सैन डिएगो मस्जिद गोलीकांड के बाद भी नहीं टूटा मुस्लिम समुदाय का हौसला, कहा- ‘हम मजबूत हैं और डटे रहेंगे’ 

कैलिफोर्निया के सैन डिएगो में मस्जिद और स्कूल पर हुई गोलीबारी में 3 लोगों की मौत हुई। इसे हेट क्राइम माना जा रहा है, मुस्लिम समुदाय ने एकजुटता दिखाई है ।

San Diego की एक मस्जिद और स्कूल में हुई गोलीबारी ने मुस्लिम समुदाय को झकझोर दिया। हमले में तीन लोगों की मौत हुई। अधिकारियों ने इसे हेट क्राइम बताया, जबकि समुदाय ने डरने के बजाय एकजुट रहने का संदेश दिया। 

सैन डिएगो, कैलिफोर्निया: अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य के सैन डिएगो में स्थित एक प्रमुख इस्लामिक सेंटर में हुई भीषण गोलीबारी ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इस हमले में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि बड़ी संख्या में बच्चे और स्टाफ बाल-बाल बच गए। अधिकारियों ने इस घटना को “व्हाइट सुप्रीमेसी से प्रेरित हेट क्राइम” बताया है।

हालांकि इस त्रासदी ने स्थानीय मुस्लिम समुदाय को गहरे सदमे में डाल दिया है, लेकिन समुदाय ने साफ संदेश दिया है कि डर और नफरत के आगे वे झुकने वाले नहीं हैं। शोक, दर्द और भय के बीच भी लोग एकजुट होकर पीड़ित परिवारों के साथ खड़े हैं और सांप्रदायिक नफरत के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं।

स्कूल में एक्टिव शूटर की खबर से मची अफरा-तफरी

सोमवार सुबह लगभग 11:40 बजे स्थानीय निवासी नवाल अल-नूरी को व्हाट्सऐप पर एक संदेश मिला, जिसमें बताया गया कि इस्लामिक सेंटर ऑफ सैन डिएगो के परिसर में एक्टिव शूटर मौजूद है। इसी परिसर में उनकी सात वर्षीय बेटी पढ़ाई करती है।

नवाल ने बताया कि शुरुआत में उन्हें यकीन ही नहीं हुआ कि स्थिति इतनी गंभीर हो सकती है। उन्होंने कहा कि वह सदमे में थीं और कुछ समय तक घर पर ही जमी रह गईं।

उनके पति उमर अल-नूरी, जो पड़ोसी शहर ला होया में वैस्कुलर सर्जन हैं, तुरंत स्कूल पहुंचे। वहां भारी पुलिस बल की मौजूदगी देखकर उन्हें राहत भी मिली और भय भी महसूस हुआ।

उन्होंने कहा कि उनके मन में लगातार यह डर बना रहा कि कहीं हमलावर स्कूल के बच्चों तक न पहुंच गए हों। उस भयावह कल्पना को वह अब तक भूल नहीं पाए हैं।

हमले में तीन लोगों की मौत

अधिकारियों के अनुसार, दो बंदूकधारियों ने इस्लामिक सेंटर परिसर में गोलीबारी की। इस हमले में एक सुरक्षा गार्ड, स्कूल की एक शिक्षिका के पति और एक स्थानीय दुकानदार की मौत हो गई। दुकानदार ने हमले के दौरान पुलिस को सूचना देने के लिए 911 पर कॉल किया था।

जांच एजेंसियों के मुताबिक, पुलिस जब हमलावरों के करीब पहुंची तो एक आरोपी ने अपने साथी को गोली मार दी और बाद में खुद को भी गोली मारकर आत्महत्या कर ली।

यह घटना सैन डिएगो के क्लेयरमॉन्ट इलाके में हुई, जो एक शांत आवासीय क्षेत्र माना जाता है। यहां स्कूल, पार्क, धार्मिक स्थल और बड़ी संख्या में मुस्लिम परिवार रहते हैं।

मुस्लिम समुदाय में शोक, लेकिन एकजुटता भी बढ़ी

हमले के बाद पूरे मुस्लिम समुदाय में गहरा दुख और भय का माहौल है। हालांकि इस दर्दनाक घटना ने लोगों को एकजुट भी किया है।

गुरुवार को आयोजित सार्वजनिक जनाज़ा नमाज़ में कैलिफोर्निया और अमेरिका के अलग-अलग हिस्सों से हजारों लोग पहुंचे। लोगों ने पीड़ित परिवारों के साथ एकजुटता दिखाई और मृतकों को श्रद्धांजलि दी।

जनाज़ा नमाज़ सैन डिएगो स्टेट यूनिवर्सिटी के स्नैपड्रैगन स्टेडियम के पास एक पार्क में आयोजित की गई, जहां बड़ी संख्या में समुदाय के लोग इकट्ठा हुए।

“हम मजबूत हैं, हम आगे बढ़ेंगे”

स्थानीय निवासी और डॉक्टर मुहम्मद रहमान, जिनके बच्चे इस स्कूल में पढ़ते हैं, ने बताया कि गोलीबारी के समय उनके बच्चे खेल के मैदान में मौजूद थे।

उन्होंने कहा कि यह ईश्वर की कृपा थी कि इतने सारे बच्चों की जान बच गई। उनके मुताबिक पूरा समुदाय टूट चुका है, लेकिन हार नहीं मानेगा।

उन्होंने कहा, “हम मजबूत हैं। हम resilient हैं। हम आगे बढ़ेंगे। यही हमारी सामुदायिक ताकत है और यही हमें और मजबूत बनाएगी।

जांच में सामने आया कट्टरपंथ और ऑनलाइन कट्टरता का एंगल

अमेरिकी जांच एजेंसियों ने बताया कि दोनों आरोपी ऑनलाइन कट्टरपंथी विचारधाराओं से प्रभावित थे। अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों के पास से इस्लाम विरोधी, यहूदी विरोधी और महिलाओं के खिलाफ नफरत से भरी सामग्री बरामद हुई है।

एफबीआई ने तीन अलग-अलग घरों से लगभग 30 बंदूकें और एक क्रॉसबो भी बरामद किया है। दोनों संदिग्धों की उम्र 17 और 18 वर्ष बताई गई है, हालांकि कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने अभी तक उनकी पहचान सार्वजनिक नहीं की है।

सैन डिएगो के मेयर टॉड ग्लोरिया ने कहा कि इस हमले की जांच “व्हाइट सुप्रीमेसी से प्रेरित हेट क्राइम” के रूप में की जा रही है।

सुरक्षा प्रोटोकॉल ने बचाईं सैकड़ों जानें

अधिकारियों का कहना है कि स्कूल में पहले से लागू सुरक्षा प्रोटोकॉल, स्टाफ की ट्रेनिंग और पुलिस की त्वरित कार्रवाई के कारण लगभग 140 बच्चों और कर्मचारियों की जान बचाई जा सकी।

स्थानीय मुस्लिम संगठनों ने कहा कि इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि धार्मिक स्थलों और स्कूलों की सुरक्षा को और मजबूत करने की जरूरत है।

अमेरिका में मुस्लिम समुदाय की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

इस हमले के बाद अमेरिका में धार्मिक अल्पसंख्यकों, खासकर मुस्लिम समुदाय की सुरक्षा को लेकर फिर बहस तेज हो गई है।

प्यू रिसर्च स्टडी 2023-24 के अनुसार, सैन डिएगो मेट्रो क्षेत्र की आबादी में मुस्लिम समुदाय की हिस्सेदारी 1 प्रतिशत से भी कम है। इसके बावजूद इस्लामिक सेंटर ऑफ सैन डिएगो क्षेत्र के मुस्लिम समुदाय का एक महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है।

यहां न केवल नमाज़ अदा की जाती है, बल्कि बच्चों की शिक्षा, सामाजिक कार्यक्रम और सामुदायिक गतिविधियां भी आयोजित होती हैं।

गन वायलेंस पर राष्ट्रीय बहस तेज

इस दर्दनाक घटना के बाद अमेरिका में गन वायलेंस को लेकर राष्ट्रीय बहस एक बार फिर तेज हो गई है।

स्थानीय अभिभावकों का कहना है कि किसी भी बच्चे को ऐसी भयावह स्थिति का सामना नहीं करना चाहिए, जहां उसे खून और शवों के बीच से गुजरना पड़े।

कई समुदाय नेताओं और सामाजिक संगठनों ने सरकार से सख्त गन कंट्रोल कानून लागू करने और ऑनलाइन कट्टरता पर रोक लगाने की मांग की है।

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