स्कॉर्पियो चोरी गैंग का पर्दाफाश: इंजन-चेसिस नंबर बदलकर बेचते थे वाहन, नेपाल तक फैला था नेटवर्क

राजस्थान: राजधानी जयपुर पुलिस ने अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह पकड़ा। चोरी की स्कॉर्पियो के इंजन-चेसिस नंबर बदलकर बेचते थे आरोपी, नेपाल तक फैला था नेटवर्क।

जयपुर पुलिस ने स्कॉर्पियो चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। चार आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी की गाड़ियां, फर्जी नंबर प्लेट और पहचान बदलने वाले उपकरण बरामद किए गए। गिरोह चोरी के वाहन सीकर ले जाकर नेपाल तक सप्लाई करता था।

जयपुर: राजधानी जयपुर पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय वाहन चोरी गिरोह का खुलासा किया है। जयपुर ईस्ट की विशेष टीम (DST) और रामनगरिया थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह स्कॉर्पियो जैसी महंगी गाड़ियों को चोरी कर उनके इंजन और चेसिस नंबर बदलकर फर्जी दस्तावेजों के सहारे ऊंचे दामों पर बेचता था। गिरोह का नेटवर्क राजस्थान से लेकर दिल्ली, गुजरात, उत्तराखंड और नेपाल तक फैला हुआ था।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की दो स्कॉर्पियो गाड़ियां, वारदात में इस्तेमाल की गई कार, फर्जी नंबर प्लेट, वाहन की पहचान बदलने वाली मशीनें और कई अन्य उपकरण बरामद किए हैं। जांच में सामने आया है कि गिरोह अब तक दो दर्जन से अधिक लग्जरी एसयूवी चोरी कर चुका है।

सीसीटीवी और तकनीकी जांच से पुलिस पहुंची गिरोह तक

जयपुर शहर में लगातार बढ़ रही वाहन चोरी की घटनाओं को देखते हुए पुलिस ने विशेष अभियान शुरू किया था। डीसीपी ईस्ट रंजिता शर्मा के निर्देशन में DST और रामनगरिया थाना पुलिस की टीम ने चोरी की घटनाओं की जांच शुरू की। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी विश्लेषण और मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर वाहन चोर गिरोह की पहचान की। इसके बाद योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

गिरफ्तार आरोपियों में मुख्य आरोपी राहुल मीणा उर्फ कुंदन उर्फ राजा (26) निवासी महवा, दौसा, हरेती मीणा उर्फ मोनू उर्फ दुर्जा (20), सीकर निवासी वाहन खरीदार महिपाल चौधरी (35) और हिमांशु देहिवाल (20) शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी राहुल मीणा पर जयपुर ईस्ट और दौसा पुलिस की ओर से 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित था। वह मध्यप्रदेश के मुरैना और दौसा जिले में दर्ज मामलों में भी फरार चल रहा था।

रेकी के बाद चोरी करते थे महंगी स्कॉर्पियो

पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे एक संगठित गिरोह की तरह काम करते थे। गिरोह के सदस्य पहले शहरों में खड़ी महंगी गाड़ियों की रेकी करते थे। इसके बाद आधुनिक उपकरणों की मदद से कुछ ही समय में वाहन चोरी कर लेते थे। चोरी की गई स्कॉर्पियो गाड़ियों को राजस्थान के सीकर ले जाया जाता था। वहां गिरोह के सदस्य वाहनों के इंजन नंबर और चेसिस नंबर बदल देते थे, जिससे उनकी असली पहचान छिपाई जा सके। इसके बाद फर्जी नंबर प्लेट और दस्तावेजों के जरिए इन वाहनों को बाजार में ऊंची कीमतों पर बेच दिया जाता था।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह के कुछ सदस्य चोरी की गाड़ियों को नेपाल तक पहुंचाने का काम करते थे। इससे पुलिस को आशंका है कि वाहन चोरी का यह नेटवर्क अंतरराष्ट्रीय स्तर तक फैला हुआ हो सकता है।

चोरी की गाड़ियों को नया रूप देने के लिए इस्तेमाल करते थे मशीनें

पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर रामनगरिया और करधनी थाना क्षेत्र से चोरी हुई दो स्कॉर्पियो बरामद की हैं। इसके अलावा वारदात में इस्तेमाल की गई स्विफ्ट कार (RJ23TA-6386), चार एसीएम मशीनें, चार वीसीएम मशीनें, तीन जोड़ी फर्जी नंबर प्लेट और वाहन चोरी में इस्तेमाल होने वाले कई उपकरण जब्त किए गए हैं।

जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि गिरोह ने किन-किन लोगों को चोरी के वाहन बेचे और इसमें कितने अन्य लोग शामिल हैं।

पहले भी दर्ज हैं कई गंभीर मामले

पुलिस जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी राहुल मीणा के खिलाफ राजस्थान और मध्यप्रदेश के अलग-अलग थानों में कई गंभीर मामले दर्ज हैं। इनमें वाहन चोरी, हत्या और आर्म्स एक्ट जैसे अपराध शामिल हैं। वहीं, अन्य आरोपी हरेती मीणा के खिलाफ भी पहले से आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब आरोपियों के पुराने रिकॉर्ड और उनके संपर्कों की जांच कर रही है।

पूछताछ में खुल सकते हैं वाहन चोरी के बड़े राज

फिलहाल रामनगरिया थाना पुलिस आरोपियों से लगातार पूछताछ कर रही है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान चोरी की कई अन्य वारदातों का खुलासा हो सकता है।

जांच के दौरान पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि गिरोह ने अब तक कितने वाहन चोरी किए, उन्हें कहां-कहां बेचा गया और इस नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस का मानना है कि इस कार्रवाई से वाहन चोरी के एक बड़े नेटवर्क को तोड़ने में मदद मिलेगी।

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