शेयर बाजार में भारी गिरावट: ₹5 लाख करोड़ का नुकसान, सेंसेक्स 999 अंक लुढ़का

भारतीय शेयर बाजार में आज बड़ी गिरावट देखने को मिली, जिससे निवेशकों को करीब ₹5 लाख करोड़ का नुकसान हुआ। सेंसेक्स 999 अंक तक गिर गया। जानिए इस गिरावट

भारतीय शेयर बाजार में लगातार तीसरे दिन गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों को बड़ा झटका लगा है। वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण बाजार में बिकवाली का दबाव बना हुआ है। सप्ताह के इस कारोबारी सत्र में BSE Sensex और Nifty 50 दोनों प्रमुख सूचकांकों में तेज गिरावट देखने को मिली।

बिजनेस न्यूज़: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का असर घरेलू शेयर बाजार पर लगातार देखने को मिल रहा है। गुरुवार को भी बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों की चिंता और बढ़ गई है। कारोबार के दौरान बीएसई सेंसेक्स में 1,200 अंकों से ज्यादा की गिरावट देखी गई, जबकि निफ्टी 50 करीब 350 अंक तक लुढ़क गया। 

दिन के अंत में सेंसेक्स 999.79 अंक यानी 1.29% गिरकर 76,664.21 के स्तर पर बंद हुआ, वहीं निफ्टी 275.10 अंक यानी 1.14% की कमजोरी के साथ 23,897.95 पर आ गया। इससे पहले वाले सत्र में भी बाजार में कमजोरी रही थी, जहां सेंसेक्स 852.49 अंक और निफ्टी 205.05 अंक नीचे बंद हुआ था।

सेंसेक्स और निफ्टी में तेज गिरावट

कारोबार के अंत में BSE Sensex 999.79 अंक यानी 1.29% गिरकर 76,664.21 पर बंद हुआ। वहीं Nifty 50 275.10 अंक यानी 1.14% फिसलकर 23,897.95 पर आ गया। इससे पहले दिन के दौरान सेंसेक्स में 1,200 अंकों से अधिक की गिरावट देखी गई थी, जबकि निफ्टी करीब 350 अंक तक नीचे चला गया था। पिछले तीन कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स में कुल मिलाकर लगभग 2,600 अंकों की गिरावट आ चुकी है, जो निवेशकों के लिए चिंता का विषय है।

इस गिरावट का सीधा असर बाजार की कुल पूंजी पर पड़ा है। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप करीब ₹5 लाख करोड़ तक घट गया है।
यह गिरावट निवेशकों के विश्वास और बाजार की स्थिरता पर दबाव को दर्शाती है।

आईटी सेक्टर में सबसे ज्यादा गिरावट

इस गिरावट में सबसे ज्यादा नुकसान आईटी सेक्टर को हुआ। Infosys के शेयर करीब 7% तक गिर गए, जो सेंसेक्स के सबसे बड़े नुकसान वाले शेयरों में शामिल रहे। इसके अलावा HCL Technologies, Tata Consultancy Services और Tech Mahindra के शेयरों में भी 1% से 5% तक की गिरावट दर्ज की गई। आईटी सेक्टर पर वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और डॉलर की मजबूती का असर देखा जा रहा है।

आईटी के अलावा फार्मा, मीडिया और एफएमसीजी सेक्टर के शेयरों में भी गिरावट रही। ICICI Bank, Hindustan Unilever और ITC Limited जैसे बड़े शेयरों में भी कमजोरी देखी गई। हालांकि कुछ शेयरों में तेजी भी देखने को मिली, जिनमें Bajaj Finance, State Bank of India और HDFC Bank शामिल हैं।

रिलायंस इंडस्ट्रीज पर भी दबाव

देश की सबसे मूल्यवान कंपनी Reliance Industries के शेयरों में भी गिरावट देखी गई। कंपनी का शेयर लगभग 0.90% गिरकर 1331 रुपये के आसपास बंद हुआ। रिलायंस के शेयर अपने जनवरी के उच्चतम स्तर से अब तक 15% से अधिक गिर चुके हैं। निवेशकों की नजर अब कंपनी के तिमाही नतीजों पर टिकी है, जो बाजार की दिशा तय कर सकते हैं।

बाजार में गिरावट का एक बड़ा कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड करीब 107 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया है।
तेल की कीमतों में उछाल से महंगाई और आयात बिल बढ़ने की आशंका रहती है, जिससे निवेशकों का मनोबल कमजोर होता है। बेंचमार्क इंडेक्स के अलावा मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी गिरावट देखी गई। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में लगभग 0.96% और स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.87% की गिरावट दर्ज की गई।

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