सावन के दूसरे सोमवार पर महाकाल का पंचामृत अभिषेक, ओंकारेश्वर में महाशृंगार; जबलपुर में कांवड़ यात्रा

सावन के दूसरे सोमवार पर महाकाल का पंचामृत अभिषेक और ओंकारेश्वर में महाशृंगार हुआ। जबलपुर में 33 किमी की कांवड़ यात्रा निकली।

सावन के दूसरे सोमवार पर मध्यप्रदेश के प्रमुख शिव मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना हुई। उज्जैन में महाकाल का पंचामृत अभिषेक और ओंकारेश्वर में महाशृंगार किया गया, जबकि जबलपुर में श्रद्धालुओं ने 33 किलोमीटर की कांवड़ यात्रा निकाली।

उज्जैन: सावन के दूसरे सोमवार पर मध्यप्रदेश के प्रमुख शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में बाबा महाकाल का पंचामृत अभिषेक और विशेष पूजन किया गया। ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग में भी भगवान का महाशृंगार हुआ। वहीं जबलपुर में शिवभक्तों ने करीब 33 किलोमीटर की कांवड़ यात्रा निकालकर भगवान शिव को जल अर्पित किया।

महाकाल मंदिर में विशेष पूजा और पंचामृत अभिषेक

सावन के दूसरे सोमवार को उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर में भगवान महाकाल की विशेष आराधना की गई। सुबह से ही मंदिर में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की कतारें लगी रहीं। भक्तों ने बाबा महाकाल के दर्शन कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की।

प्रदोष काल को देखते हुए शाम के समय भी विशेष धार्मिक आयोजन किए गए। भगवान महाकाल का पंचामृत अभिषेक किया गया। दूध, दही, घी, शहद और अन्य पूजन सामग्री से अभिषेक के बाद बाबा का विशेष श्रृंगार किया गया।

सावन में सोमवार का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। इसी वजह से महाकाल मंदिर में सामान्य दिनों की तुलना में श्रद्धालुओं की संख्या काफी अधिक रही। मंदिर प्रशासन की ओर से दर्शन व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष इंतजाम किए गए।

ओंकारेश्वर में भगवान का महाशृंगार

खंडवा जिले में स्थित ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग में भी सावन के दूसरे सोमवार पर विशेष पूजा-अर्चना की गई। भगवान ओंकारेश्वर का महाशृंगार किया गया और विधि-विधान से पूजन संपन्न हुआ।

सावन के दौरान ओंकारेश्वर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। भक्त नर्मदा नदी में स्नान और पूजन के बाद ज्योतिर्लिंग के दर्शन करते हैं। सोमवार के अवसर पर मंदिर परिसर में सुबह से ही भक्तों की आवाजाही बनी रही।

श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक किया और परिवार की सुख-शांति के लिए प्रार्थना की। मंदिर परिसर में धार्मिक वातावरण के बीच हर-हर महादेव के जयकारे गूंजते रहे।

जबलपुर में 33 किलोमीटर की कांवड़ यात्रा

सावन के दूसरे सोमवार पर जबलपुर में भी शिवभक्तों ने लंबी कांवड़ यात्रा निकाली। श्रद्धालु करीब 33 किलोमीटर पैदल यात्रा करते हुए भगवान शिव के मंदिर तक पहुंचे।

कांवड़ यात्रा में बड़ी संख्या में शिवभक्त शामिल हुए। कांवड़ियों ने यात्रा के दौरान धार्मिक जयकारे लगाए और रास्ते में विभिन्न स्थानों पर विश्राम किया। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए स्थानीय स्तर पर सेवा शिविर भी लगाए गए।

कांवड़ियों ने निर्धारित धार्मिक स्थल पर पहुंचकर पवित्र जल से भगवान शिव का जलाभिषेक किया। इस दौरान पूरे मार्ग पर भक्तिमय माहौल देखने को मिला।

सावन सोमवार को लेकर मंदिरों में बढ़ी श्रद्धालुओं की भीड़

सावन के दूसरे सोमवार पर मध्यप्रदेश के प्रमुख शिव मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ रही। उज्जैन और ओंकारेश्वर के अलावा प्रदेश के कई अन्य शिवालयों में भी विशेष पूजा और अभिषेक के आयोजन हुए।

श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए मंदिर प्रशासन और स्थानीय पुलिस ने सुरक्षा एवं भीड़ प्रबंधन के इंतजाम किए। मंदिर परिसरों में प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग व्यवस्थाएं की गईं, ताकि भक्तों को दर्शन के दौरान ज्यादा परेशानी न हो।

सावन के सोमवार को भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। इसी धार्मिक आस्था के चलते बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिरों में पहुंचकर अभिषेक, पूजा और दर्शन करते हैं। सोमवार के दिन महाकाल, ओंकारेश्वर और अन्य शिवालयों में हुए धार्मिक आयोजनों ने पूरे प्रदेश में भक्तिमय माहौल बना दिया।

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