संभल में शादी का झांसा देकर लोगों को फंसाने और हिडन कैमरे से अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने वाले गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। दंपती समेत तीन आरोपित गिरफ्तार हुए, जबकि दो फरार हैं।
संभल: रजपुरा थाना क्षेत्र में शादी की तलाश कर रहे लोगों को निशाना बनाकर कथित तौर पर ब्लैकमेल करने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस के अनुसार, गिरोह की महिला सदस्य लक्ष्मी फोन पर संपर्क कर लोगों को विश्वास में लेती थी और फिर किराये के कमरे में बुलाकर हिडन कैमरे से आपत्तिजनक वीडियो बनाती थी। इसके बाद पांच लाख रुपये तक की मांग की जाती थी। मामले में दंपती समेत तीन आरोपित गिरफ्तार किए गए हैं।
शादी की तलाश कर रहे लोगों को बनाते थे निशाना
संभल के रजपुरा थाना क्षेत्र में पुलिस ने ऐसे गिरोह का खुलासा किया है, जो शादी की तलाश कर रहे अविवाहित और पत्नी खो चुके लोगों को कथित तौर पर अपने जाल में फंसाता था। पुलिस के मुताबिक, गिरोह में पति-पत्नी के साथ अन्य लोग भी शामिल थे।
एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई के अनुसार, लक्ष्मी ऐसे लोगों के मोबाइल नंबर तलाशती थी, जो शादी करना चाहते थे। वह फोन पर लगातार बातचीत कर पहले उनका विश्वास जीतती थी। इसके बाद मिलने के लिए किराये के कमरे में बुलाया जाता था।
हिडन कैमरे से बनाते थे आपत्तिजनक वीडियो
पुलिस के मुताबिक, किराये के कमरे में पहले से हिडन कैमरा लगाया जाता था। वहां संबंधित व्यक्ति के साथ आपत्तिजनक स्थिति का वीडियो रिकॉर्ड किया जाता था। इसके बाद वीडियो को इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित करने और झूठे दुष्कर्म के मामले में फंसाने की धमकी देकर रकम मांगी जाती थी।
पुलिस के सामने अब तक ऐसे पांच मामले सामने आए हैं, जिनमें ब्लैकमेलिंग और शादी के नाम पर ठगी की जानकारी मिली है। एक मामले में पांच लाख रुपये की मांग किए जाने की शिकायत के बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू की।
40 से 50 हजार रुपये में तय कराते थे शादी
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि जो लोग प्रेमजाल में नहीं फंसते थे, उन्हें शादी कराने का झांसा दिया जाता था। इसके लिए 40 से 50 हजार रुपये में शादी तय कराने की बात कही जाती थी।
लक्ष्मी दुल्हन बनकर संबंधित व्यक्ति के घर जाती थी। पुलिस के अनुसार, मौका मिलते ही वह जेवर, रुपये और अन्य सामान लेकर वहां से निकल जाती थी। इस तरह गिरोह शादी कराने के नाम पर भी लोगों को कथित तौर पर ठगता था।
जांच में सामने आया कि राजकुमार और वेदप्रकाश शादी के लिए तैयार लोगों की तलाश करते थे। वहीं वीरेंद्र उर्फ छोटे शादी के बाद लक्ष्मी को वहां से निकलने में मदद करता था।
शिकायत के बाद तीन आरोपित गिरफ्तार
देवपुरा निवासी होराम सिंह ने 20 अगस्त को पुलिस से शिकायत की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि उनसे पांच लाख रुपये की मांग की गई और रकम नहीं देने पर आपत्तिजनक वीडियो प्रसारित करने तथा झूठे दुष्कर्म के मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई।
शिकायत के आधार पर रजपुरा थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। इसके अगले दिन 21 अगस्त को पुलिस ने सिंघौली कल्लू मंदिर के पास से लक्ष्मी, उसके पति प्रमोद उर्फ पालू और वीरेंद्र उर्फ छोटे को गिरफ्तार कर लिया। वहीं वेदप्रकाश और राजकुमार अभी फरार हैं।
हिडन कैमरा और जेवर समेत सामान बरामद
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपितों के पास से दो जोड़ी पाजेब, मंगलसूत्र, घड़ी, अंगूठी, सिन्दूर की शीशी, नेलपालिश, बिंदी, लाल लहंगा-चुन्नी, नारंगी रंग का लेडीज पर्स और 40 हजार रुपये बरामद किए हैं। इसके अलावा एक हिडन कैमरा भी मिला है।
पुलिस के अनुसार, प्रमोद उर्फ पालू का आपराधिक इतिहास करीब 16 वर्ष पुराना है। उसके खिलाफ गुन्नौर और रजपुरा थानों में 2010 और 2011 में मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट से संबंधित मुकदमे भी शामिल हैं।
फरार आरोपितों की तलाश में पुलिस
पुलिस अब फरार वेदप्रकाश और राजकुमार की तलाश कर रही है। जांच एजेंसी गिरोह के काम करने के तरीके और इससे जुड़े अन्य मामलों की भी जानकारी जुटा रही है।
पुलिस का कहना है कि आरोपितों के फोटो का प्रचार-प्रसार करने की तैयारी की जा रही है, ताकि अन्य लोग उनके संभावित झांसे से बच सकें। मामले में आगे की जांच के आधार पर गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है।










