शेयर बाजार में गिरावट: निफ्टी 24,200 के नीचे बंद, सेंसेक्स भी फिसला

Stock Market Today: सप्ताह के कारोबार में निफ्टी 24,200 के नीचे बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स में भी गिरावट दर्ज की गई। जानें किन सेक्टर्स और शेयरों ने बाजार पर दबाव

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिला। सोमवार को घरेलू शेयर बाजार गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुआ, जिससे लगातार दो कारोबारी सत्रों से जारी तेजी का सिलसिला टूट गया।

बिजनेस न्यूज़: सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में बिकवाली का दबाव देखने को मिला। सोमवार को प्रमुख सूचकांक बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी 50 दोनों गिरावट के साथ बंद हुए, जिससे पिछले दो कारोबारी सत्रों से जारी तेजी का सिलसिला थम गया। वैश्विक स्तर पर बढ़ती भू-राजनीतिक अनिश्चितता, कच्चे तेल की कीमतों में मजबूती और विदेशी निवेशकों की सतर्कता का असर घरेलू बाजार पर भी दिखाई दिया।

ऑटो, आईटी और बैंकिंग शेयरों में बिकवाली के चलते बाजार दबाव में रहा, जबकि फार्मा और हेल्थकेयर जैसे रक्षात्मक (Defensive) सेक्टरों में निवेशकों की दिलचस्पी बनी रही। इसके साथ ही भारतीय रुपया भी लगातार दो दिनों की मजबूती के बाद अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोर हुआ।

सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में बंद

कारोबार समाप्त होने पर बीएसई सेंसेक्स 372.10 अंक यानी 0.48 प्रतिशत की गिरावट के साथ 76,728.37 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 50 109.75 अंक यानी 0.46 प्रतिशत टूटकर 23,946.25 के स्तर पर बंद हुआ। व्यापक बाजार (Broad Market) में भी कमजोरी का माहौल रहा। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.37 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.62 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जिससे यह संकेत मिला कि बिकवाली केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रही।

किन सेक्टरों में रही मजबूती और कहां दिखी कमजोरी?

सेक्टोरल प्रदर्शन पर नजर डालें तो फार्मा, हेल्थकेयर और मेटल शेयरों ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया। इन क्षेत्रों में निवेशकों ने सुरक्षित विकल्प के रूप में खरीदारी जारी रखी। इसके विपरीत, ऑटो सेक्टर सबसे अधिक दबाव में रहा और इसमें लगभग 2 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा आईटी, ऑयल एंड गैस, मीडिया, प्राइवेट बैंक, पीएसयू बैंक और रियल्टी इंडेक्स भी कमजोरी के साथ बंद हुए। विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और निवेशकों की सतर्क रणनीति के कारण जोखिम वाले सेक्टरों में फिलहाल दबाव बना रह सकता है।

किन शेयरों में सबसे ज्यादा उतार-चढ़ाव रहा?

दिनभर के कारोबार में कई दिग्गज कंपनियों के शेयर दबाव में रहे। बैंकिंग और ऑटो सेक्टर की प्रमुख कंपनियों में बिकवाली देखने को मिली, जबकि कुछ हेल्थकेयर और फार्मा कंपनियों ने सकारात्मक प्रदर्शन किया। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशक फिलहाल वैश्विक घटनाक्रम, कॉर्पोरेट आय और विदेशी निवेशकों के रुख पर करीबी नजर बनाए हुए हैं।

निफ्टी के लिए कौन-से स्तर हैं महत्वपूर्ण?

तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार निफ्टी फिलहाल एक सीमित दायरे (Range-Bound) में कारोबार कर रहा है। हाल के कारोबारी सत्रों में 24,200 के आसपास मजबूत प्रतिरोध (Resistance) देखने को मिला है, जिसे पार करने में बाजार सफल नहीं हो सका। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले सत्रों में बिकवाली जारी रहती है तो 23,800 का स्तर महत्वपूर्ण सपोर्ट साबित हो सकता है। वहीं, ऊपर की ओर 24,250 का स्तर निकट भविष्य में प्रमुख रेजिस्टेंस माना जा रहा है।

तकनीकी चार्ट पर बनी नकारात्मक कैंडल यह संकेत देती है कि बाजार में फिलहाल निवेशकों का रुख सतर्क बना हुआ है और अगले कुछ कारोबारी सत्रों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

रुपये में भी दिखी कमजोरी

शेयर बाजार के साथ-साथ विदेशी मुद्रा बाजार में भी भारतीय रुपया दबाव में रहा। लगातार दो दिनों की मजबूती के बाद सोमवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोर हुआ। विश्लेषकों के अनुसार महीने के अंत में आयातकों की डॉलर मांग, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव ने रुपये पर दबाव बढ़ाया। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि लंबी अवधि का रुख अभी भी पूरी तरह नकारात्मक नहीं हुआ है।

यदि डॉलर मजबूत बना रहता है और वैश्विक जोखिम बढ़ता है तो रुपये में सीमित कमजोरी देखने को मिल सकती है। वहीं, विदेशी पूंजी प्रवाह और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आने पर भारतीय मुद्रा को समर्थन मिल सकता है।

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