तमिलनाडु में 6 अक्टूबर को होने वाले विधानसभा उपचुनाव के लिए सत्तारूढ़ टीवीके ने गुरुवार को अपने उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर दिया। इन उपचुनावों में टीवीके का सीधा मुकाबला अपने प्रमुख प्रतिद्वंद्वी द्रमुक से होगा।
Tamil Nadu By-Election 2026: तमिलनाडु की दो विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव से राज्य की राजनीति में एक नया मुकाबला तैयार हो गया है। अभिनेता से राजनेता बने सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली तमिलागा वेत्री कझगम (TVK) ने मदुरंथकम और धारापुरम सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं। खास बात यह है कि पार्टी ने दोनों सीटों पर ऐसे नेताओं को टिकट दिया है, जो पहले AIADMK के विधायक रह चुके हैं।
टीवीके के इस फैसले को विजय की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। पार्टी स्थानीय स्तर पर पहले से स्थापित राजनीतिक आधार वाले चेहरों के जरिए सीटों पर पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है। दूसरी ओर DMK और AIADMK ने भी अपने प्रत्याशी मैदान में उतार दिए हैं, जिससे मुकाबला त्रिकोणीय होने के आसार हैं।
TVK के लिए क्यों अहम हैं ये उपचुनाव?
मदुरंथकम और धारापुरम में होने वाले उपचुनाव टीवीके के लिए खास महत्व रखते हैं। यह चुनाव पार्टी के सत्ता में आने के बाद पहला बड़ा चुनावी परीक्षण माना जा रहा है। विजय की पार्टी ने विधानसभा चुनाव के बाद सहयोगी दलों के समर्थन से सरकार बनाई है और अब उसे इन उपचुनावों के जरिए जमीनी स्तर पर अपनी राजनीतिक ताकत साबित करनी होगी।
दो सीटों के नतीजे यह संकेत दे सकते हैं कि सरकार बनने के बाद टीवीके को मतदाताओं का कितना समर्थन हासिल है और पार्टी विपक्षी दलों के सामने किस स्थिति में खड़ी है।
किन नेताओं पर TVK ने जताया भरोसा?
टीवीके ने मरागथम कुमारवेल को मदुरंथकम और पी. सत्यबामा को धारापुरम विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया है। दोनों नेता पहले AIADMK के टिकट पर इन्हीं सीटों से विधायक रह चुकी हैं। कुमारवेल इस समय टीवीके की उप महासचिव हैं, जबकि सत्यबामा पार्टी के तिरुप्पुर दक्षिण-पूर्व जिला संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभालती हैं। दोनों नेताओं के स्थानीय राजनीतिक संपर्क और पुराने चुनावी अनुभव को TVK अपने पक्ष में इस्तेमाल करना चाहती है।
इन दोनों सीटों की खासियत यह भी है कि इन्हें AIADMK का मजबूत आधार माना जाता रहा है। ऐसे में पूर्व AIADMK विधायकों को उम्मीदवार बनाकर विजय की पार्टी एक साथ स्थानीय पहचान और संगठनात्मक अनुभव का लाभ लेने की कोशिश कर रही है।
दोनों सीटें खाली क्यों हुईं?

मदुरंथकम और धारापुरम सीटों पर उपचुनाव की नौबत राजनीतिक बदलाव के कारण आई। 23 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव में मरागथम कुमारवेल और पी. सत्यबामा ने AIADMK उम्मीदवार के तौर पर अपनी-अपनी सीट जीती थीं। बाद में दोनों ने विधायक पद से इस्तीफा दे दिया और TVK में शामिल हो गईं। उनके इस्तीफे के बाद दोनों विधानसभा क्षेत्र खाली हो गए, जिसके चलते अब यहां दोबारा चुनाव कराया जा रहा है।
इस स्थिति ने उपचुनाव को और दिलचस्प बना दिया है, क्योंकि अब दोनों पूर्व विधायक उसी क्षेत्र में नई पार्टी के उम्मीदवार के रूप में मतदाताओं के बीच जाएंगी।
किस गठबंधन के साथ चुनाव लड़ेगी TVK?
विजय ने बताया है कि दोनों आरक्षित सीटों पर चुनाव ‘सेक्युलर सोशल जस्टिस विक्ट्री फ्रंट’ के नाम से लड़ा जाएगा। गठबंधन का नाम सहयोगी दलों के साथ हुई बैठक के बाद तय किया गया है। इसमें कांग्रेस और MDMK भी शामिल हैं। गठबंधन के जरिए TVK सामाजिक न्याय और धर्मनिरपेक्ष राजनीति के मुद्दों को चुनावी अभियान के केंद्र में रखने की कोशिश कर सकती है। साथ ही स्थानीय उम्मीदवारों की पहचान को गठबंधन के समर्थन के साथ जोड़ना पार्टी की रणनीति का अहम हिस्सा होगा।
DMK और AIADMK ने किसे उतारा?
सत्तारूढ़ या प्रमुख विपक्षी धड़े के रूप में देखी जाने वाली DMK और AIADMK भी मुकाबले को हल्के में नहीं ले रही हैं। DMK ने मदुरंथकम से वकील आई. परंदामन और धारापुरम से एस. सुगन्या को उम्मीदवार बनाया है। परंदामन पहले इस सीट से विधायक रह चुके हैं। वहीं AIADMK ने मदुरंथकम से पूर्व विधायक कनिथा संपत को टिकट दिया है, जबकि धारापुरम से के. बानुमति चुनाव मैदान में हैं। इस तरह दोनों सीटों पर तीनों प्रमुख राजनीतिक धड़ों के बीच मुकाबला दिलचस्प हो गया है।
चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार 6 अक्टूबर 2026 को दोनों विधानसभा सीटों पर मतदान होगा। मतों की गिनती 9 अक्टूबर को की जाएगी। फिलहाल नामांकन प्रक्रिया जारी है और आने वाले दिनों में चुनाव प्रचार तेज होने की संभावना है।












