Share Market: ईरान-अमेरिका वार्ता विफल, सेंसेक्स 1,600 अंक टूटा

ईरान-अमेरिका वार्ता विफल होने के बाद शेयर बाजार में भारी गिरावट। Sensex 1,600 अंक टूटा, निवेशकों को बड़ा झटका। जानें पूरी खबर। Iran-US tension बढ़ने से भारतीय

वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव का असर भारतीय शेयर बाजार पर स्पष्ट रूप से देखने को मिल रहा है। आज, 13 अप्रैल 2026 को BSE Sensex और Nifty 50 में भारी गिरावट दर्ज की गई, जब ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता विफल हो गई।

बिजनेस न्यूज़: ईरान और United States के बीच वार्ता विफल होने का असर सीधे भारतीय शेयर बाजार पर देखने को मिल रहा है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के चलते निवेशकों में घबराहट बढ़ी है, जिसका असर सोमवार के कारोबार में साफ नजर आया। शुरुआती ट्रेडिंग में BSE Sensex 1300 अंकों से ज्यादा टूट गया, जबकि प्री-ओपन सेशन में इसमें 4,200 अंकों तक की भारी गिरावट दर्ज की गई थी। यह गिरावट बाजार में अचानक बढ़ी अनिश्चितता को दर्शाती है।

इस गिरावट की मुख्य वजह कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल है। ईरान-अमेरिका तनाव के कारण सप्लाई बाधित होने की आशंका बढ़ गई है, जिससे ग्लोबल मार्केट में तेल महंगा हो गया। भारत जैसे आयात-निर्भर देश के लिए यह स्थिति चिंता का कारण बनती है, क्योंकि इससे महंगाई और कंपनियों की लागत बढ़ने का खतरा रहता है।

बाजार में बड़ी गिरावट

शुरुआती कारोबार में ही BSE Sensex 1,600 अंकों से अधिक गिर गया। सुबह लगभग 9:18 बजे, सेंसेक्स 1,613.09 अंक (2.08%) की गिरावट के साथ 75,937.16 पर ट्रेड कर रहा था। वहीं, Nifty 50 इंडेक्स भी 469.65 अंक (1.95%) की गिरावट के साथ 23,580.95 पर पहुंच गया। प्री-ओपनिंग सेशन में बाजार में और भी अधिक घबराहट देखने को मिली, जहां सेंसेक्स एक समय 4,200 अंक तक नीचे चला गया था, जो इस बात का संकेत है कि निवेशक वैश्विक जोखिमों को लेकर बेहद सतर्क हो गए हैं।

इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता का असफल होना है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बढ़ा दी है। इसके साथ ही, कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल ने भी बाजार पर दबाव डाला है। ब्रेंट क्रूड लगभग 7–8% बढ़कर 102 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है।

सेक्टोरल इंडेक्स में व्यापक गिरावट

आज के कारोबार में लगभग सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में रहे:

  • निफ्टी PSU और रियल्टी इंडेक्स में 3% से अधिक गिरावट
  • ऑटो, बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज, मीडिया और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 2% से अधिक गिरावट
  • ऑयल एंड गैस सेक्टर भी दबाव में रहा

सेंसेक्स के प्रमुख शेयरों में IndiGo, Asian Paints, Bajaj Finance, Maruti Suzuki और Bajaj Finserv में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई। केवल Sun Pharmaceutical Industries का शेयर सीमित बढ़त के साथ अपवाद बना रहा।

ब्रॉडर मार्केट और रुपया भी प्रभावित

बाजार की गिरावट केवल बड़े शेयरों तक सीमित नहीं रही।

  • Nifty Midcap 100 इंडेक्स में 2.28% की गिरावट
  • Nifty Smallcap 100 इंडेक्स में 2.60% की गिरावट

इस बीच, भारतीय मुद्रा भी दबाव में रही। रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 0.6% कमजोर होकर 93.28 पर खुला, जबकि पिछले सत्र में यह 92.72 पर बंद हुआ था। विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट मुख्य रूप से बाहरी कारकों से प्रेरित है, न कि घरेलू आर्थिक कमजोरी से। हालांकि, यदि पश्चिम एशिया में तनाव बना रहता है और कच्चे तेल की कीमतें ऊंची रहती हैं, तो भारतीय बाजार में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

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