SEBI CAS Rules: 20 हजार सुझावों के बाद ट्रेडिंग टाइम पर जल्द आ सकता है सर्कुलर

SEBI CAS Rules: क्लोजिंग ऑक्शन सेशन, ट्रेडिंग टाइम और डेरिवेटिव सेटलमेंट पर सेबी को 20 हजार सुझाव मिले हैं। अब जल्द नए नियमों पर सर्कुलर आ सकता है।

बाजार नियामक सेबी को समापन नीलामी सत्र व्यवस्था, बाजार के कारोबारी समय और वायदा एवं विकल्प (F&O) खंड में अनुबंधों के निपटान की पद्धति में प्रस्तावित बदलावों पर अब तक 20,000 टिप्पणियां मिल चुकी हैं।

बिजनेस न्यूज़: भारतीय शेयर बाजार में ट्रेडिंग और निपटान व्यवस्था से जुड़े प्रस्तावित बदलावों पर बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) को बड़ी संख्या में प्रतिक्रियाएं मिली हैं। समापन नीलामी सत्र (Closing Auction Session-CAS), शेयर बाजार के कारोबारी समय और वायदा एवं विकल्प (F&O) खंड में अनुबंधों की निपटान प्रक्रिया से जुड़े प्रस्तावों पर नियामक को करीब 20,000 टिप्पणियां प्राप्त हुई हैं। अब SEBI इन सुझावों की समीक्षा कर अंतिम रूपरेखा तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसके बाद संबंधित नियमों पर नया सर्कुलर जारी किया जा सकता है।

3 अक्टूबर तक मिले 20 हजार सुझाव

SEBI ने 3 अक्टूबर 2026 को बताया कि शाम सात बजे तक उसके प्रस्तावों पर 20,000 टिप्पणियां प्राप्त हो चुकी थीं। नियामक ने CAS व्यवस्था, बाजार के कारोबारी समय और F&O अनुबंधों की निपटान प्रक्रिया के कुछ पहलुओं की समीक्षा के लिए बाजार प्रतिभागियों और आम लोगों से सुझाव मांगे थे। टिप्पणियों की संख्या SEBI चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय द्वारा पहले बताए गए 3,500 से अधिक सुझावों की तुलना में काफी ज्यादा है। इससे पता चलता है कि प्रस्तावित बदलावों को लेकर निवेशकों, बाजार संस्थानों और अन्य संबंधित पक्षों में व्यापक रुचि है।

जल्द आ सकता है नया सर्कुलर

SEBI चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय ने संकेत दिया है कि नियामक सुझावों की समीक्षा में तेजी लाएगा। उन्होंने कहा कि प्राप्त सभी टिप्पणियों को देखा जाएगा और उसके बाद आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। पांडेय ने यह बात कमोडिटी एंड कैपिटल मार्केट पार्टिसिपेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (CPAІ) के एक कार्यक्रम में कही। 

उनके अनुसार, परामर्श पत्र में प्रस्तावित बदलावों और संबंधित समस्याओं को काफी स्पष्ट तरीके से रखा गया है। इसलिए सुझावों को एकत्र करने और उनका विश्लेषण करने में बहुत अधिक समय लगने की उम्मीद नहीं है। उनसे जब पूछा गया कि क्या इस मामले में जल्द सर्कुलर जारी हो सकता है, तो उन्होंने इसकी संभावना से सहमति जताई।

CAS व्यवस्था की क्यों हो रही समीक्षा?

SEBI ने सितंबर में CAS व्यवस्था की समीक्षा का प्रस्ताव रखा था। इसके साथ ही इंडेक्स और शेयर डेरिवेटिव के समाप्ति वाले दिन निपटान कीमत तय करने की प्रक्रिया में बदलाव पर भी बाजार से राय मांगी गई थी।

CAS यानी समापन नीलामी सत्र का इस्तेमाल नीलामी प्रक्रिया के माध्यम से शेयरों का अंतिम या समापन मूल्य तय करने के लिए किया जाता है। इक्विटी कैश सेगमेंट में CAS व्यवस्था लागू किए जाने के बाद इसके डेरिवेटिव अनुबंधों के निपटान मूल्य पर संभावित प्रभाव को लेकर कुछ चिंताएं सामने आई थीं। इन्हीं मुद्दों को ध्यान में रखते हुए SEBI ने व्यवस्था की समीक्षा शुरू की है।

नियामक के मुताबिक, समीक्षा का उद्देश्य कुछ विशिष्ट समस्याओं का समाधान तलाशना है। इसके लिए बाजार प्रतिभागियों को संभावित समाधान और वैकल्पिक तरीके सुझाने का अवसर दिया गया है।

ट्रेडिंग टाइम में बदलाव पर भी नजर

SEBI की समीक्षा में शेयर बाजार के कारोबारी समय से जुड़े पहलू भी शामिल हैं। ट्रेडिंग के समय में बदलाव का असर निवेशकों, ब्रोकरों, एक्सचेंजों और बाजार से जुड़े दूसरे संस्थानों पर पड़ सकता है। इसलिए अंतिम निर्णय से पहले व्यापक प्रतिक्रिया लेना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 20,000 सुझाव मिलने के बाद अब बाजार की नजर SEBI की अंतिम रूपरेखा पर है। नए सर्कुलर में CAS, कारोबारी समय और F&O निपटान व्यवस्था से जुड़े नियमों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

SEBI चेयरमैन ने कॉरपोरेट बॉन्ड डेरिवेटिव बाजार के विकास पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए प्रभावी नियामकीय व्यवस्था, तकनीकी बुनियादी ढांचा और पर्याप्त बाजार भागीदारी जरूरी है।

SEBI बॉन्ड बाजार में एक्सचेंज के जरिए कारोबार को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठा रहा है। प्राथमिक निर्गमों में इलेक्ट्रॉनिक बोली मंच, ऑनलाइन बॉन्ड प्लेटफॉर्म संचालकों का नियमन और द्वितीयक बाजार में लेनदेन के लिए कोटेशन व्यवस्था को मजबूत करने जैसे उपाय किए गए हैं। SEBI के अनुसार, भविष्य में बॉन्ड इंडेक्स और डेरिवेटिव इस बाजार के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

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