सीकर की शेखावाटी यूनिवर्सिटी के बाहर NSUI छात्रों का अनिश्चितकालीन धरना जारी है। छात्रसंघ चुनाव बहाली, फीस वृद्धि वापस लेने, हॉस्टल शुरू करने और लाइब्रेरी व खेल सुविधाओं में सुधार की मांग को लेकर छात्र बारिश के बीच रातभर धरने पर बैठे रहे।
सीकर: शेखावाटी यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ चुनाव बहाल करने समेत विभिन्न छात्रहित की मांगों को लेकर NSUI का आंदोलन लगातार जारी है। संगठन के छात्र शनिवार शाम से विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार के बाहर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। बारिश के बीच छात्रों ने रातभर धरनास्थल पर रहकर प्रदर्शन किया। छात्रों ने तंबू लगाकर आंदोलन शुरू किया है और मांगें पूरी होने तक धरना जारी रखने की बात कही है।
ज्ञापन देने पहुंचे छात्रों को गेट पर रोकने का आरोप
NSUI जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश नागा के नेतृत्व में छात्र विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार को ज्ञापन सौंपने पहुंचे थे। NSUI का आरोप है कि 8 अगस्त को जब संगठन के कार्यकर्ता और छात्र ज्ञापन देने विश्वविद्यालय पहुंचे, तो सुरक्षा कर्मचारियों ने उन्हें मुख्य द्वार पर ही रोक दिया। छात्रों का कहना है कि वे अपनी मांगों को प्रशासन के सामने रखना चाहते थे, लेकिन उन्हें परिसर में प्रवेश नहीं दिया गया।
NSUI नेताओं के मुताबिक, छात्रों का ज्ञापन लेने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई अधिकारी भी मौके पर नहीं पहुंचा। इसके बाद छात्रों ने विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार के बाहर धरना शुरू कर दिया। शनिवार शाम से शुरू हुआ यह प्रदर्शन अब अनिश्चितकालीन धरने में बदल गया है।
बारिश के बीच रातभर जारी रहा धरना
प्रदर्शनकारी छात्रों ने बारिश के बावजूद अपना आंदोलन जारी रखा। छात्रों ने धरनास्थल पर तंबू लगाया और रातभर वहीं मौजूद रहे। NSUI नेताओं का कहना है कि आंदोलन पूरी तरह छात्रहित की मांगों को लेकर किया जा रहा है और जब तक विश्वविद्यालय प्रशासन उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेता, तब तक धरना समाप्त नहीं किया जाएगा। छात्र नेताओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर उनकी समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि कई बार छात्रों से जुड़े मुद्दे उठाए गए, लेकिन अब तक उनका समाधान नहीं हुआ है।
छात्रसंघ चुनाव बहाली सबसे बड़ी मांग
NSUI के प्रदर्शन में छात्रसंघ चुनाव की बहाली प्रमुख मांग है। छात्र नेताओं का कहना है कि छात्रसंघ चुनाव विद्यार्थियों को अपनी समस्याओं और अधिकारों के लिए प्रतिनिधित्व का लोकतांत्रिक मंच उपलब्ध कराते हैं। इसलिए विश्वविद्यालय में चुनाव प्रक्रिया को फिर से शुरू किया जाना चाहिए। NSUI का कहना है कि छात्रसंघ चुनाव के अलावा विश्वविद्यालय की फीस और सुविधाओं से जुड़े कई मुद्दे भी छात्रों के लिए महत्वपूर्ण हैं। संगठन ने प्रशासन से इन सभी मांगों पर बातचीत कर समाधान निकालने की अपील की है।
फीस वृद्धि वापस लेने की मांग
छात्रों ने विश्वविद्यालय में फीस वृद्धि वापस लेने की मांग भी उठाई है। NSUI नेताओं का कहना है कि फीस बढ़ने से विद्यार्थियों और उनके परिवारों पर आर्थिक दबाव बढ़ता है। संगठन ने प्रशासन से फीस वृद्धि के फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की है।
इसके साथ ही छात्रों ने विश्वविद्यालय के हॉस्टल शुरू करने की मांग भी रखी है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि दूसरे क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों के लिए हॉस्टल की सुविधा जरूरी है। इससे छात्रों को रहने की समस्या से राहत मिल सकती है।
लाइब्रेरी और खेल सुविधाओं में सुधार की मांग
NSUI ने विश्वविद्यालय की लाइब्रेरी सुविधाओं में सुधार की मांग भी की है। छात्रों का कहना है कि बेहतर शिक्षा के लिए पर्याप्त किताबें, अध्ययन सामग्री और सुविधाजनक अध्ययन व्यवस्था उपलब्ध होनी चाहिए। इसके अलावा ऑडिटोरियम और खेल मैदान की व्यवस्था करने की मांग भी प्रदर्शनकारियों ने उठाई है। छात्र नेताओं के अनुसार, विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास के साथ खेल और अन्य गतिविधियों के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना विश्वविद्यालय की जिम्मेदारी है।
लेट फीस बंद करने और सिंगल विंडो सिस्टम की मांग
छात्रों ने लेट फीस की व्यवस्था खत्म करने की मांग भी की है। NSUI का कहना है कि प्रशासनिक प्रक्रियाओं में देरी होने पर विद्यार्थियों से अतिरिक्त शुल्क लिया जाता है, जिससे उन पर आर्थिक बोझ बढ़ता है। साथ ही छात्रों ने विश्वविद्यालय में सिंगल विंडो सिस्टम लागू करने की मांग की है। उनका कहना है कि विद्यार्थियों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने के बजाय एक ही स्थान पर आवश्यक प्रशासनिक सेवाएं मिलनी चाहिए।
स्थायी फैकल्टी भर्ती की मांग
NSUI ने विश्वविद्यालय में स्थायी फैकल्टी की भर्ती की मांग भी उठाई है। छात्र नेताओं के अनुसार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए पर्याप्त संख्या में योग्य और स्थायी शिक्षक होना जरूरी है। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से शिक्षकों की भर्ती को लेकर जल्द कार्रवाई करने की मांग की है।
छात्रों का कहना है कि शिक्षकों की पर्याप्त संख्या और बेहतर शैक्षणिक व्यवस्था विद्यार्थियों की पढ़ाई के लिए महत्वपूर्ण है। इसलिए फैकल्टी भर्ती का मुद्दा भी आंदोलन की प्रमुख मांगों में शामिल किया गया है।
कई छात्र नेता धरने में शामिल
शेखावाटी यूनिवर्सिटी के बाहर चल रहे धरने में NSUI प्रदेश सचिव प्रशांत बाजौर और नितिन मीणा समेत कई छात्र नेता शामिल हैं। शेखावाटी यूनिवर्सिटी इकाई अध्यक्ष मुकेश तारपुरा के अलावा प्रवीण सुंडा, नरेंद्र गुर्जर, पवन सैनी, राहुल सुंडा, अभिनव बड़ोदिया और पूजा वर्मा सहित अन्य कार्यकर्ता भी आंदोलन में शामिल हैं।
NSUI नेताओं ने कहा है कि जब तक विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों की मांगों पर सकारात्मक जवाब नहीं देता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। संगठन ने प्रशासन से छात्रों के प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत करने और समस्याओं का समाधान निकालने की मांग की है।
प्रशासन के जवाब का इंतजार
फिलहाल छात्र विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार के बाहर धरने पर बैठे हैं और प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहे हैं। NSUI ने स्पष्ट किया है कि छात्रसंघ चुनाव बहाली सहित अन्य मांगों पर ठोस कार्रवाई होने तक अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा।
छात्रों की मांगों में छात्रसंघ चुनाव बहाली, फीस वृद्धि वापस लेना, हॉस्टल शुरू करना, लाइब्रेरी सुविधाओं में सुधार, ऑडिटोरियम और खेल मैदान की व्यवस्था, लेट फीस खत्म करना, सिंगल विंडो सिस्टम लागू करना और स्थायी फैकल्टी भर्ती शामिल हैं। अब विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इस आंदोलन को लेकर क्या कदम उठाया जाता है, इस पर सभी की नजर है।











