तमिलनाडु की सत्तारूढ़ DMK ने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय पर राजनीतिक अवसरवाद का आरोप लगाते हुए TVK के कांग्रेस, VCK, IUML और MDMK के साथ गठबंधन पर निशाना साधा है। DMK के मुखपत्र मुरासोली ने इसे “अवसरवादी कैश-बॉक्स गठबंधन” बताया।
चेन्नई: तमिलनाडु की सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) ने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय पर राजनीतिक अवसरवाद का आरोप लगाया है। DMK के तमिल मुखपत्र मुरासोली में प्रकाशित एक संपादकीय में विजय के कांग्रेस, विदुथलाई चिरुथैगल काची (VCK), इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) और मरुमलार्ची द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (MDMK) के साथ गठबंधन को निशाना बनाया गया। संपादकीय में टीवीके के नेतृत्व वाले नए गठबंधन को “अवसरवादी कैश-बॉक्स गठबंधन” करार दिया गया। मुरासोली ने विजय के चुनाव से पहले दिए गए बयानों और सत्ता में आने के बाद बनाए गए राजनीतिक गठजोड़ के बीच कथित विरोधाभास को अपने हमले का मुख्य आधार बनाया।
नए गठबंधन की तस्वीर पर DMK का तंज
मुरासोली ने नए गठबंधन के नाम ‘सेक्युलर सोशल जस्टिस विक्ट्री अलायंस’ का उल्लेख करते हुए TVK की ओर से जारी एक तस्वीर पर भी कटाक्ष किया।
इस तस्वीर में विजय के साथ तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी (TNCC) के प्रमुख बी. माणिकम टैगोर, VCK प्रमुख थोल थिरुमावलवन, IUML नेता केएम कादर मोहिद्दीन और MDMK नेता वाइको दिखाई दिए थे।
DMK के मुखपत्र ने दावा किया कि चुनाव से पहले विजय इन्हीं राजनीतिक दलों को अलग नजरिए से देखते थे, जबकि अब उनके नेता सरकार में सहयोगी के तौर पर उनके साथ खड़े हैं।
चुनाव से पहले के बयानों को किया याद
मुरासोली ने विजय के पुराने बयानों का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने पहले DMK के नेतृत्व वाले गठबंधन की तुलना टूटे हुए शीशे से की थी, जिसे जोड़ दिया गया हो। इसके अलावा उन्होंने गठबंधन को सिलकर दोबारा तैयार किए गए फटे कपड़े जैसा भी बताया था। संपादकीय के अनुसार, चुनाव प्रचार के दौरान विजय ने कई राजनीतिक दलों के नाम लेने के बजाय उन्हें “और अन्य” कहकर संबोधित किया था।
मुरासोली ने इसी आधार पर सवाल उठाया कि जिन दलों को विजय ने पहले राजनीतिक रूप से उल्लेख के योग्य नहीं माना था, उन्हीं के नेताओं के साथ अब वह मंच साझा कर रहे हैं और उन्हें अपने राजनीतिक गठबंधन का हिस्सा बना रहे हैं।
कांग्रेस को लेकर विजय की पुरानी टिप्पणी का जिक्र
DMK के मुखपत्र ने कांग्रेस को लेकर विजय की पूर्व टिप्पणी को भी अपने संपादकीय में शामिल किया। मुरासोली ने विजय के उस बयान का उल्लेख किया जिसमें उन्होंने कांग्रेस पर DMK के हाथों “बिक जाने” का आरोप लगाया था।
संपादकीय ने सवाल उठाया कि अपनी गठबंधन व्यवस्था में कांग्रेस को शामिल करने के लिए विजय ने बदले में क्या दिया। मुरासोली ने इसी संदर्भ में विजय के पुराने “कैश-बॉक्स गठबंधन” वाले बयान को फिर से उठाया और TVK के मौजूदा गठबंधन को “अवसरवादी कैश-बॉक्स गठबंधन” बताया।
सरकार बनाने के लिए बहुमत पर सवाल
मुरासोली ने अपने संपादकीय में TVK की सरकार बनाने की स्थिति पर भी सवाल उठाया। उसने दावा किया कि TVK ने बहुमत के लिए जरूरी 118 सीटें अकेले नहीं जीतीं और सरकार बनाने के लिए गठबंधन सहयोगियों के समर्थन पर निर्भर रहना पड़ा।
DMK के मुखपत्र के अनुसार, DMK गठबंधन से कांग्रेस के पांच उम्मीदवार, VCK के दो और IUML के दो उम्मीदवार जीते। इसके अलावा MDMK के दो उम्मीदवार भी चुनाव जीते, जिन्होंने DMK के ‘राइजिंग सन’ चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़ा था। इन आंकड़ों का इस्तेमाल करते हुए संपादकीय ने TVK सरकार की राजनीतिक निर्भरता पर सवाल उठाया।
सहयोगियों को मंत्री पद देने का आरोप
मुरासोली ने आरोप लगाया कि विजय ने गठबंधन सहयोगियों का समर्थन हासिल करने के लिए उन्हें मंत्री पद देने की पेशकश की। संपादकीय में दावा किया गया कि कांग्रेस को दो मंत्री पद दिए गए, जबकि VCK और IUML को एक-एक मंत्री पद मिला। हालांकि, ये दावे DMK के मुखपत्र के संपादकीय में लगाए गए राजनीतिक आरोपों के रूप में सामने आए हैं। मुरासोली ने इन्हीं आरोपों के आधार पर विजय की मौजूदा गठबंधन राजनीति पर सवाल खड़े किए।
वाइको के आरोपों का भी उल्लेख
DMK के अखबार ने विजय पर हॉर्स-ट्रेडिंग का आरोप लगाते हुए MDMK नेता वाइको के पहले के दावे का भी जिक्र किया।
मुरासोली के अनुसार, वाइको ने दावा किया था कि मुख्यमंत्री ने MDMK के दो विधायकों से इस्तीफा देने के लिए कहा था। संपादकीय के मुताबिक, वाइको ने अपनी पार्टी की महासभा की बैठक में भी इस आरोप को दोहराया था। मुरासोली ने इस पुराने दावे को TVK की मौजूदा गठबंधन राजनीति पर अपने हमले का हिस्सा बनाया।
थिरुमावलवन की पुरानी आलोचना भी सामने रखी
मुरासोली ने VCK प्रमुख थोल थिरुमावलवन की विजय को लेकर पहले की गई आलोचनाओं को भी याद किया। संपादकीय के अनुसार, थिरुमावलवन ने पहले विजय की कल्याणकारी योजनाओं पर सवाल उठाए थे और उन पर DMK के नेतृत्व वाले गठबंधन को तोड़ने की कोशिश करने का आरोप लगाया था।
DMK के मुखपत्र ने इस पुराने रुख और मौजूदा राजनीतिक स्थिति के बीच अंतर की ओर इशारा किया। उसने कहा कि अब थिरुमावलवन और अन्य नेता विजय के साथ नए गठबंधन में दिखाई दे रहे हैं।
DMK ने ‘अवसरवाद’ को बनाया मुख्य मुद्दा
मुरासोली के संपादकीय का मुख्य तर्क विजय की राजनीतिक स्थिति में कथित बदलाव पर केंद्रित रहा। DMK ने कहा कि चुनाव से पहले जिन दलों और गठबंधनों को विजय अलग नजरिए से देखते थे, सत्ता में आने के बाद उन्हीं राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ गठबंधन किया गया।
इसी कथित बदलाव को आधार बनाकर DMK ने विजय को “अवसरवादी” बताया। संपादकीय ने यह भी तर्क दिया कि नए गठबंधन के लिए विजय द्वारा इस्तेमाल किए गए राजनीतिक समीकरण उनके चुनाव-पूर्व बयानों से मेल नहीं खाते।
‘कैश-बॉक्स अलायंस’ पर खत्म हुआ संपादकीय
मुरासोली ने अपने संपादकीय के अंत में विजय के पुराने शब्दों का इस्तेमाल करते हुए TVK के नए गठबंधन पर तंज कसा। DMK के मुखपत्र ने कहा कि राजनीतिक रुख में आया बदलाव “अवसरवाद” को दर्शाता है। इसी आधार पर उसने नए गठबंधन को विजय की पहले की भाषा उधार लेते हुए “अवसरवादी कैश-बॉक्स गठबंधन” बताया।
इस पूरे विवाद के केंद्र में TVK का कांग्रेस, VCK, IUML और MDMK के साथ नया राजनीतिक गठबंधन है। DMK ने गठबंधन की संरचना, सरकार के बहुमत और सहयोगी दलों को कथित तौर पर दिए गए मंत्री पदों को लेकर सवाल उठाए हैं।
मुरासोली का यह संपादकीय तमिलनाडु की राजनीति में सत्तारूढ़ DMK और विजय के नेतृत्व वाले TVK के बीच बढ़ते राजनीतिक टकराव को दर्शाता है। हालांकि, संपादकीय में लगाए गए आरोपों पर संबंधित पक्षों की ओर से प्रतिक्रिया इस स्रोत में शामिल नहीं है।











