लगातार सात दिनों की गिरावट के बाद गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में रिकवरी देखने को मिली। निफ्टी में करीब 0.6% की बढ़त दर्ज हुई। बाजार में इस सुधार की वजह वैल्यू बाइंग और मजबूत वैश्विक संकेतों को माना जा रहा है।
बिजनेस न्यूज़: भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को कई दिनों की लगातार गिरावट के बाद राहत भरी तेजी देखने को मिली। निफ्टी करीब 0.6 फीसदी की बढ़त के साथ बंद हुआ, जिससे निवेशकों का भरोसा कुछ हद तक लौटा है। अब शुक्रवार के कारोबारी सत्र में भी बाजार की शुरुआत सकारात्मक रहने के संकेत मिल रहे हैं। GIFT निफ्टी में तेजी, India VIX में गिरावट और चुनिंदा शेयरों में कॉर्पोरेट गतिविधियां बाजार की दिशा तय कर सकती हैं।
हालांकि, वैश्विक बाजारों से मिलेजुले संकेत और अमेरिका में प्रमुख शेयर सूचकांकों की कमजोरी निवेशकों को सतर्क भी रख सकती है। ऐसे में आज बाजार में तेज एकतरफा रैली के बजाय सीमित दायरे में कारोबार और सेक्टर आधारित खरीदारी देखने को मिल सकती है।
GIFT निफ्टी दे रहा सकारात्मक शुरुआत का संकेत
शुक्रवार सुबह GIFT निफ्टी करीब 53 अंक यानी 0.22 फीसदी की बढ़त के साथ 24,350 के आसपास कारोबार करता दिखा। इससे घरेलू शेयर बाजार में सकारात्मक शुरुआत की उम्मीद बढ़ी है। पिछले कारोबारी सत्र में आई रिकवरी के बाद निवेशकों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि क्या निफ्टी अपनी तेजी को आगे बढ़ा पाता है या ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली शुरू होती है।
बाजार के लिए एक और सकारात्मक संकेत India VIX से मिला है। निवेशकों के डर और बाजार की संभावित अस्थिरता को दर्शाने वाला यह सूचकांक करीब 5 फीसदी गिरकर 10.76 के स्तर पर पहुंच गया। VIX में गिरावट आमतौर पर कम घबराहट और अपेक्षाकृत स्थिर कारोबारी माहौल का संकेत मानी जाती है।
सात दिन की गिरावट के बाद लौटी खरीदारी
भारतीय बाजार में हाल के दिनों में लगातार बिकवाली का दबाव बना हुआ था। करीब सात कारोबारी सत्रों की कमजोरी के बाद गुरुवार को निचले स्तरों पर निवेशकों ने खरीदारी की। बाजार में इसे ‘वैल्यू बाइंग’ के रूप में देखा जा रहा है, जहां निवेशकों ने गिरावट के बाद आकर्षक मूल्यांकन वाले शेयरों में रुचि दिखाई।
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि वैश्विक संकेतों में बड़ा नकारात्मक बदलाव नहीं होता है तो घरेलू बाजार में रिकवरी जारी रह सकती है। हालांकि, निवेशकों को व्यापक बाजार की चाल के साथ बैंकिंग, ऊर्जा, रक्षा, रेलवे और औद्योगिक क्षेत्रों में बनने वाले अवसरों पर भी नजर रखनी होगी।

अमेरिकी बाजारों में गिरावट से बढ़ी सतर्कता
गुरुवार को अमेरिका के तीनों प्रमुख शेयर सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए। ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी ने जोखिम वाली परिसंपत्तियों में निवेश को प्रभावित किया। इसके अलावा, रिटेल क्षेत्र से जुड़े कमजोर कॉर्पोरेट नतीजों ने उपभोक्ता खर्च और आर्थिक गतिविधियों को लेकर चिंता बढ़ाई। तेल की कीमतों में तेजी भी वैश्विक निवेशकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें महंगाई के दबाव को बढ़ा सकती हैं, जिसका असर केंद्रीय बैंकों की नीतियों और शेयर बाजारों पर पड़ सकता है।
एशियाई बाजारों और कमोडिटी पर नजर
शुक्रवार को एशियाई बाजारों में भी कमजोरी और साप्ताहिक दबाव देखने को मिला। वैश्विक बॉन्ड बाजार की स्थिति और ऊर्जा कीमतों में तेजी निवेशकों की प्रमुख चिंता बनी हुई है। मध्य पूर्व में जारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण तेल आपूर्ति को लेकर जोखिम बना हुआ है। वहीं, सोने की कीमतों में स्थिरता के बावजूद कीमती धातु लगातार तीसरे सप्ताह बढ़त की दिशा में रही। कमजोर डॉलर और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड से जुड़े घटनाक्रमों ने सोने को समर्थन दिया। डॉलर में उतार-चढ़ाव भी वैश्विक निवेश धारणा को प्रभावित कर सकता है।
आज इन शेयरों पर रहेगी खास नजर
आज के कारोबार में कॉर्पोरेट गतिविधियों और कंपनी से जुड़े अहम घटनाक्रमों के कारण भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (BPCL), हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL), रेलटेल कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया, सात्विक ग्रीन एनर्जी और संवर्धन मदरसन इंटरनेशनल के शेयर फोकस में रह सकते हैं। ऊर्जा क्षेत्र में कच्चे तेल की कीमतों की चाल का असर BPCL जैसे शेयरों पर पड़ सकता है। वहीं रक्षा क्षेत्र में HAL, रेलवे और सरकारी परियोजनाओं से जुड़े RailTel तथा ऑटो कंपोनेंट क्षेत्र की कंपनियों में भी निवेशकों की गतिविधि देखने लायक होगी।










