सम्राट चौधरी बोले- सत्ता में रहकर जाति से चिपके रहना ठीक नहीं, विकास पर हो फोकस

Samrat Choudhary ने कहा कि सत्ता में रहकर जाति की राजनीति से चिपके रहना ठीक नहीं। उन्होंने विकास, कानून व्यवस्था और भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई की बात कही।

पटना में वीर सावरकर जयंती कार्यक्रम के दौरान बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जातीय राजनीति पर टिप्पणी करते हुए विकास को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने अपराध और भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई का भी भरोसा दिलाया।

पटना: बिहार के मुख्यमंत्री Samrat Choudhary ने पटना में आयोजित वीर सावरकर जयंती कार्यक्रम में जातीय राजनीति पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि सत्ता में रहकर जाति से चिपके रहना ठीक नहीं है और बिहार को विकास की दिशा में आगे बढ़ाना जरूरी है। कार्यक्रम में उन्होंने कानून व्यवस्था और भ्रष्टाचार पर भी सख्त रुख दिखाया।

वीर सावरकर जयंती कार्यक्रम में बोले सम्राट चौधरी

पटना में वीर सावरकर की जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कई अहम मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य बिहार में सुशासन बनाए रखना और विकास को प्राथमिकता देना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्ता में रहते हुए केवल जाति की राजनीति से जुड़े रहना सही नहीं है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बिहार को आगे बढ़ाने के लिए विकास, कानून व्यवस्था और पारदर्शिता पर ध्यान देना जरूरी है।

अपराध और भ्रष्टाचार पर सख्त संदेश

सम्राट चौधरी ने कानून व्यवस्था को लेकर भी सख्त चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि राज्य में अपराध करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और बिहार पुलिस 48 घंटे के भीतर कार्रवाई करेगी।

उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार में शामिल लोगों को जेल भेजा जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जो लोग अचानक अमीर बनने की कोशिश करते हैं, उनके यहां जांच एजेंसियों के छापे पड़ते हैं। सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के लिए किसी व्यक्ति की जाति या धर्म मायने नहीं रखता। उन्होंने कहा कि कुछ लोग लगातार जातीय मुद्दों को उठाते रहते हैं, लेकिन सरकार का फोकस विकास और सुशासन पर है।

‘वीर सावरकर की जीवनी’ पुस्तक का लोकार्पण

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ‘वीर सावरकर की जीवनी’ नामक पुस्तक का लोकार्पण भी किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए वीर सावरकर को प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक और साहस का प्रतीक बताया।

सम्राट चौधरी ने लिखा कि वीर सावरकर का जीवन राष्ट्र के प्रति समर्पण, संघर्ष और त्याग का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि उनका जीवन देशहित में काम करने की प्रेरणा देता है।

वीर सावरकर के जीवन पर भी हुई चर्चा

कार्यक्रम में वीर सावरकर के जीवन और योगदान को भी याद किया गया। विनायक दामोदर सावरकर का जन्म 28 मई 1883 को महाराष्ट्र के नासिक जिले में हुआ था। वे स्वतंत्रता आंदोलन के प्रमुख नेताओं और राष्ट्रवादी विचारकों में गिने जाते हैं।

उन्होंने साल 1904 में ‘अभिनव भारत’ संगठन की स्थापना की थी। शुरुआती जीवन से ही वे क्रांतिकारी विचारों से जुड़े रहे और देश की आजादी के आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई।

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