शीतलहर में स्ट्रोक का खतरा बढ़ा, इन लोगों को खास सतर्कता की जरूरत

शीतलहर में स्ट्रोक का खतरा बढ़ा, इन लोगों को खास सतर्कता की जरूरत

शीतलहर के दौरान ब्रेन स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है, खासकर हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, हार्ट डिजीज और उम्रदराज लोगों में. डॉ. दलजीत सिंह के अनुसार, ठंड में नसें सिकुड़ने से ब्लड क्लॉट बन सकता है, जिससे स्ट्रोक का जोखिम रहता है. गर्म कपड़े पहनें, हाइड्रेशन बनाए रखें और शुरुआती लक्षणों पर तुरंत इलाज कराएं.

ठंड में स्ट्रोक का खतरा: देश के कई इलाकों में शीतलहर के बीच ब्रेन स्ट्रोक का जोखिम बढ़ गया है. दिल्ली के GB पंत अस्पताल के पूर्व HOD डॉ. दलजीत सिंह के अनुसार, ठंड में नसें सिकुड़ने से ब्लड प्रेशर और हार्ट पर दबाव बढ़ता है, जिससे ब्लड क्लॉट बन सकता है. इससे स्ट्रोक होने का खतरा अधिक रहता है. खासकर हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, हार्ट डिजीज और 60 साल से अधिक उम्र वाले लोगों को सतर्क रहना चाहिए. शुरुआती लक्षण जैसे धुंधला दिखना, चक्कर आना या बोलने में दिक्कत दिखते ही तुरंत चिकित्सीय मदद लें.

ठंड में क्यों बढ़ता है स्ट्रोक का खतरा

डॉ. दलजीत सिंह, पूर्व HOD, न्यूरोसर्जरी, GB पंत अस्पताल के अनुसार, ठंड के मौसम में नसें सिकुड़ जाती हैं, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ता है और हार्ट पर दबाव पड़ता है. इससे शरीर में ब्लड क्लॉट बनने का खतरा रहता है. अगर यह क्लॉट दिमाग में बन जाता है तो ब्रेन स्ट्रोक हो सकता है. स्ट्रोक दो प्रकार का होता है और दोनों ही खतरनाक हैं, इसलिए समय पर चिकित्सा बेहद जरूरी है.

सर्दियों में बचने के आसान उपाय

स्ट्रोक से बचने के लिए सर्दियों में अचानक ठंड में बाहर न निकलें. बाहर जाने से पहले हल्की स्ट्रेचिंग करें और गर्म कपड़े पहनें. शरीर में पानी की कमी न होने दें; दिन में कम से कम 7-8 गिलास पानी पीना जरूरी है. खानपान पर ध्यान दें और ज्यादा फैट या नमक वाला खाना न खाएं, क्योंकि अधिक नमक ब्लड प्रेशर बढ़ा सकता है और स्ट्रोक का खतरा बढ़ा देता है.

ब्रेन स्ट्रोक के लक्षण पहचानें

स्ट्रोक के शुरुआती लक्षणों में धुंधला दिखना, चक्कर आना, सिर में तेज दर्द, चलने-फिरने में परेशानी और बोलने में दिक्कत शामिल हैं. इन संकेतों को नजरअंदाज न करें और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें. समय पर इलाज से गंभीर स्थिति से बचा जा सकता है.

शीतलहर में स्ट्रोक का जोखिम बढ़ जाता है, इसलिए हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, हार्ट डिजीज और उम्रदराज लोगों को खास सतर्कता बरतनी चाहिए. गर्म कपड़े पहनें, हाइड्रेशन बनाए रखें और खानपान का ध्यान दें. शुरुआती लक्षण दिखते ही तुरंत चिकित्सीय सहायता लें.

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