AAP के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने भाजपा में शामिल होने का ऐलान किया। उन्होंने 10 में से 7 सांसदों के साथ आने का दावा किया। इस फैसले से पंजाब और राष्ट्रीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
चंडीगढ़: भारत की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है, जहां आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद Raghav Chadha ने पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने का ऐलान किया है। इस फैसले ने राष्ट्रीय राजनीति, खासकर पंजाब और दिल्ली की सियासत में हलचल पैदा कर दी है। चड्ढा ने दावा किया है कि AAP के दो-तिहाई राज्यसभा सांसद उनके साथ BJP में शामिल होंगे।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में बड़ा दावा
दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में Raghav Chadha ने कहा कि AAP के कुल 10 राज्यसभा सांसदों में से 7 सांसद उनके साथ हैं और जल्द ही वे सभी औपचारिक रूप से BJP जॉइन करेंगे। इस सूची में Sandeep Pathak, Ashok Mittal, Swati Maliwal और Harbhajan Singh जैसे नाम शामिल बताए गए।
चड्ढा ने इसे संविधान के तहत वैध बताते हुए कहा कि यदि दो-तिहाई सांसद किसी अन्य पार्टी में जाना चाहते हैं, तो यह उनका संवैधानिक अधिकार है।
“गलत पार्टी में सही व्यक्ति था”
अपने संबोधन में Raghav Chadha ने कहा कि उन्हें लंबे समय से यह महसूस हो रहा था कि वे “गलत पार्टी में सही व्यक्ति” हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि AAP, जो भ्रष्टाचार खत्म करने के उद्देश्य से बनी थी, अब खुद समझौतावादी और भ्रष्ट तत्वों के प्रभाव में आ गई है।
उन्होंने यह भी कहा कि वे पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से एक रहे हैं और दिल्ली तथा पंजाब में पार्टी को खड़ा करने में उनकी अहम भूमिका रही है।
ED छापे के बाद अशोक मित्तल का फैसला
इस घटनाक्रम में Ashok Mittal का नाम भी चर्चा में है। उनके घर 15 अप्रैल को प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी हुई थी, जिसके करीब 10 दिन बाद उन्होंने पार्टी छोड़ने का फैसला लिया। AAP नेताओं ने आरोप लगाया है कि केंद्रीय एजेंसियों के दबाव में यह राजनीतिक टूट-फूट कराई जा रही है।

AAP की तीखी प्रतिक्रिया
AAP नेतृत्व ने इस पूरे घटनाक्रम को “ऑपरेशन लोटस” करार दिया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता Sanjay Singh ने आरोप लगाया कि BJP केंद्र की एजेंसियों का इस्तेमाल कर विपक्षी दलों को तोड़ रही है।
संजय सिंह ने कहा कि जिन नेताओं को AAP ने जमीन से उठाकर संसद तक पहुंचाया, वही अब पार्टी के साथ विश्वासघात कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब की जनता इस “राजनीतिक खेल” को माफ नहीं करेगी।
कांग्रेस की प्रतिक्रिया
इस घटनाक्रम पर कांग्रेस नेता Sukhjinder Singh Randhawa ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जब पार्टी का “मुख्य आर्किटेक्ट” ही साथ छोड़ दे, तो यह पार्टी के लिए गंभीर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने Arvind Kejriwal और Bhagwant Mann से जवाब मांगते हुए कहा कि आने वाले चुनावों से पहले और भी नेता पार्टी छोड़ सकते हैं।
पृष्ठभूमि: पहले भी बढ़े थे मतभेद
इस घटनाक्रम से पहले AAP ने 2 अप्रैल को Raghav Chadha को राज्यसभा में उपनेता पद से हटा दिया था। इसके बाद उन्होंने एक वीडियो जारी कर कहा था कि उन्हें संसद में बोलने से रोका गया और उनकी आवाज दबाई गई।
AAP नेताओं ने आरोप लगाया था कि चड्ढा पार्टी लाइन से हटकर काम कर रहे थे और महत्वपूर्ण मुद्दों पर पार्टी के साथ नहीं खड़े हो रहे थे।
पंजाब चुनाव पर असर
यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। 2024 लोकसभा चुनाव में AAP ने पंजाब में 3 सीटें जीती थीं, लेकिन अब पार्टी के अंदर इस तरह की टूट से चुनावी समीकरण बदल सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि राज्यसभा सांसदों का यह दावा सही साबित होता है, तो यह AAP के लिए बड़ा झटका होगा और BJP को पंजाब में राजनीतिक बढ़त मिल सकती है।











