाओं को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ रही है।

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